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जीवन में समाज की भलाई के काम करने की जरूरत
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तालीम के बिना जीवन अधूरा
कैराना। दारुल उलूम देवबंद के शोबा तहफ्फुज खत्म-ए-नुबुव्वत के नायब सदर हजरत मौलाना शाह आलम गोरखपुरी ने कहा कि तालीम के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने बच्चों से शिक्षित होकर देश सेवा में योगदान देने पर जोर दिया।
बृहस्पतिवार को अंजुमन खिदमत-ए-खल्क की ओर से मोहल्ला इकबालपुरा में स्थित एवरग्रीन पब्लिक स्कूल में ‘तालीम की अहमियत और जरूरत’ के शीर्षक पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि दारुल उलूम देवबंद के शोबा तहफ्फुज खत्म-ए-नुबुव्वत के नायब सदर हजरत मौलाना शाह आलम गोरखपुरी ने कहा कि 1857 की क्रांति में महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी का योगदान नहीं भुलाया जा सकता। शिक्षा से समाज का प्रत्येक बच्चा मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी का उदाहरण पेश कर सकता है। मौलाना नूरूल हसन राशिद ने कहा कि पवित्र कुरान ने इंसानियत की तालीम दी है, जिंदगी जीने के तरीके मनुष्य को सिखाए है। लंदन से आए वर्ल्ड इस्लामिक फोरम के चेयरमैन मौलाना ईसा मंसूरी ने कहा कि कुरान और हदीस की तालीम पर अमल करने वाले इंसान की जिंदगी संवर जाती है। एसडीएम डाक्टर अमित पाल शर्मा ने कहा कि जिंदगी में जिसे जो भी मिला, वह शिक्षा की बदौलत ही मिला है। शर्म महसूस होती है जब दुकानों पर मासूम बच्चे नौकरी करते मिलते हैं, लेकिन ऐसे बच्चे आम तौर पर किसी को अपनी समस्या बता नहीं सकते, इसलिए बच्चों का हमें ही ध्यान रखना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना ईसा मंसूरी और संचालन मुफ्ती साजिद नदवी ने किया। कार्यक्रम मौलाना नूरूल हसन राशिद की विश्व शांति, राष्ट्र एकता एवं अखंडता, खुशहाली, उन्नति आदि की विशेष दुआओं पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूल के प्रबंधक अफजाल सैफी, मौलाना उमैर, मौलाना इमरान, कारी इस्राईल, मुफ्ती नासिर, मुफ्ती शहजाद, लुधियाना से शकील सैफी, सरफराज सैफी, दिल्ली से हाजी कसीम सैफी, हाजी अनीस अहमद सैफी, नौशाद अली, हाजी हबीब अहमद, हाजी अब्दुल वाजिद, आरिफ अंसारी, इस्लाम मंसूरी, शाहिद सैफी, मोहम्मद उमर, खुर्शीद अंसारी, इंतजार मलिक, इरफान शम्सी, साजिद हसन, ताहिर शम्सी, जीशान मलिक, इलियास अंसारी, हाजी जहीर, नईम मंसूरी, अजीम मंसूरी आदि मौजूद रहे।
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कैराना। दारुल उलूम देवबंद के शोबा तहफ्फुज खत्म-ए-नुबुव्वत के नायब सदर हजरत मौलाना शाह आलम गोरखपुरी ने कहा कि तालीम के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने बच्चों से शिक्षित होकर देश सेवा में योगदान देने पर जोर दिया।
बृहस्पतिवार को अंजुमन खिदमत-ए-खल्क की ओर से मोहल्ला इकबालपुरा में स्थित एवरग्रीन पब्लिक स्कूल में ‘तालीम की अहमियत और जरूरत’ के शीर्षक पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि दारुल उलूम देवबंद के शोबा तहफ्फुज खत्म-ए-नुबुव्वत के नायब सदर हजरत मौलाना शाह आलम गोरखपुरी ने कहा कि 1857 की क्रांति में महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी का योगदान नहीं भुलाया जा सकता। शिक्षा से समाज का प्रत्येक बच्चा मौलाना रहमतुल्लाह कैरानवी का उदाहरण पेश कर सकता है। मौलाना नूरूल हसन राशिद ने कहा कि पवित्र कुरान ने इंसानियत की तालीम दी है, जिंदगी जीने के तरीके मनुष्य को सिखाए है। लंदन से आए वर्ल्ड इस्लामिक फोरम के चेयरमैन मौलाना ईसा मंसूरी ने कहा कि कुरान और हदीस की तालीम पर अमल करने वाले इंसान की जिंदगी संवर जाती है। एसडीएम डाक्टर अमित पाल शर्मा ने कहा कि जिंदगी में जिसे जो भी मिला, वह शिक्षा की बदौलत ही मिला है। शर्म महसूस होती है जब दुकानों पर मासूम बच्चे नौकरी करते मिलते हैं, लेकिन ऐसे बच्चे आम तौर पर किसी को अपनी समस्या बता नहीं सकते, इसलिए बच्चों का हमें ही ध्यान रखना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना ईसा मंसूरी और संचालन मुफ्ती साजिद नदवी ने किया। कार्यक्रम मौलाना नूरूल हसन राशिद की विश्व शांति, राष्ट्र एकता एवं अखंडता, खुशहाली, उन्नति आदि की विशेष दुआओं पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूल के प्रबंधक अफजाल सैफी, मौलाना उमैर, मौलाना इमरान, कारी इस्राईल, मुफ्ती नासिर, मुफ्ती शहजाद, लुधियाना से शकील सैफी, सरफराज सैफी, दिल्ली से हाजी कसीम सैफी, हाजी अनीस अहमद सैफी, नौशाद अली, हाजी हबीब अहमद, हाजी अब्दुल वाजिद, आरिफ अंसारी, इस्लाम मंसूरी, शाहिद सैफी, मोहम्मद उमर, खुर्शीद अंसारी, इंतजार मलिक, इरफान शम्सी, साजिद हसन, ताहिर शम्सी, जीशान मलिक, इलियास अंसारी, हाजी जहीर, नईम मंसूरी, अजीम मंसूरी आदि मौजूद रहे।
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