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मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर रसोई माताओं ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:41 PM IST
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रसोई माताओं का कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन
शामली। मानदेय बढ़ाने की माग को लेकर भोजन माताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। वहीं, डीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की। रसोई माताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नही किया जाता तो वह आंदोलन करेगी।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रसोई माता के पद पर कार्य कर रही महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने डीएम को ज्ञापन देते हुए बताया कि वे पिछले कई सालों से रसोई माता के पद पर काम कर रही है। वे गरीब परिवारों से हैं तथा उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वे प्रतिदिन कई सौ बच्चों का भोजन तैयार करती हैं, लेकिन उन्हें दस माह के लिए केवल एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाता है। भोजन माताओं ने उन्हें एक हजार की बजाय प्रतिमाह दस हजार रुपये वेतन दिए जाने की मांग की। इस मौके पर मोनिका, अनिता, सुधा, रमेश, बिट्टो, रेखा, सुशीला, मितलेश, सुरेशो, कमलेश, मोनिका, गीता, रेशमा, नीलू, कुसुम, राजेश, सुशीला, सुनीता, माधुरी आदि भी मौजूद रहीं।
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शामली। मानदेय बढ़ाने की माग को लेकर भोजन माताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। वहीं, डीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की। रसोई माताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नही किया जाता तो वह आंदोलन करेगी।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रसोई माता के पद पर कार्य कर रही महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने डीएम को ज्ञापन देते हुए बताया कि वे पिछले कई सालों से रसोई माता के पद पर काम कर रही है। वे गरीब परिवारों से हैं तथा उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वे प्रतिदिन कई सौ बच्चों का भोजन तैयार करती हैं, लेकिन उन्हें दस माह के लिए केवल एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाता है। भोजन माताओं ने उन्हें एक हजार की बजाय प्रतिमाह दस हजार रुपये वेतन दिए जाने की मांग की। इस मौके पर मोनिका, अनिता, सुधा, रमेश, बिट्टो, रेखा, सुशीला, मितलेश, सुरेशो, कमलेश, मोनिका, गीता, रेशमा, नीलू, कुसुम, राजेश, सुशीला, सुनीता, माधुरी आदि भी मौजूद रहीं।
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