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ठंडे बस्ते में गई भैंसवाल सिंचाई विभाग के निरीक्षण परियोजना
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:02 AM IST
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शामली। भैंसवाल गांव में सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन के सुंदरीकरण की योजना को सिंचाई विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया हैं। एक वर्ष पूर्व शासन से स्वीकृत हुई 15 लाख रुपये की धनराशि को पूर्वी यमुना नहर खंड के अफसरों ने वापस शासन को भेज दिया हैं।
जिले के भैंसवाल गांव में पूर्वी यमुना नहर खंड के किनारे सिंचाई विभाग का निरीक्षण भवन अंग्रेजों के समय से बना हुआ है। कई सालों से यह भवन खस्ता हाल में हैं। अखिलेश सरकार में योजना आयोग के सदस्य डाक्टर सुधीर पंवार के अथक प्रयास से निरीक्षण भवन के सुंदरीकरण के लिए 89 करोड़ तीन लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। इसमें वर्ष 2016-17 के लिए 44 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि जारी की गई। सरकार बदलने के बाद पूर्वी यमुुना नहर खंड की ओर से नामित निर्माण एजेेेंसी ने 29 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निरीक्षण भवन की चारदीवारी पर खर्च की गई थी। मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद सुंदरीकरण की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 15 लाख अवशेष धनराशि अफसरों द्वारा गत 15 मार्च 2017 को शासन को वापस चली गई है। पूर्वी यमुुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र राणा ने इसकी पुष्टि की है।
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जिले के भैंसवाल गांव में पूर्वी यमुना नहर खंड के किनारे सिंचाई विभाग का निरीक्षण भवन अंग्रेजों के समय से बना हुआ है। कई सालों से यह भवन खस्ता हाल में हैं। अखिलेश सरकार में योजना आयोग के सदस्य डाक्टर सुधीर पंवार के अथक प्रयास से निरीक्षण भवन के सुंदरीकरण के लिए 89 करोड़ तीन लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। इसमें वर्ष 2016-17 के लिए 44 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि जारी की गई। सरकार बदलने के बाद पूर्वी यमुुना नहर खंड की ओर से नामित निर्माण एजेेेंसी ने 29 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निरीक्षण भवन की चारदीवारी पर खर्च की गई थी। मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद सुंदरीकरण की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 15 लाख अवशेष धनराशि अफसरों द्वारा गत 15 मार्च 2017 को शासन को वापस चली गई है। पूर्वी यमुुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र राणा ने इसकी पुष्टि की है।
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