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थानाभवन का मां शाकुंभरीदेवी मंदिर: सच्चे दिल से मांगने पर पूरी होती हैं मनोकामनाएं
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:07 AM IST
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थानाभवन।
कस्बे के दक्षिण में स्थित मंदिर कचौरीनाथ परिसर में स्थित मां शाकंभरी देवी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि सच्चे दिल से यहां जो मांगा जाता है, वह मनोकामना पूरी होती है।
थानाभवन कस्बे में 2008 में मां शाकंभरी-शताक्षी, मां भ्रामरी देवी, मां भीमा देवी मंदिर की स्थापना की गई थी। मंदिर प्रबंधक सुभाष गुप्ता ने बताया कि मंदिर में दिल्ली से आए श्रद्धालु जादोराम गुप्ता की मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने मंदिर परिसर में भवन निर्माण कराकर मां शाकंभरी देवी, मां शताक्षी देवी, मां भ्रामरी देवी, मां भीमा देवी, गणेश, भूरा देव की प्रतिमाओं को स्थापित कराया था। कस्बे के किशन चंद शर्मा ने बताया मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था श्रद्धा व विश्वास है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। नवरात्र में दुर्गा सप्तसती मां का पाठ होता है। यहां जो मन्नत मांगता है पूरी होने पर ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर आता है।
तारों की छांव में होती विशेष पूजा
फोटो...
शामली। मोहल्ला पंसारियान में प्राचीन सिद्ध पीठ शीतला माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। चैत्र माह में मंदिर में मेला लगता है। श्रद्धालु तारे की छांव में मां शीतला देवी की पूजा अर्चना करके बच्चों के स्वस्थ, सुख-समृद्धि की कामनाएं करते हैं।
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सालों पहले मोहल्ला पंसारियान में तालाब के अंदर प्राचीन सिद्ध पीठ शीतला माता मंदिर बना था। मौजूदा समय तालाब समाप्त हो गया है। तालाब में शहरी आबादी विकसित हो गई है। मंदिर का जीर्णोद्धार 11 जुलाई 2008 को सेंट आरसी स्कूल के चेयरमैन और पालिका परिषद के निवर्तमान चेयरमैन अरविंद संगल ने मां जनक दुलारी की स्मृति में कराया गया। मंदिर के पुजारी अमरनाथ ने बताया कि चैत्र के पहले सोमवार, बृहस्पतिवार को तारों की छांव में श्रद्धालु मां शीतला देवी की पूजा करते हैं। प्रतिदिन मां की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित रहती है।
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कस्बे के दक्षिण में स्थित मंदिर कचौरीनाथ परिसर में स्थित मां शाकंभरी देवी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि सच्चे दिल से यहां जो मांगा जाता है, वह मनोकामना पूरी होती है।
थानाभवन कस्बे में 2008 में मां शाकंभरी-शताक्षी, मां भ्रामरी देवी, मां भीमा देवी मंदिर की स्थापना की गई थी। मंदिर प्रबंधक सुभाष गुप्ता ने बताया कि मंदिर में दिल्ली से आए श्रद्धालु जादोराम गुप्ता की मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने मंदिर परिसर में भवन निर्माण कराकर मां शाकंभरी देवी, मां शताक्षी देवी, मां भ्रामरी देवी, मां भीमा देवी, गणेश, भूरा देव की प्रतिमाओं को स्थापित कराया था। कस्बे के किशन चंद शर्मा ने बताया मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था श्रद्धा व विश्वास है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। नवरात्र में दुर्गा सप्तसती मां का पाठ होता है। यहां जो मन्नत मांगता है पूरी होने पर ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर आता है।
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तारों की छांव में होती विशेष पूजा
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शामली। मोहल्ला पंसारियान में प्राचीन सिद्ध पीठ शीतला माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। चैत्र माह में मंदिर में मेला लगता है। श्रद्धालु तारे की छांव में मां शीतला देवी की पूजा अर्चना करके बच्चों के स्वस्थ, सुख-समृद्धि की कामनाएं करते हैं।
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सालों पहले मोहल्ला पंसारियान में तालाब के अंदर प्राचीन सिद्ध पीठ शीतला माता मंदिर बना था। मौजूदा समय तालाब समाप्त हो गया है। तालाब में शहरी आबादी विकसित हो गई है। मंदिर का जीर्णोद्धार 11 जुलाई 2008 को सेंट आरसी स्कूल के चेयरमैन और पालिका परिषद के निवर्तमान चेयरमैन अरविंद संगल ने मां जनक दुलारी की स्मृति में कराया गया। मंदिर के पुजारी अमरनाथ ने बताया कि चैत्र के पहले सोमवार, बृहस्पतिवार को तारों की छांव में श्रद्धालु मां शीतला देवी की पूजा करते हैं। प्रतिदिन मां की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित रहती है।