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फुलवारी लीला में श्रीराम को देख मोहित हुई जानकी
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:48 AM IST
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कैराना।
गौशाला भवन में चल रही रामलीला में गुरु विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर वनों में जाते हैं तो रास्ते में उन्हें राक्षसी ताड़का मिलती है। युद्ध होता है, जिसमें राम ताड़का का वध करते हैं। उसके बाद अहिल्या उद्धार करते हैं।
भगवान श्रीराम लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी नगरी में जाते हैं। जनकपुरी के राजा जनक उदघोषणा कराते हैं कि जो भी शंकर भगवान के धनुष को तोड़ेगा उसी के साथ राजा जनक अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे। जब राजा जनक को मालूम होता है कि विश्वामित्र जी जनकपुरी में आए हैं तो वह उनको भी सीता स्वयंवर का न्यौता देकर आते हैं। उधर, राम लक्ष्मण पुष्प वाटिका में पुष्प लेने जाते हैं। वहां सीता सखियों के साथ मां जगदंबा मंदिर में दर्शन के लिए आती हैं। राम और सीता एक दूसरे को देख मन ही मन प्रसन्न होते हैं।
राम का अभिनय सतीश प्रजापति, लक्ष्मण का राकेश, राजा जनक का प्रमोद गोयल, सखियों का राकेश सप्रेटा, सन्नी, अनिल, वैभव, शिवम, विश्वामित्र का आशु, सीता जी का शिवम गोयल, ताड़का का राकेश गर्ग, दुर्गा माता का दिपाशी मित्तल और वेदिका गोयल ने किया। झांकी मास्टर अभिषेक गोयल और पद्म सैन नामदेव ने पुष्प वाटिका की सजाई। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह, राजेश नामदेव, परवीन, रोहित, डिंपल, पप्पन, जयपाल, मोहित, संजू वर्मा, अर्पित, अनिल, डॉ. रामकुमार गुप्ता, रामअवतार, मोहित, संजीव, वैभव, अमित, अतुल गर्ग, आशु, जयपाल आदि मौजूद रहे।
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गौशाला भवन में चल रही रामलीला में गुरु विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर वनों में जाते हैं तो रास्ते में उन्हें राक्षसी ताड़का मिलती है। युद्ध होता है, जिसमें राम ताड़का का वध करते हैं। उसके बाद अहिल्या उद्धार करते हैं।
भगवान श्रीराम लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी नगरी में जाते हैं। जनकपुरी के राजा जनक उदघोषणा कराते हैं कि जो भी शंकर भगवान के धनुष को तोड़ेगा उसी के साथ राजा जनक अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे। जब राजा जनक को मालूम होता है कि विश्वामित्र जी जनकपुरी में आए हैं तो वह उनको भी सीता स्वयंवर का न्यौता देकर आते हैं। उधर, राम लक्ष्मण पुष्प वाटिका में पुष्प लेने जाते हैं। वहां सीता सखियों के साथ मां जगदंबा मंदिर में दर्शन के लिए आती हैं। राम और सीता एक दूसरे को देख मन ही मन प्रसन्न होते हैं।
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राम का अभिनय सतीश प्रजापति, लक्ष्मण का राकेश, राजा जनक का प्रमोद गोयल, सखियों का राकेश सप्रेटा, सन्नी, अनिल, वैभव, शिवम, विश्वामित्र का आशु, सीता जी का शिवम गोयल, ताड़का का राकेश गर्ग, दुर्गा माता का दिपाशी मित्तल और वेदिका गोयल ने किया। झांकी मास्टर अभिषेक गोयल और पद्म सैन नामदेव ने पुष्प वाटिका की सजाई। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह, राजेश नामदेव, परवीन, रोहित, डिंपल, पप्पन, जयपाल, मोहित, संजू वर्मा, अर्पित, अनिल, डॉ. रामकुमार गुप्ता, रामअवतार, मोहित, संजीव, वैभव, अमित, अतुल गर्ग, आशु, जयपाल आदि मौजूद रहे।
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