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सैंकडो बच्चों को निजी स्कूलों में नही मिला पढ़ने का मौका

Thu, 13 Jul 2017 12:31 AM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:31 AM IST
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सैंकडो बच्चों को निजी स्कूलों में नही मिला पढ़ने का मौका
शामली।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आवेदन करने के बाद भी सैकड़ों गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का मौका नहीं मिला। किसी आवेदन फार्म में भरे गए स्कूल में सीटें पूरी हो गई, तो कुछ आवेदन आय और मूल निवास प्रमाण पत्रों में कमियां मिलने पर खारिज कर दिए गए।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए जनपद से 691 आवेदन किए गए थे। इनमें लॉटरी के माध्यम से चार चरणों में दाखिले के लिए 398 छात्र छात्राएं ही नर्सरी और कक्षा एक में दाखिले के लिए पात्र पाएं गए। तीन चरणों के दाखिले गर्मी की छुट्टी से पहले ही हो चुके थे। जिसमें काफी बच्चों को निजी स्कूलों में सीट फुल होने के कारण दाखिला नहीं मिल सका। बच्चों के परिजन स्कूलों के चक्कर काटते रहे। फिलहाल चौथे चरण के दाखिले किए जा रहे है। खंड शिक्षा अधिकारी भारत भूषण त्यागी ने बताया कि जनपद में कुल 691 आवेदन बीएसए कार्यालय आए थे। बीएसए कार्यालय से सत्यापन करने के बाद 398 आवेदन राज्य परियोजना कार्यालय को भेजे गए। राज्य परियोजना कार्यालय में लाटरी से चार चरणों के लिए कुल 260 बच्चों का चयन हुआ। जिसमें प्रथम और द्वितीय चरण में 124 बच्चों का दाखिला हुआ। तृतीय चरण में 28 और चतुर्थ चरण के लिए 108 की सूची भेजी गई। जिसमें दाखिला प्रक्रिया चल रही है। जिसमें लगभग 138 बच्चें दाखिले से वंचित रह गए।
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691 आवेदनों में से 293 प्रमाण पत्रों में खांमियां और प्रमाण पत्र पूरे न होने के कारण निरस्त कर दिए गए। जिसके बाद सत्यापन कर भेजे गए आवेदनों में से 260 बच्चों का ही चयन हो पाया। - चंद्रशेखर, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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