{"_id":"5b4e365d4f1c1b41748b5602","slug":"171531852381-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुगर मिल पर जेनरेटर के किराये का विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुगर मिल पर जेनरेटर के किराये का विवाद
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊन/शामली। सुपीरियर फूड ग्रेन्स प्राइवेट लिमिटेड (ऊन शुगर मिल) को किराये पर जेनरेटर उपलब्ध कराने वाली फर्म के संचालक ने दो महीने का किराया भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए एडीजी जोन मेरठ को शिकायत भेजी है। मंगलवार को फर्म संचालक पुलिसकर्मियों के साथ शुगर मिल में पहुंचे और बकाया किराया भुगतान की मांग की।
मेरठ की नैय्यर जनरेटर हाईरिंग कंपनी के संचालक अमरजीत सिंह ने बताया कि ऊन शुगर मिल को अक्तूबर 2017 में दो जनरेटर प्रतिमाह करीब चार लाख रुपये किराये पर लिखित अनुबंध के साथ दिए गए थे। आरोप है कि शुगर मिल द्वारा जनरेटरों का दो माह का किराया नहीं दिया गया। जब वह किराये की बकाया धनराशि की मांग करने पर शुगर मिल पहुंचे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी जोन मेरठ) को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई। वहीं, मंगलवार को फर्म संचालक पुलिसकर्मियों के साथ ऊन शुगर मिल में पहुंचे और बकाया किराया भुगतान की मांग की। उधर, शुगर मिल के यूनिट हेड जीएस खेरा का कहना है कि नैय्यर कंपनी के जेनरेटर जब शुगर मिल में चल रहे थे, तो जेनरेटर की तकनीकी खराबी के कारण 24 घंटे तक फैक्ट्री बंद रही थी। इस कारण शुगर मिल को भारी नुकसान उठाना पड़ा। शुगर मिल पर जेनरेटर का किराया बकाया नहीं है, बकाया भुगतान का आरोप बेबुनियाद है। यदि फर्म संचालक को कोई दिक्कत है, तो वह न्यायालय में जा सकते हैं।
विज्ञापन
मेरठ की नैय्यर जनरेटर हाईरिंग कंपनी के संचालक अमरजीत सिंह ने बताया कि ऊन शुगर मिल को अक्तूबर 2017 में दो जनरेटर प्रतिमाह करीब चार लाख रुपये किराये पर लिखित अनुबंध के साथ दिए गए थे। आरोप है कि शुगर मिल द्वारा जनरेटरों का दो माह का किराया नहीं दिया गया। जब वह किराये की बकाया धनराशि की मांग करने पर शुगर मिल पहुंचे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी जोन मेरठ) को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई। वहीं, मंगलवार को फर्म संचालक पुलिसकर्मियों के साथ ऊन शुगर मिल में पहुंचे और बकाया किराया भुगतान की मांग की। उधर, शुगर मिल के यूनिट हेड जीएस खेरा का कहना है कि नैय्यर कंपनी के जेनरेटर जब शुगर मिल में चल रहे थे, तो जेनरेटर की तकनीकी खराबी के कारण 24 घंटे तक फैक्ट्री बंद रही थी। इस कारण शुगर मिल को भारी नुकसान उठाना पड़ा। शुगर मिल पर जेनरेटर का किराया बकाया नहीं है, बकाया भुगतान का आरोप बेबुनियाद है। यदि फर्म संचालक को कोई दिक्कत है, तो वह न्यायालय में जा सकते हैं।
विज्ञापन