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बैंक की गलती से माफ नहीं हो सका किसान का ऋण
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:00 AM IST
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बैंक की गलती से माफ नहीं हो सका किसान का ऋण
शामली। बैंक अफसरों की गलती की वजह से एक किसान को ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका। उसके ऋण खाते में सोनभद्र जनपद के किसी व्यक्ति के नाम से धनराशि जमा कर दी गई, जिस कारण पीड़ित किसान को ऋण माफी का पात्र नहीं माना गया। अब किसान का खाता भी होल्ड किया हुआ है, जिस कारण किसान परेशान घूम रहा है।
पीड़ित किसान सोबिंद्र पुत्र गोरधन निवासी एलम ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायत दर्ज कराई। सोबिंद्र ने बताया कि वह लघु एवं सीमांत किसान है। एसबीआई की एलम शाखा से उसने 2015 में 35 हजार रुपये फसली ऋण लिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण माफी योजना लागू की, जिसमें 31 मार्च 2016 तक के ऋण माफ किए गए। सोबिंद्र ने बताया कि उसने भी पूर्व में कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर ऋण माफी का आवेदन किया, लेकिन उसकी ऋण माफी नहीं की गई। सोबिंद्र ने बताया कि बैंक पासबुक में एंट्री कराने पर पता चला कि सोनभद्र जनपद के चोपन निवासी व्यक्ति द्वारा उसके खाते में 37 हजार रुपये जमा करा दिए गए, जिसमें बैंक कर्मियों की लापरवाही रही। इसी वजह से उसको ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका। इतना ही नहीं सोनभद्र के बैंक अधिकारियों ने उसके खाते को होल्ड भी करा दिया, जिस कारण वह खाते से लेनदेन भी नहीं कर पा रहा है। सोबिंद्र ने मांग की है कि मामले की जांच कराकर उसे ऋण माफी योजना का लाभ दिलाया जाए। सीडीओ रेनू तिवारी ने इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर से जांच कराने को कहा है।
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शामली। बैंक अफसरों की गलती की वजह से एक किसान को ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका। उसके ऋण खाते में सोनभद्र जनपद के किसी व्यक्ति के नाम से धनराशि जमा कर दी गई, जिस कारण पीड़ित किसान को ऋण माफी का पात्र नहीं माना गया। अब किसान का खाता भी होल्ड किया हुआ है, जिस कारण किसान परेशान घूम रहा है।
पीड़ित किसान सोबिंद्र पुत्र गोरधन निवासी एलम ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायत दर्ज कराई। सोबिंद्र ने बताया कि वह लघु एवं सीमांत किसान है। एसबीआई की एलम शाखा से उसने 2015 में 35 हजार रुपये फसली ऋण लिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण माफी योजना लागू की, जिसमें 31 मार्च 2016 तक के ऋण माफ किए गए। सोबिंद्र ने बताया कि उसने भी पूर्व में कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर ऋण माफी का आवेदन किया, लेकिन उसकी ऋण माफी नहीं की गई। सोबिंद्र ने बताया कि बैंक पासबुक में एंट्री कराने पर पता चला कि सोनभद्र जनपद के चोपन निवासी व्यक्ति द्वारा उसके खाते में 37 हजार रुपये जमा करा दिए गए, जिसमें बैंक कर्मियों की लापरवाही रही। इसी वजह से उसको ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका। इतना ही नहीं सोनभद्र के बैंक अधिकारियों ने उसके खाते को होल्ड भी करा दिया, जिस कारण वह खाते से लेनदेन भी नहीं कर पा रहा है। सोबिंद्र ने मांग की है कि मामले की जांच कराकर उसे ऋण माफी योजना का लाभ दिलाया जाए। सीडीओ रेनू तिवारी ने इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर से जांच कराने को कहा है।
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