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गैस रिसाव नहीं, केमिकल के कारण हुआ था हादसा

Sat, 04 Nov 2017 12:54 AM IST
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:54 AM IST
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गैस रिसाव नहीं, केमिकल के कारण हुआ था हादसा
शामली। केंद्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम ने आठ दिन में जांच पूरी कर ली और रिपोर्ट की एक प्रति सीएमओ को सौंपने के बाद टीम दिल्ली लौट गई। टीम ने 21 पेज की जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कई बातें सामने आई हैं। जिसमें पता चला कि गैस रिसाव के कारण स्कूल के बच्चे ही नहीं, बल्कि कालोनी में रहने वाली गृहणी, व्यापारी और किसान भी प्रभावित हुए थे।
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गौरतलब है कि 10 अक्तूबर को शामली शुगर मिल डिस्टलरी यूनिट के बायोगैस प्लांट से गैस रिसाव होने के कारण सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 बच्चे बीमार हो गए थे। स्कूल प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह की तरफ से शामली कोतवाली में शुगर मिल मालिक रजत लाल और प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, केंद्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की दो सदस्यीय टीम में डाक्टर अशोक तालियान और एसएस कादरी ने आठ दिन तक शामली में रहकर हर पहलू पर छानबीन की। शुक्रवार को टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर उसकी एक प्रति सीएमओ डॉ. राजकुमार को सौंप दी।
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जांच में पता चला कि करीब 170 बच्चे, 55 गृहणियां, 19 व्यापारी, एक किसान तथा करीब 12 मजदूर भी प्रभावित हुए है। यह बात भी सामने आई है कि नौ अक्तूबर की रात से दयानंदनगर मोहल्ले में लोगों को समस्या शुरु हो गई थी। जांच रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया कि जो बच्चे उस दिन शुगर मिल- खेडी-लिलौन वाले रास्ते से गुजरे, वही बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। वहीं, गैस के प्रभाव में खासकर 13 से 30 साल तक के लोग रहे थे। जांच टीम ने अपनी 21 पेज की रिपोर्ट में गैस रिसाव का भी जिक्र नहीं किया है।
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पाउडर की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार
गैस कांड के बाद लिलौन रोड पर मिले सफेद पाउडर की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने सैंपल लेकर आगरा स्थित प्रयोगशाला भेजा था। अभी तक पाउड़र की जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इस कारण केंद्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम की जांच रिपोर्ट में केमिकल की जांच शामिल नहीं हो पाई है।

लक्षण के आधार पर जांच टीम ने दिया तर्क
टीम ने विभागीय अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश के आधार पर एक फार्मेट तैैयार किया था। जिसमें 21 सवालों के जवाब घर-घर जाकर पीड़ितों से खोजे गए थे। इस दौरान 1900 घरों में टीम गई और उसके बाद स्कूल के करीब 1900 बच्चों से बात की।

वर्जन
दिल्ली से आई टीम जांच पूरी कर चुकी है। 21 पेजों की जांच रिपोर्ट की एक प्रति उन्हें भी प्राप्त हुई है। जांच पूरी करके टीम दिल्ली लौट गई है। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ
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