फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   झूठ पर कायम दीवार हो जाती है धराशायी: मदनी

झूठ पर कायम दीवार हो जाती है धराशायी: मदनी

Mon, 11 Mar 2019 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
झूठ पर कायम दीवार हो जाती है धराशायी: मदनी
झूठ पर कायम दीवार हो जाती है धराशायी: मदनी
विज्ञापन

कैराना। हजरत मौलाना हबीबुल्लाह मदनी ने कहा कि इस्लाम मजहब में किसी मुसलमान का झूठ बोलना बहुत बड़ा पाप है। मनुष्य को हमेशा सच्चाई पर कायम रहना चाहिए, क्योंकि झूठ पर कायम दीवार जल्द ही गिर जाती है।
मौलाना मदनी गांव मोहम्मदपुर राई में स्थित मदरसा फतहुल उलूम के दो दिवसीय सालाना जलसे का शुभारंभ कारी मसूद की तिलावत-ए-कुरान और कारी शाहिद की नात-ए-पाक से हुआ। मुख्य अतिथि हजरत मौलाना हबीबुल्लाह मदनी ने कहा कि मनुष्य जैसी संगत इख्तियार करेगा, उस पर वैसा ही असर पड़ेगा। जहां आज मुस्लिम समाज में विभिन्न कुरीतियां फैल रही है, वहीं झूठ, फरेब और चुगलखोरी को जीवन में अपना लिया गया है, लेकिन ये हमेशा ही इंसान को हलाक करने वाले होते हैं। अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना अजहर मदनी ने कहा कि हमारे नबी फरमाया करते थे, इंसान अपनी जिंदगी में दो अमल एक जुबान को कंट्रोल में रखना और दूसरा व्यवहार। उन्होंने कहा कि मुसलमान नमाजी हैं, नमाज पढ़ता है, लेकिन यदि झूठ बोलता है, तो उसका ईमान मुकम्मल नहीं हैं। दारुल उलूम के उस्ताद मौलाना मुजम्मिल ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों व शादी ब्याहों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कराना मुसलमान के लिए बड़ा गुनाह है, जिसकी उसे सजा मिलेगी। उन्होंने कहा इस्लाम में जरूरत पड़ने पर तस्वीर खिंचवाने की गुंजाइश बताई गई है। जमीयत उलमा-ए-हिंद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना आकिल ने कहा कि मुस्लिम समाज में आज विभिन्न प्रकार की कुरीतियां फैल रही है, जिस कारण समाज शिक्षा के स्तर में बेहद पिछड़ा हुआ है।
विज्ञापन

मौलाना सलमान बिजनौरी ने कहा कि नमाज हमारे नबी हजरत पैगंबर साहब की आंखों की ठंडक है, जिसे जिंदगी में पाबंदी से अदा करो। उन्होंने अपील की है कि मुसलमानों को गुनाहों से बचना और झूठ से परहेज करना चाहिए। मौलाना इरशाद उकाबी ने पवित्र कुरान-ए-करीम को पढ़ने और पढ़ाने वाले का खुशनसीब भविष्य बताया। मौलाना जकरिया ने इस्लाम के मुताबिक जिंदगी गुजारने पर जोर दिया। मौलाना याकूब ने हक-हुकूक और मौलाना आबिद नदवी ने कुरान के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान साकिब, फाजिल, अहतशाम, सुहैल, मोमिन आदि बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर शुऐब, सलमान, फाजिल, हंजला, सुहैल, अब्दुर्रहमान, शाहवेज, अब्दुल्लाह व साकिब के हाफिज-ए-कुरान मुकम्मल होने पर उलमा के करकमलों से दस्तारबंदी की गई। मदरसे के प्रबंध संचालक मौलाना तहसीन ने सार्वजनिक तौर पर वार्षिक लेखाजोखा पेश किया और तमाम अतिथियों एवं आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में मौलाना सलमान नदवी ने विश्व-शांति, राष्ट्र एकता एवं अखंडता, उन्नति, खुशहाली आदि की दुआ कराई। कार्यक्रम का संचालन मौलाना सलमान सईदी कासमी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौलाना अहसान, मौलाना सलीम, मौलाना उस्मान, मौलाना आदिल, हाजी महबूब, मुनव्वर हसन, डा. मुनव्वर, जुबैर, हाजी तनवीर, कारी मंजूरूल हसन, कारी फुरकान, कारी मुजम्मिल, कारी जावेद, हाजी खालिद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed