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तीन एसीएमओ और पांच सीएचसी प्रभारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:29 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग के कई अफसरों पर गिर सकती है गाज
शामली। लंबित बिल और समय पर सरकारी योजनाओं की कार्ययोजना तैयार कर जनहित में रुपया खर्च नहीं कर पाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए गले की फांस बन गया है। मिशन निदेशक द्वारा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास ली। सीएमओ ने तीन एसीएमओ सहित पांच सीएचसी प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिख दिया है। साथ ही तीन सप्ताह में कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही चरम पर है। 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग को मिला धन खर्च नहीं हो पाया। यही नहीं जो रुपया खर्च किया गया। उसके बिल पेंडिंग है। इसके अलावा व्यय का विवरण भी नहीं दिया गया। यही हाल 2018-19 वित्तीय वर्ष का है। इसमें भी अभी तक व्यय का विवरण नहीं दिया जा सका। सबसे ज्यादा लापरवाही चिकित्साधीक्षकों द्वारा बरती जा रही है। यही कारण है कि जनता को अस्पताल में जरूरत के हिसाब से सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके संबंध में 21 जून को लखनऊ में मिशन निदेशक ने शामली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सुनाई थी तथा कार्य में सुधार लाने के लिए कहा था। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली से असंतोष जाहिर करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके मद्देनजर सीएमओ डाक्टर राजकुुमार ने शनिवार को कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। उन्होंने नोडल एनएचएम एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार, नोडल एनयूएचएम एसीएमओ डाक्टर डीवी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाक्टर आरके सागर, जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार, सीएचसी प्रभारी शामली डाक्टर रमेश चंद्रा, सीएचसी प्रभारी कैराना डाक्टर भानु प्रकाश, सीएचसी प्रभारी कांधला डाक्टर रमेश चंद्रा, सीएचसी प्रभारी ऊन डाक्टर लेखराम, सीएचसी प्रभारी थानाभवन डाक्टर कांति प्रसाद, सीएचसी प्रभारी कुड़ाना डाक्टर अश्वनी कुमार के खिलाफ लापरवाही बरतने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा है। उन्होंने तीन सप्ताह के भीतर कार्य पूरा नहीं करने की नसीहत दी है।
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शामली। लंबित बिल और समय पर सरकारी योजनाओं की कार्ययोजना तैयार कर जनहित में रुपया खर्च नहीं कर पाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए गले की फांस बन गया है। मिशन निदेशक द्वारा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास ली। सीएमओ ने तीन एसीएमओ सहित पांच सीएचसी प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिख दिया है। साथ ही तीन सप्ताह में कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही चरम पर है। 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग को मिला धन खर्च नहीं हो पाया। यही नहीं जो रुपया खर्च किया गया। उसके बिल पेंडिंग है। इसके अलावा व्यय का विवरण भी नहीं दिया गया। यही हाल 2018-19 वित्तीय वर्ष का है। इसमें भी अभी तक व्यय का विवरण नहीं दिया जा सका। सबसे ज्यादा लापरवाही चिकित्साधीक्षकों द्वारा बरती जा रही है। यही कारण है कि जनता को अस्पताल में जरूरत के हिसाब से सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके संबंध में 21 जून को लखनऊ में मिशन निदेशक ने शामली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सुनाई थी तथा कार्य में सुधार लाने के लिए कहा था। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली से असंतोष जाहिर करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके मद्देनजर सीएमओ डाक्टर राजकुुमार ने शनिवार को कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। उन्होंने नोडल एनएचएम एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार, नोडल एनयूएचएम एसीएमओ डाक्टर डीवी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाक्टर आरके सागर, जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार, सीएचसी प्रभारी शामली डाक्टर रमेश चंद्रा, सीएचसी प्रभारी कैराना डाक्टर भानु प्रकाश, सीएचसी प्रभारी कांधला डाक्टर रमेश चंद्रा, सीएचसी प्रभारी ऊन डाक्टर लेखराम, सीएचसी प्रभारी थानाभवन डाक्टर कांति प्रसाद, सीएचसी प्रभारी कुड़ाना डाक्टर अश्वनी कुमार के खिलाफ लापरवाही बरतने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा है। उन्होंने तीन सप्ताह के भीतर कार्य पूरा नहीं करने की नसीहत दी है।
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