{"_id":"5ac918c84f1c1bd5618b623d","slug":"161523128520-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे चरण में भी अंग्रेजी के शिक्षक आवेदन भरने में नहीं दिखा रहें उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे चरण में भी अंग्रेजी के शिक्षक आवेदन भरने में नहीं दिखा रहें उत्साह
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंग्रेजी माध्यम के आठ स्कूलों में पढ़ाई बाधित
शामली। अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले स्कूलों के लिए फिर से आवेदन मांगे जाने के बाद भी शिक्षकों में उत्साह नजर नहीं आ रहा है। शिक्षक और शिक्षिका अपना मनचाहा स्कूल छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं। नतीजतन अभी तक आठ स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सका है। आवेदन की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। अभी तक केवल 16 शिक्षक व प्रधानाध्यापकों ने ही आवेदन किया है।
शासन की योजना के मुताबिक जनपद में नए सत्र से अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले 40 प्राथमिक स्कूलों का चयन किया गया है। पढ़ाने के लिए इंटर में अंग्रेजी विषय वाले शिक्षकों से आवेदन पत्र मांगे गए थे, जिसके बाद शिक्षकों की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार परीक्षा होने के बाद 200 पदों के सापेक्ष केवल 103 शिक्षक और प्रधानाध्यापकों का ही चयन हो सका था। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बार फिर से शिक्षकों से आवेदन पत्र मांगे थे, जिसकी अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। दो दिन शेष है। अभी तक केवल 16 आवेदन ही आए हैं। पहले चरण में भी आवेदन करने वाले करीब 32 शिक्षक व प्रधानाध्यापकों ने लिखित परीक्षा छोड़ दी थी, जिससे साफ नजर आ रहा है कि शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को पहले से ही मिले मन चाहे स्कूलों को छोड़ने का मन नहीं है। शिक्षकों की कमी के चलते दो अप्रैल से 40 स्कूलों में से केवल 32 स्कूल ही संचालित हो सके है। अभी शिक्षकों के इंतजार में आठ स्कूलों का संचालन नहीं हो सका है। वहीं, जिला समन्वयक सुधीर कुमार का कहना है कि आवेदन की कमी के चलते तिथि बढ़ाई जा सकती है।
विज्ञापन
शामली। अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले स्कूलों के लिए फिर से आवेदन मांगे जाने के बाद भी शिक्षकों में उत्साह नजर नहीं आ रहा है। शिक्षक और शिक्षिका अपना मनचाहा स्कूल छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं। नतीजतन अभी तक आठ स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सका है। आवेदन की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। अभी तक केवल 16 शिक्षक व प्रधानाध्यापकों ने ही आवेदन किया है।
शासन की योजना के मुताबिक जनपद में नए सत्र से अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले 40 प्राथमिक स्कूलों का चयन किया गया है। पढ़ाने के लिए इंटर में अंग्रेजी विषय वाले शिक्षकों से आवेदन पत्र मांगे गए थे, जिसके बाद शिक्षकों की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार परीक्षा होने के बाद 200 पदों के सापेक्ष केवल 103 शिक्षक और प्रधानाध्यापकों का ही चयन हो सका था। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बार फिर से शिक्षकों से आवेदन पत्र मांगे थे, जिसकी अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। दो दिन शेष है। अभी तक केवल 16 आवेदन ही आए हैं। पहले चरण में भी आवेदन करने वाले करीब 32 शिक्षक व प्रधानाध्यापकों ने लिखित परीक्षा छोड़ दी थी, जिससे साफ नजर आ रहा है कि शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को पहले से ही मिले मन चाहे स्कूलों को छोड़ने का मन नहीं है। शिक्षकों की कमी के चलते दो अप्रैल से 40 स्कूलों में से केवल 32 स्कूल ही संचालित हो सके है। अभी शिक्षकों के इंतजार में आठ स्कूलों का संचालन नहीं हो सका है। वहीं, जिला समन्वयक सुधीर कुमार का कहना है कि आवेदन की कमी के चलते तिथि बढ़ाई जा सकती है।
विज्ञापन