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सच्चे मन से भगवान को पुकारने से मनुष्य की मदद करते है- स्वामी ओमानंद जी महाराज
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:12 AM IST
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थानाभवन (शामली)। कस्बे में नव निर्मित मंदिर में शुक्रताल से आए भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि सच्चे मन से भगवान पर भरोसा रखकर उन्हें पुकारता है। भगवान अपने भक्त की पुकार सुनकर मदद करते हैं। उन्होंने मनुष्य को आध्यात्मिक पथ पर चलकर जीवन में तनाव को समाप्त करने का आह्वान किया
शनिवार को कस्बे के राजा की मोरी भगवान शिव-हनुमान मंदिर में शुक्रताल से आए भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती जी ने श्री विश्वकर्मा समाज की ओर से शिव परिवार, राम परिवार, राधाकृष्ण, हनुमान एवं विश्वकर्मा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर विधिवत मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सच्ची प्रार्थना में शक्ति होती है। मीरा, तुलसी, महा प्रभु चैतन्य, नरसी भगत ने प्रभु को समर्पित करके प्रार्थनाएं प्रसिद्ध हैं। अपने हर कार्य को प्रभु के अर्पण करते रहने से ही सच्चा सुख, शांति, सफलता तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।
मंदिर के निर्माता चुन्नीलाल धीमान को स्वामी ने सम्मानित कर के आशीर्वाद प्रदान किया। समारोह में हरिद्वार से आर्य समाज मुुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध विद्वान गुरूदतम आर्य, मोनी बाबा, सुंदर लाल, संजय धीमान, राजेंद्र कुमार, एसपी सिंह, विजय कुमार, नातिराम रुपचंद, नरेश पांचाल, सुमन शास्त्री, तथा सहारनपुर रुड़की खतौली ,शामली ,थानाभवन के श्री विश्वकर्मा समाज के लोग मोजूद रहे, बाद में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
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शनिवार को कस्बे के राजा की मोरी भगवान शिव-हनुमान मंदिर में शुक्रताल से आए भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती जी ने श्री विश्वकर्मा समाज की ओर से शिव परिवार, राम परिवार, राधाकृष्ण, हनुमान एवं विश्वकर्मा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर विधिवत मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सच्ची प्रार्थना में शक्ति होती है। मीरा, तुलसी, महा प्रभु चैतन्य, नरसी भगत ने प्रभु को समर्पित करके प्रार्थनाएं प्रसिद्ध हैं। अपने हर कार्य को प्रभु के अर्पण करते रहने से ही सच्चा सुख, शांति, सफलता तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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मंदिर के निर्माता चुन्नीलाल धीमान को स्वामी ने सम्मानित कर के आशीर्वाद प्रदान किया। समारोह में हरिद्वार से आर्य समाज मुुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध विद्वान गुरूदतम आर्य, मोनी बाबा, सुंदर लाल, संजय धीमान, राजेंद्र कुमार, एसपी सिंह, विजय कुमार, नातिराम रुपचंद, नरेश पांचाल, सुमन शास्त्री, तथा सहारनपुर रुड़की खतौली ,शामली ,थानाभवन के श्री विश्वकर्मा समाज के लोग मोजूद रहे, बाद में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
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