{"_id":"5d16649b8ebc3e3c7c22bf44","slug":"156174861515-shamli-news48","type":"story","status":"publish","title_hn":"दफ्तर शामली जिले के, चला रहे मुजफ्फरनगर के अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दफ्तर शामली जिले के, चला रहे मुजफ्फरनगर के अधिकारी
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शामली। जिला बने आठ साल हो चुके हैं, लेकिन अभी भी शामली संसाधनों से जूझ रहा है। कई महकमों का काम तो अभी तक मेरठ से ही चल रहा है। यहां पर ना तो अधिकारी का पद सृजित है ना स्टाफ का। कलक्ट्रेट निर्माण भी बजट के अभाव में सालों से अधूरा है। करीब साढ़े आठ साल पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 28 सितबर 2011 में शामली को जिले का दर्जा दिया था। लोगों को उम्मीद जगी थी अब शामली में ही सरकारी महकमे खुल जाएंगे और उन्हें काम के लिए मुजफ्फरनगर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन उनकी ये उम्मीदें अभी तक अधूरी हैं।
इन विभागों को बड़ी दिक्कत
आठ साल बाद भी डायट, जिला सेवायोजन कार्यालय, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र अभी तक जिले में स्थापित नहीं है। यहां के युवाओं को मुजफ्फरनगर के ही भरोसे रहना पड़ता है। दरअसल शासन ने अभी तक इन विभागों का सृजन ही जिले में नहीं किया है। इस वजह से यहां पर इन विभागों के ना तो अधिकारी की पोस्टिंग हैं ना ही स्टाफ की।
मुजफ्फरनगर से ही नियंत्रित होती है यमुना की बाढ़
जिले के कैराना कस्बे में यमुना नदी बहती है, लेकिन यहां में बाढ़ नियंत्रण विभाग का कार्यालय नहीं है। चार पांच साल पहले यमुना नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। कैराना और झिंझाना क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में पानी भी भर गया था, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। पूर्वी यमुना नहर खंड का दूसरा विभाग मुजफ्फरनगर जिले से शामली में पिछले पांच सालों से स्थापित हो चुका है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि विभाग द्वारा शामली जिला मुख्यालय पर कार्यालय शिफ्ट करने की अभी कार्य योजना तैयार नहीं है। शामली कार्यालय के लिए शासन से बजट मांगा गया है।
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शासन में अटकी डायट मंजूरी की फाइल
शामली। जिले की डायट के लिए थानाभवन ब्लाक के कादरगढ़ में साढे तीन एकड़ का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया है। शासन से अभी तक तक डायट के लिए भूमि चयन को स्वीकृति नहीं मिली है। मुजफ्फरनगर डायट प्राचार्य भीम सिंह का कहना है कि शामली जिले की डायट को भारत सरकार से बजट अवमुक्त होगा। यूपी सरकार भूमि चयन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा। भूमि चयन के बाद यूपी सरकार डायट का प्रस्ताव मांगेगी। डायट का नए नियमानुसार इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
मुजफ्फरनगर के अफसर चला रहे जिला उद्योग केंद्र
जिले मेेें जिला उद्योग केंद्र कार्यालय की शासन से कोई स्वीकृत नहीं मिली है। स्वीकृति अभाव में मुजफ्फरनगर जिला उद्योग केंद्र से ही शामली जिले में अस्थाई व्यवस्था के लिए औद्योगिक क्षेत्र में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। मुजफ्फरनगर से ही स्टाफ यहां की व्यवस्था देख रहा है।
सूची बनाकर काम करेंगे
मुुजफ्फरनगर जिले में कार्य कर रहे ऐसे विभागों की सूची बनवाकर संबधित जिलाधिकारी को सूची भेजी जाएगी। डीएम मुजफ्फरनगर से वार्ता करके विभागों को जिला मुख्यालय पर हस्तांरित करने का प्रयास होगा। संबधित विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाकर अस्थाई रूप से किराए के भवनों में व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएंगे। - अखिलेश कुमार सिंह, डीएम शामली।
समाधान कराया जाएगा
शामली जिले की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। चाहे विभागों के स्वीकृति का मामला हो, या दूसरे जिलों से विभागों को जनपद में लाने का।- तेजेंद्र निर्वाल विधायक शामली।
सीएम से बात करेंगे
जिन कार्यालयों की शामली जिले को स्वीकृति नहीं मिली है। मुख्यमंत्री से मिलकर बात की जाएगी और उन्हें स्वीकृति दिलाने के पूरे प्रयास होंगे। सीएम कह चुके हैं कि नए जिलों में डायट खुलेंगे। - सुरेश राणा, राज्यमंत्री।
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इन विभागों को बड़ी दिक्कत
आठ साल बाद भी डायट, जिला सेवायोजन कार्यालय, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र अभी तक जिले में स्थापित नहीं है। यहां के युवाओं को मुजफ्फरनगर के ही भरोसे रहना पड़ता है। दरअसल शासन ने अभी तक इन विभागों का सृजन ही जिले में नहीं किया है। इस वजह से यहां पर इन विभागों के ना तो अधिकारी की पोस्टिंग हैं ना ही स्टाफ की।
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मुजफ्फरनगर से ही नियंत्रित होती है यमुना की बाढ़
जिले के कैराना कस्बे में यमुना नदी बहती है, लेकिन यहां में बाढ़ नियंत्रण विभाग का कार्यालय नहीं है। चार पांच साल पहले यमुना नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। कैराना और झिंझाना क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में पानी भी भर गया था, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। पूर्वी यमुना नहर खंड का दूसरा विभाग मुजफ्फरनगर जिले से शामली में पिछले पांच सालों से स्थापित हो चुका है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि विभाग द्वारा शामली जिला मुख्यालय पर कार्यालय शिफ्ट करने की अभी कार्य योजना तैयार नहीं है। शामली कार्यालय के लिए शासन से बजट मांगा गया है।
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शासन में अटकी डायट मंजूरी की फाइल
शामली। जिले की डायट के लिए थानाभवन ब्लाक के कादरगढ़ में साढे तीन एकड़ का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया है। शासन से अभी तक तक डायट के लिए भूमि चयन को स्वीकृति नहीं मिली है। मुजफ्फरनगर डायट प्राचार्य भीम सिंह का कहना है कि शामली जिले की डायट को भारत सरकार से बजट अवमुक्त होगा। यूपी सरकार भूमि चयन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा। भूमि चयन के बाद यूपी सरकार डायट का प्रस्ताव मांगेगी। डायट का नए नियमानुसार इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
मुजफ्फरनगर के अफसर चला रहे जिला उद्योग केंद्र
जिले मेेें जिला उद्योग केंद्र कार्यालय की शासन से कोई स्वीकृत नहीं मिली है। स्वीकृति अभाव में मुजफ्फरनगर जिला उद्योग केंद्र से ही शामली जिले में अस्थाई व्यवस्था के लिए औद्योगिक क्षेत्र में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। मुजफ्फरनगर से ही स्टाफ यहां की व्यवस्था देख रहा है।
सूची बनाकर काम करेंगे
मुुजफ्फरनगर जिले में कार्य कर रहे ऐसे विभागों की सूची बनवाकर संबधित जिलाधिकारी को सूची भेजी जाएगी। डीएम मुजफ्फरनगर से वार्ता करके विभागों को जिला मुख्यालय पर हस्तांरित करने का प्रयास होगा। संबधित विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाकर अस्थाई रूप से किराए के भवनों में व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएंगे। - अखिलेश कुमार सिंह, डीएम शामली।
समाधान कराया जाएगा
शामली जिले की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। चाहे विभागों के स्वीकृति का मामला हो, या दूसरे जिलों से विभागों को जनपद में लाने का।- तेजेंद्र निर्वाल विधायक शामली।
सीएम से बात करेंगे
जिन कार्यालयों की शामली जिले को स्वीकृति नहीं मिली है। मुख्यमंत्री से मिलकर बात की जाएगी और उन्हें स्वीकृति दिलाने के पूरे प्रयास होंगे। सीएम कह चुके हैं कि नए जिलों में डायट खुलेंगे। - सुरेश राणा, राज्यमंत्री।