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13 दिनों तक घर-घर खोजे जाएंगे टीबी के रोगी
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिला क्षय रोग अधिकारी एसीएमओ डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि 10 जून से 22 जून तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जनपद में 13 दिनों तक घर-घर टीबी के रोगी खोजे जाएंगे।
एसीएमओ डाक्टर सफल कुमार ने बताया अभियान के तहत शुक्रवार को गांव टपराना में जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद कैंप का आयोजन किया। कैंप में लोगों को सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए जनपद में कुल 55 टीमें बनाई गई है, जो पोलियो अभियान की तर्ज पर कार्य करेगी। दो हफ्ते या उससे अधिक खांसी या बलगम आना, बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना आदि लक्षण टीबी के हो सकते है। अगर ऐसे लक्षण है तो घर जाने वाली टीम को जरूर बताएं ताकि बलगम का नमूना लेकर जांच की जा सके। अगर टीबी पाई जाती है तो निशुल्क उपचार किया जाएगा। पोषण योजना के तहत 500 रुपये सीधे मरीज के खाते में दिए जाएंगे। जिला पीपीएम शबी आजम ने बताया कि टपराना में दो टीम दस दिन तक रहकर टीबी रोगी की खोज करेंगी। इनमें महिला स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहेंगी। एक दिन में 50 घर कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। कैंप में जावेद खान कुष्ट रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया। सुपरवाइजर जरीफ अहमद, मौलाना इदरीश, ग्राम प्रधान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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शामली। जिला क्षय रोग अधिकारी एसीएमओ डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि 10 जून से 22 जून तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जनपद में 13 दिनों तक घर-घर टीबी के रोगी खोजे जाएंगे।
एसीएमओ डाक्टर सफल कुमार ने बताया अभियान के तहत शुक्रवार को गांव टपराना में जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद कैंप का आयोजन किया। कैंप में लोगों को सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए जनपद में कुल 55 टीमें बनाई गई है, जो पोलियो अभियान की तर्ज पर कार्य करेगी। दो हफ्ते या उससे अधिक खांसी या बलगम आना, बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना आदि लक्षण टीबी के हो सकते है। अगर ऐसे लक्षण है तो घर जाने वाली टीम को जरूर बताएं ताकि बलगम का नमूना लेकर जांच की जा सके। अगर टीबी पाई जाती है तो निशुल्क उपचार किया जाएगा। पोषण योजना के तहत 500 रुपये सीधे मरीज के खाते में दिए जाएंगे। जिला पीपीएम शबी आजम ने बताया कि टपराना में दो टीम दस दिन तक रहकर टीबी रोगी की खोज करेंगी। इनमें महिला स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहेंगी। एक दिन में 50 घर कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। कैंप में जावेद खान कुष्ट रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया। सुपरवाइजर जरीफ अहमद, मौलाना इदरीश, ग्राम प्रधान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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