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छह साल बाद अजय को मिला परिवार
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- अपना घर आश्रम में सात महीने पहले लावारिस हालत में पहुंचे थे
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। अपना घर आश्रम में रहने वाले सूरज उर्फ अजय को आखिरकार अपना परिवार मिल ही गया। मनोरोगी होने के कारण छह साल पहले वह अपने परिवार से बिछड़ गए थे।
अपना घर आश्रम की संचालिका पल्लवी मित्तल ने बताया कि पिछले साल 30 अप्रैल 2017 को करकरी हरिद्वार से सुरेश कुमार की सूचना पर दिनेश शर्मा और शिवाजी ने एक लावारिस असहाय व्यक्ति को अपना घर आश्रम शामली में प्रवेश कराया था। शुरूआत में ये व्यक्ति अपने बारे में कुछ नहीं बता सके थे। आश्रम की तरफ से इन्हें सूरज नाम दिया गया। सूरज का इलाज डॉक्टर अरुण रॉय के परामर्श से किया गया। कुछ समय बाद सूरज आश्रम कार्यों में भी अपनी इच्छानुसार सहयोग करने लगे। करीब एक महीने पहले इन्होंने अपने घर जाने की इच्छा जताई, तो आश्रम पदाधिकारी द्वारा पता पूछने पर इन्होंने अपना नाम अजय और अपने मामा का पता बताया, जो बिहार में जिला पंचायत सदस्य थे। इसके बाद परिजनों ने आश्रम में संपर्क किया तो उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। बुुधवार को भाई विकास और जीजा संजय कुमार सूरज उर्फ अजय को लेने अपना घर आश्रम पहुंचे। परिजनों ने बताया कि छह साल पहले अजय मुंबई से लापता हो गए थे। आश्रम में अजय को पाकर परिजन बहुत खुश हुए।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। अपना घर आश्रम में रहने वाले सूरज उर्फ अजय को आखिरकार अपना परिवार मिल ही गया। मनोरोगी होने के कारण छह साल पहले वह अपने परिवार से बिछड़ गए थे।
अपना घर आश्रम की संचालिका पल्लवी मित्तल ने बताया कि पिछले साल 30 अप्रैल 2017 को करकरी हरिद्वार से सुरेश कुमार की सूचना पर दिनेश शर्मा और शिवाजी ने एक लावारिस असहाय व्यक्ति को अपना घर आश्रम शामली में प्रवेश कराया था। शुरूआत में ये व्यक्ति अपने बारे में कुछ नहीं बता सके थे। आश्रम की तरफ से इन्हें सूरज नाम दिया गया। सूरज का इलाज डॉक्टर अरुण रॉय के परामर्श से किया गया। कुछ समय बाद सूरज आश्रम कार्यों में भी अपनी इच्छानुसार सहयोग करने लगे। करीब एक महीने पहले इन्होंने अपने घर जाने की इच्छा जताई, तो आश्रम पदाधिकारी द्वारा पता पूछने पर इन्होंने अपना नाम अजय और अपने मामा का पता बताया, जो बिहार में जिला पंचायत सदस्य थे। इसके बाद परिजनों ने आश्रम में संपर्क किया तो उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। बुुधवार को भाई विकास और जीजा संजय कुमार सूरज उर्फ अजय को लेने अपना घर आश्रम पहुंचे। परिजनों ने बताया कि छह साल पहले अजय मुंबई से लापता हो गए थे। आश्रम में अजय को पाकर परिजन बहुत खुश हुए।