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मायके वालों ने बच्चियों को साथ ले जाने से किया इंकार
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:36 AM IST
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बच्चियों को साथ ले जाने से किया इंकार
शामली। व्यापारी की पत्नी की मौत के बाद उसकी बच्चियों की परवरिश को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। एक तरफ मायके पक्ष ने बच्चियों को साथ ले जाने से इंकार कर दिया है, तो मेघा के ससुराल पक्ष के लोग भी आशंका से घबरा रहे हैं।
शहर के मोहल्ला शिवगंज मंडी में व्यापारी की पत्नी मेघा की 26 मार्च को मौत हो गई थी। मामले में मायके पक्ष के लोगों ने मेघा के पति सहित ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मेघा के पति अमर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, तब से मेघा की दोनों बेटियां दादा दादी के पास थीं। वहीं, शुक्रवार को बुढ़ाना निवासी मेघा के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से कहा था कि मेघा की दोनों बच्चियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए तथा बच्चियों को पुलिस के समक्ष पेश करने की मांग की थी। शनिवार को ससुराल पक्ष के प्रेमचंद गर्ग, प्रवीन कुमार, अनिल कुमार, विनोद कुमार, नीटू तथा दीपक दोनों बच्चियों को अपने साथ लेकर सीओ सिटी कार्यालय पहुंचे। सीओ सिटी वहां नहीं मिले, जिस पर उन्होंने कार्यालय में मौजूद पेशकार के सामने बच्चियों को पेश किया। इस दौरान मेघा के बहनोई योगेश, नंदकिशोर, गौरव तथा पवन कुमार भी मौजूद रहे। मेघा के ससुराल पक्ष के लोगों ने कहा कि दोनो बच्चियों को संभालना कठिन समस्या है। क्योंकि मेघा के मायके वाले आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चियों का पिता उनकी देखभाल के लिए जेल से बाहर नहीं आता है, तब तक बच्चियों की जिम्मेदारी प्रशासन ले या मेघा के परिवार वालों को दी जाए। इसके बाद मेघा के मायके वाले बच्चियों को साथ लिए बगैर ही लौट गए।
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शामली। व्यापारी की पत्नी की मौत के बाद उसकी बच्चियों की परवरिश को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। एक तरफ मायके पक्ष ने बच्चियों को साथ ले जाने से इंकार कर दिया है, तो मेघा के ससुराल पक्ष के लोग भी आशंका से घबरा रहे हैं।
शहर के मोहल्ला शिवगंज मंडी में व्यापारी की पत्नी मेघा की 26 मार्च को मौत हो गई थी। मामले में मायके पक्ष के लोगों ने मेघा के पति सहित ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मेघा के पति अमर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, तब से मेघा की दोनों बेटियां दादा दादी के पास थीं। वहीं, शुक्रवार को बुढ़ाना निवासी मेघा के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से कहा था कि मेघा की दोनों बच्चियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए तथा बच्चियों को पुलिस के समक्ष पेश करने की मांग की थी। शनिवार को ससुराल पक्ष के प्रेमचंद गर्ग, प्रवीन कुमार, अनिल कुमार, विनोद कुमार, नीटू तथा दीपक दोनों बच्चियों को अपने साथ लेकर सीओ सिटी कार्यालय पहुंचे। सीओ सिटी वहां नहीं मिले, जिस पर उन्होंने कार्यालय में मौजूद पेशकार के सामने बच्चियों को पेश किया। इस दौरान मेघा के बहनोई योगेश, नंदकिशोर, गौरव तथा पवन कुमार भी मौजूद रहे। मेघा के ससुराल पक्ष के लोगों ने कहा कि दोनो बच्चियों को संभालना कठिन समस्या है। क्योंकि मेघा के मायके वाले आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चियों का पिता उनकी देखभाल के लिए जेल से बाहर नहीं आता है, तब तक बच्चियों की जिम्मेदारी प्रशासन ले या मेघा के परिवार वालों को दी जाए। इसके बाद मेघा के मायके वाले बच्चियों को साथ लिए बगैर ही लौट गए।
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