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लोकतंत्र सेनानी
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सरकारी सत्यापन से लोकतंत्र सेनानियों में नाराजगी
शामली। सरकार द्वारा कराए जा रहे सत्यापन से लोकतंत्र सेनानी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम उनसे बसों में की गई यात्राओं की जानकारी मांग रहा है। पुलिस वाले उनके घर आकर पूछताछ कर रहे हैं। सवाल उठाया कि तमाम जांच के बाद ही उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा मिला था तो फिर से जांच क्यों। इनसे वे खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
लोकतंत्र सेनानी संगठन के अध्यक्ष कृष्ण बंधु ने बताया कि सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों का सत्यापन कराना शुरू किया है। इनमें थानों की पुलिस उनके घर जाकर पड़ताल कर रही है। उनकी चारित्रिक जांच हो रही है। पिछले दिनों परिवहन निगम की ओर से उन्हें एक पत्र भेजकर जानकारी मांगी कि उन्होंने इस साल एक अप्रैल से 31 अक्तूबर तक कितनी बार रोडवेज बस में यात्रा की है। साल में कितनी बार निशुल्क बस यात्रा की है। कहां से कहां तक यात्रा की, आदि कई जानकारियां मांगी गई हैं। कृष्ण बंधु ने बताया कि लोकतंत्र सेनानियों के प्रति सरकार का ये रवैया उचित नही है। कहा कि पूर्व में तहसील से लेकर पुलिस और प्रशासन स्तर की जांच के बाद ही उन्हें लोकतंत्र सेनानियों का दर्जा मिला था। उनकी सरकारी पेंशन शुरू हुई थी। जब पहले ही उनके बारे में पूरी जांच पड़ताल हो चुुकी है तो फिर से उनकी जांच कराने का क्या औचित्य । उन्होंने कहां यात्रा की ये सब वे कोई लिखकर थोड़े रखते हैं। यात्रा के दौरान बस में परिचालक तो रिकार्ड में एंट्री करते हैं। वे अपना रिकार्ड चेक कराएं। उन्होंने देेश के लिए इतना कुछ किया और अब उनकी ही जांच हो रही है। एक पुलिस वाला आकर बुजुर्ग सेनानियों से सवाल जवाब कर रहा है। जिससे वे लोग खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सदमे से जलालाबाद में एक लोकतंत्र सेनानी की दो दिन पूर्व मौत हो गई। बंधु ने कहा कि जिले में करीब 30 लोकतंत्र सेनानी हैं। इस मसले पर कई सेनानियों ने बैठक की और नाराजगी जताई। कहा कि वह लोग जल्द ही वह लोग बैठक करेंगे और अधिकारियों से मिलकर बात करेंगे।
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शामली। सरकार द्वारा कराए जा रहे सत्यापन से लोकतंत्र सेनानी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम उनसे बसों में की गई यात्राओं की जानकारी मांग रहा है। पुलिस वाले उनके घर आकर पूछताछ कर रहे हैं। सवाल उठाया कि तमाम जांच के बाद ही उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा मिला था तो फिर से जांच क्यों। इनसे वे खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
लोकतंत्र सेनानी संगठन के अध्यक्ष कृष्ण बंधु ने बताया कि सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों का सत्यापन कराना शुरू किया है। इनमें थानों की पुलिस उनके घर जाकर पड़ताल कर रही है। उनकी चारित्रिक जांच हो रही है। पिछले दिनों परिवहन निगम की ओर से उन्हें एक पत्र भेजकर जानकारी मांगी कि उन्होंने इस साल एक अप्रैल से 31 अक्तूबर तक कितनी बार रोडवेज बस में यात्रा की है। साल में कितनी बार निशुल्क बस यात्रा की है। कहां से कहां तक यात्रा की, आदि कई जानकारियां मांगी गई हैं। कृष्ण बंधु ने बताया कि लोकतंत्र सेनानियों के प्रति सरकार का ये रवैया उचित नही है। कहा कि पूर्व में तहसील से लेकर पुलिस और प्रशासन स्तर की जांच के बाद ही उन्हें लोकतंत्र सेनानियों का दर्जा मिला था। उनकी सरकारी पेंशन शुरू हुई थी। जब पहले ही उनके बारे में पूरी जांच पड़ताल हो चुुकी है तो फिर से उनकी जांच कराने का क्या औचित्य । उन्होंने कहां यात्रा की ये सब वे कोई लिखकर थोड़े रखते हैं। यात्रा के दौरान बस में परिचालक तो रिकार्ड में एंट्री करते हैं। वे अपना रिकार्ड चेक कराएं। उन्होंने देेश के लिए इतना कुछ किया और अब उनकी ही जांच हो रही है। एक पुलिस वाला आकर बुजुर्ग सेनानियों से सवाल जवाब कर रहा है। जिससे वे लोग खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सदमे से जलालाबाद में एक लोकतंत्र सेनानी की दो दिन पूर्व मौत हो गई। बंधु ने कहा कि जिले में करीब 30 लोकतंत्र सेनानी हैं। इस मसले पर कई सेनानियों ने बैठक की और नाराजगी जताई। कहा कि वह लोग जल्द ही वह लोग बैठक करेंगे और अधिकारियों से मिलकर बात करेंगे।
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