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मकान हुआ जमींदोज, दो बच्ची और महिला दबी
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:53 PM IST
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भरभराकर गिरा मकान, एक बच्ची की मौत
मकान हुआ जमींदोज, दो बच्ची और महिला दबी
कैराना।
यमुना खादर क्षेत्र के गांव काकौर में रविवार रात एक मकान जमींदोज हो गया। मकान के मलबे में दबकर एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
कैराना तहसील क्षेत्र के गांव काकौर निवासी सलीम मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसका मकान सड़क किनारे पर करीब पांच फुट गहरी खाई में बना था। मकान की दीवारें पक्की थी, लेकिन छत कच्ची थी। रविवार रात सलीम की पत्नी समूना घर के बाहर खाना बना रही थी। पांच महीने का बच्चा उसकी गोद में था, जबकि दो साल की बेटी नजराना पास में बैठी थी। वहीं, पांच वर्षीय बेटी साबिया और तीन वर्षीय बेटी शाइस्ता मकान के अंदर थीं। इसी दौरान मकान भरभराकर गिर गया। मलबे में दबने के कारण साबिया और शाइ स्ता के साथ ही उनकी मां समूना गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे से तेज आवाज होने पर मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इसके बाद कड़ी मशक्कत करके लोगों ने समूना, साबिया और शा इस्ता को मलबे से बाहर निकाला। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई, तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को कैराना स्थित अस्पताल पहुंचाया। वहां से घायलों को गंभीर हालत के चलते जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। शामली लाने के बाद भी घायलों की हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उनमें से बच्चियों को पानीपत ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान शाइस्ता की मौत हो गई। जबकि उसकी बड़ी बहन साबिया की हालत गंभीर बनी हुई है।
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मकान हुआ जमींदोज, दो बच्ची और महिला दबी
कैराना।
यमुना खादर क्षेत्र के गांव काकौर में रविवार रात एक मकान जमींदोज हो गया। मकान के मलबे में दबकर एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
कैराना तहसील क्षेत्र के गांव काकौर निवासी सलीम मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसका मकान सड़क किनारे पर करीब पांच फुट गहरी खाई में बना था। मकान की दीवारें पक्की थी, लेकिन छत कच्ची थी। रविवार रात सलीम की पत्नी समूना घर के बाहर खाना बना रही थी। पांच महीने का बच्चा उसकी गोद में था, जबकि दो साल की बेटी नजराना पास में बैठी थी। वहीं, पांच वर्षीय बेटी साबिया और तीन वर्षीय बेटी शाइस्ता मकान के अंदर थीं। इसी दौरान मकान भरभराकर गिर गया। मलबे में दबने के कारण साबिया और शाइ स्ता के साथ ही उनकी मां समूना गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे से तेज आवाज होने पर मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इसके बाद कड़ी मशक्कत करके लोगों ने समूना, साबिया और शा इस्ता को मलबे से बाहर निकाला। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई, तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को कैराना स्थित अस्पताल पहुंचाया। वहां से घायलों को गंभीर हालत के चलते जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। शामली लाने के बाद भी घायलों की हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उनमें से बच्चियों को पानीपत ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान शाइस्ता की मौत हो गई। जबकि उसकी बड़ी बहन साबिया की हालत गंभीर बनी हुई है।