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पहाड़ों पर बारिश के बाद हथनीकुंड से छोड़ा गया 11 हजार 622 क्यूसेक पानी
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:00 AM IST
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पहाड़ों पर बारिश से यमुना उफनी
शामली। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद मंगलवार को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। सोमवार की शाम को 7251 क्यूसेक पानी पहुंच गया है। अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ों पर बारिश के बाद पूरे दिन जलस्तर में उतार- चढ़ाव चलता रहा। यमुना में छोड़ा गया 7251 क्यूसेक पानी का असर शामली जिले में बुधवार की शाम तक पहुंचेगा। जिले के ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि पहाड़ो पर छोड़े गए पानी के बाद ड्रेनेज खंड जलस्तर बढ़ने का अनुमान लगाते हुए आसपास के गांवों को सूचना देकर अलर्ट कर दिया गया है।
पिछले 15-20 दिनों से सूखी यमुना में पहाड़ों पर बारिश होने से पानी आ गया था। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद यमुना नदी में हथिनी कुंड बैराज पर सुबह सामान्य 352 क्यूसेक जलस्तर था। बारिश के बाद सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर 3371 क्यूसेक पहुंच गया। दोपहर दो बजे जलस्तर सामान्य पर पहुंच गया। शाम पांच बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 7251क्यूसेक पहुंच गया। हथिनी कुंड बैैैराज से सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूरे दिन में हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को पूरे दिन में 11 622 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद बुधवार को दोपहर बजे शामली जिले में जलस्तर का असर शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड में डाक पत्थर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार यमुना नदी में 1490.90 मीटर जलस्तर है। शाम छह बजे 7 380 क्यूसेक पानी हथिनी कुंड की ओर छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों व कर्मचारियों के मुताबिक मंगलवार की शाम को कैैराना यमुना पुल पर 228.55 मीटर रिकार्ड किया गया है, जो खतरे के निशान से 1.30 मीटर नीचे है। यमुना में आज छोड़े गए पानी में मामूली बढ़ोतरी होगी। जिले के ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि पहाड़ो पर छोड़े गए पानी के बाद ड्रेनेज खंड जलस्तर बढ़ने का अनुमान लगाते हुए आसपास के गांवों को सूचना देकर अलर्ट कर दिया गया है।
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शामली। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद मंगलवार को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। सोमवार की शाम को 7251 क्यूसेक पानी पहुंच गया है। अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ों पर बारिश के बाद पूरे दिन जलस्तर में उतार- चढ़ाव चलता रहा। यमुना में छोड़ा गया 7251 क्यूसेक पानी का असर शामली जिले में बुधवार की शाम तक पहुंचेगा। जिले के ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि पहाड़ो पर छोड़े गए पानी के बाद ड्रेनेज खंड जलस्तर बढ़ने का अनुमान लगाते हुए आसपास के गांवों को सूचना देकर अलर्ट कर दिया गया है।
पिछले 15-20 दिनों से सूखी यमुना में पहाड़ों पर बारिश होने से पानी आ गया था। पहाड़ों पर बारिश होने के बाद यमुना नदी में हथिनी कुंड बैराज पर सुबह सामान्य 352 क्यूसेक जलस्तर था। बारिश के बाद सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर 3371 क्यूसेक पहुंच गया। दोपहर दो बजे जलस्तर सामान्य पर पहुंच गया। शाम पांच बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 7251क्यूसेक पहुंच गया। हथिनी कुंड बैैैराज से सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूरे दिन में हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को पूरे दिन में 11 622 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद बुधवार को दोपहर बजे शामली जिले में जलस्तर का असर शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड में डाक पत्थर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार यमुना नदी में 1490.90 मीटर जलस्तर है। शाम छह बजे 7 380 क्यूसेक पानी हथिनी कुंड की ओर छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों व कर्मचारियों के मुताबिक मंगलवार की शाम को कैैराना यमुना पुल पर 228.55 मीटर रिकार्ड किया गया है, जो खतरे के निशान से 1.30 मीटर नीचे है। यमुना में आज छोड़े गए पानी में मामूली बढ़ोतरी होगी। जिले के ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि पहाड़ो पर छोड़े गए पानी के बाद ड्रेनेज खंड जलस्तर बढ़ने का अनुमान लगाते हुए आसपास के गांवों को सूचना देकर अलर्ट कर दिया गया है।
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