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कोर्ट के आदेश पर तालाब कराया कब्जामुक्त
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:16 AM IST
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जलालाबाद (शामली)। हाईकोर्ट के आदेश पर नायब तहसीलदार शामली ने शनिवार को पुलिस और पीएसी को साथ लेकर जलालाबाद में तालाब से अवैध कब्जा हटवा दिया।
जलालाबाद में कृष्णा नदी पुल के निकट लुहारी मार्ग पर 32.5 बीघा का तालाब है, जिसे धोबियों वाले तालाब से जाना जाता है। तालाब पर चकबंदी के दौरान धोबीघाट का प्रस्ताव पास हो गया था, परंतु चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण न होने के कारण वह प्रस्ताव दर्ज नहीं हो पाया था। वहीं, 2016 में मत्स्य जीवी सहकारी संघ समिति के नाम पर दस साल के लिए मत्स्य पालन का पट्टा आवंटित हुआ था। परंतु धोबी समाज के विरोध के चलते समिति को मत्स्य पालन के लिए कब्जा नहीं मिल पा रहा था। इसके चलते मत्स्य जीवी सहकारी संघ के अध्यक्ष शिवचरण ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसमें कहा था कि तालाब में मत्स्य पालन के लिए बीज डालने पर धोबी समाज के लोग विरोध करते हैं, जिस कारण वह मत्स्य पालन नहीं कर पा रहे हैं। इसी के चलते हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षक सुरेशपाल, लेखपाल रूपराम, शैलेंद्र कुमार, ब्रजपाल सिंह पुलिस और पीएसी को साथ लेकर तालाब पर पहुंचे। मत्स्य जीवी सहकारी समिति को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान धोबी समाज के अफजाल अहमद के नेतृत्व में काफी लोग मौके पर पहुंच गए और राजस्व टीम का विरोध किया। इस पर नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया। जिसके बाद लोग शांत हो गए।
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जलालाबाद में कृष्णा नदी पुल के निकट लुहारी मार्ग पर 32.5 बीघा का तालाब है, जिसे धोबियों वाले तालाब से जाना जाता है। तालाब पर चकबंदी के दौरान धोबीघाट का प्रस्ताव पास हो गया था, परंतु चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण न होने के कारण वह प्रस्ताव दर्ज नहीं हो पाया था। वहीं, 2016 में मत्स्य जीवी सहकारी संघ समिति के नाम पर दस साल के लिए मत्स्य पालन का पट्टा आवंटित हुआ था। परंतु धोबी समाज के विरोध के चलते समिति को मत्स्य पालन के लिए कब्जा नहीं मिल पा रहा था। इसके चलते मत्स्य जीवी सहकारी संघ के अध्यक्ष शिवचरण ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसमें कहा था कि तालाब में मत्स्य पालन के लिए बीज डालने पर धोबी समाज के लोग विरोध करते हैं, जिस कारण वह मत्स्य पालन नहीं कर पा रहे हैं। इसी के चलते हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षक सुरेशपाल, लेखपाल रूपराम, शैलेंद्र कुमार, ब्रजपाल सिंह पुलिस और पीएसी को साथ लेकर तालाब पर पहुंचे। मत्स्य जीवी सहकारी समिति को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान धोबी समाज के अफजाल अहमद के नेतृत्व में काफी लोग मौके पर पहुंच गए और राजस्व टीम का विरोध किया। इस पर नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया। जिसके बाद लोग शांत हो गए।