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शेखूपुरा में खुंखार जानवर से ग्रामीणों में दहशत
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:02 AM IST
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शेखूपुरा में खूंखार जानवर से ग्रामीणों में दहशत
कैराना। गांव शेखुपुरा में पिछले 15 दिनों से जंगल में ग्रामीण दहशत में हैं। खेतों पर तेंदुए जैसे पंजों के निशान पाए गए हैं और शिकार करके छोड़े गए बछड़े व अन्य जानवर के अवशेष भी मिले हैं। इसके चलते किसानों ने खेतों पर भी जाना बंद कर दिया है। पूरे मामले से वन विभाग के अधिकारी अनभिज्ञता जता रहे हैं।
गांव शेखुपुरा के किसान अपने खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं। जंगल में जंगली जानवर के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई हैं, जहां किसानों ने अपने खेतों पर जाना बंद कर दिया है, वहीं ग्रामीण भी देर-सवेरे घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार 15 दिनों से रोज-रोज खेतों में किसानों को जानवर के पंजे के निशान मिल रहे हैं। गांव निवासी कलमेहर के खेत में शिकार कर छोड़ा गया कुत्ता मृत मिला था। प्रमोद व डॉ. संजय के खेत में बछड़ा मृत मिला, इनका भी उसी अंदाज में शिकार किया गया। इनकी गर्दन और पूंछ पर गंभीर घाव पाए गए। सोमवार को मलखे के खेत और धान की फसल में भी पंजों के निशान मिले। इससे 6-7 दिन पहले की बात है कि विकल, बबलू, ब्रिहम ने एक अज्ञात जानवर को गन्ने के खेत में घुसते देखा था। ग्रामीणों को अंदेशा है कि कही गांव में तेंदुआ नहीं आ गया हो। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन वन विभाग के अधिकारी नहीं आए। उधर, वन क्षेत्राधिकारी राकेश बालियान का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। टीम के साथ मौके पर जाकर पंजों के निशान की जांच की जाएगी।
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कैराना। गांव शेखुपुरा में पिछले 15 दिनों से जंगल में ग्रामीण दहशत में हैं। खेतों पर तेंदुए जैसे पंजों के निशान पाए गए हैं और शिकार करके छोड़े गए बछड़े व अन्य जानवर के अवशेष भी मिले हैं। इसके चलते किसानों ने खेतों पर भी जाना बंद कर दिया है। पूरे मामले से वन विभाग के अधिकारी अनभिज्ञता जता रहे हैं।
गांव शेखुपुरा के किसान अपने खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं। जंगल में जंगली जानवर के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई हैं, जहां किसानों ने अपने खेतों पर जाना बंद कर दिया है, वहीं ग्रामीण भी देर-सवेरे घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार 15 दिनों से रोज-रोज खेतों में किसानों को जानवर के पंजे के निशान मिल रहे हैं। गांव निवासी कलमेहर के खेत में शिकार कर छोड़ा गया कुत्ता मृत मिला था। प्रमोद व डॉ. संजय के खेत में बछड़ा मृत मिला, इनका भी उसी अंदाज में शिकार किया गया। इनकी गर्दन और पूंछ पर गंभीर घाव पाए गए। सोमवार को मलखे के खेत और धान की फसल में भी पंजों के निशान मिले। इससे 6-7 दिन पहले की बात है कि विकल, बबलू, ब्रिहम ने एक अज्ञात जानवर को गन्ने के खेत में घुसते देखा था। ग्रामीणों को अंदेशा है कि कही गांव में तेंदुआ नहीं आ गया हो। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन वन विभाग के अधिकारी नहीं आए। उधर, वन क्षेत्राधिकारी राकेश बालियान का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। टीम के साथ मौके पर जाकर पंजों के निशान की जांच की जाएगी।
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