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अप्रैल में आग से तबाह हुए सैकड़ों बीघा खेत
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। अप्रैल माह में आग लगने की लगातार घटनाएं होने से जिले में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। गेहूं की फसल जलने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा जिले में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण नुकसान ज्यादा हुआ है।
अप्रैल माह के शुरू होते ही आग लगने की घटनाएं जिले में काफी बढ़ गई। आठ अप्रैल से 29 अप्रैल तक जिले में आग लगने की 20 से अधिक घटनाएं हुईं। इनमें मुख्य रूप से शामली शुगर मिल के कार्यालय और सिक्का के मारुति पेपर मिल में आग लगने की घटना हुई। वहीं कांधला के डुंडूखेड़ा, सहपत और नंगलाराई और मोहम्मदपुर राई आदि गांवों के खेतों में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलाकर आग ने तबाही मचाई। अप्रैल माह में आग से जिलेभर में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान होना बताया गया है। हालांकि विभागीय अधिकारी अप्रैल माह में आग से हुई क्षति की फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में लगे हैं। आग की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में सीमित और पुराने संसाधन ही उपलब्ध है। पिछले साल 2018 में जिले में 146 अग्निकांड की घटनाएं हुई थीं। जिनमें एक करोड़ 46 लाख 69 हजार की संपत्ति का नुकसान हुआ। विभाग का दावा है कि 2018 में हुए आग की घटनाओं में तीन करोड़ 97 लाख 11 हजार 500 रुपये के संपत्ति बचाई गई।
जिले में आग बुझाने के संसाधन और स्टाफ
फायर स्टेशन पर जिले में आग बुझाने के लिए दो बड़ी गाड़ी (वाटर टेंडर), दो छोटी गाड़ी (मिनी वाटर मिस्ट), एक पंप है। इनमें एक बड़ी गाड़ी 33 साल पुरानी तो दूसरी 23 साल पुरानी है, जबकि एक छोटी गाड़ी 13 साल पुरानी है। जनपद शामली एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण तीनों गाड़ी मानक के अनुसार नहीं चलाई जा सकती, लेकिन नई गाड़ी न मिलने के कारण विभाग इन गाड़ियों को चलाने को मजबूर है। विभागीय जानकारी के मुताबिक एसपी और डीएम द्वारा 12 से अधिक बार डीजी फायर लखनऊ को पत्र भेजे जा चुुके हैं। स्टाफ में एक सीएफओ, एक एफएसएसओ, छह हेडकांस्टेबल, छह चालक, 21 फायरमैन। इनमें ऊन में एक हेडकांस्टेबल, एक चालक और दो फायर मैन, एक छोटी गाड़ी, कैराना में एक बड़ी गाड़ी, एक चालक, एक हेडकांस्टेबल और चार फायरमैन, नई मंडी ईवीएम की सुरक्षा में एक छोटी गाड़ी, एक चालक, एक हेडकांस्टेबल, तीन फायरमैन, ब्लाक रोड पर फायर स्टेशन की भूमि पर सरकारी सामान की सुरक्षा में दो फायरमैन और सीएफओ के हमराह में एक चालक, एक हेडकांस्टेबल और एक कांस्टेबल की ड्यूटी लगी है। शामली फायर स्टेशन पर एक बड़ी गाड़ी, दो हेड कांस्टेबल, एक चालक, 10 फायरमैन की तैनाती है।
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आग लगने पर ये करें
- आग लगने पर पानी और रेत का तत्काल इस्तेमाल करें।
- फायरब्रिगेड के नंबर पर तुरंत सूचना दें।
- आग लगने पर अधिक से अधिक सामान को मौके से हटाकर जलने से बचाएं।
- फैक्टरी में मानक के अनुसार फायर हाइडेंट सिस्टम व अन्य संसाधन लगाए लगाए जाए।
- उपले और चूल्हे पर काम करने के बाद पानी डालकर आग को पूरी तह बुझा दें।
- ऑयल डिपो या ज्वलनशील पदार्थों के आसपास माचिस, बीडी या सिगरेट आदि न जलाएं।
अप्रैल माह में हुईं आग लगने की घटनाएं
8 अप्रैल : शामली के खैरादियान में घर में गैस सिलिंडर में लगी आग।
10 अप्रैल : गांव ढिंढाली में सड़क किनारे घास में लगी आग।
12 अप्रैल : गांव खंद्रावली के निकट हाईवे पर कोल्हू में लगी आग।
15 अप्रैल : शामली शुगर मिल के कार्यालय में लगी आग, कस्बा ऊन में पुलिस चौकी के निकट कूड़े के ढेर में लगी आग। भमेड़ी शाहपुर में कोल्हू के छप्पर और खोई में लगी आग।
16 अप्रैल : कैराना रोड पर औद्योगिक क्षेत्र के निकट पेड़ में लगी आग।
18 अप्रैल : शामली में नई मंडी के निकट विद्युत पोल में लगी आग।
21 अप्रैल : शामली में किसान इंटर कालेज के निकट ट्रांसफार्मर में लगी आग।
22 अप्रैल : थानाभवन में बाल विकास परियोजना कार्यालय में पुराल में लगी आग।
24 अप्रैल : कस्बा कांधला के खैल मोहल्ले में पुराल से लदी ट्राली में लगी आग, घसौली रोड पर पुराल में लगी आग, कैराना के जहांनपुरा में कूड़े के ढेर में लगी आग।
26 अप्रैल : सिक्का में मारुति पेपर मिल में लगी आग।
28 अप्रैल : सहपत और डूंडुखेड़ा में गेहूं की फसल जली।
29 अप्रैल : कैराना के नंगलाराई और मोहम्मदपुर राई में कटे हुए गेहूं के ढेर में लगी आग, कैराना में पुराल से लदी ट्रैक्टर-ट्राली में लगी आग।
आग लगने की सूचना मिलते ही जिले में उपलब्ध संसाधनों के साथ तत्काल कर्मचारी मौके पर पहुंचते है और जल्द से जल्द आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती है ताकि आग से होने वाली क्षति को रोका जा सके। - अजीज खान, प्रभारी फायर स्टेशन।
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शामली। अप्रैल माह में आग लगने की लगातार घटनाएं होने से जिले में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। गेहूं की फसल जलने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा जिले में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण नुकसान ज्यादा हुआ है।
अप्रैल माह के शुरू होते ही आग लगने की घटनाएं जिले में काफी बढ़ गई। आठ अप्रैल से 29 अप्रैल तक जिले में आग लगने की 20 से अधिक घटनाएं हुईं। इनमें मुख्य रूप से शामली शुगर मिल के कार्यालय और सिक्का के मारुति पेपर मिल में आग लगने की घटना हुई। वहीं कांधला के डुंडूखेड़ा, सहपत और नंगलाराई और मोहम्मदपुर राई आदि गांवों के खेतों में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलाकर आग ने तबाही मचाई। अप्रैल माह में आग से जिलेभर में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान होना बताया गया है। हालांकि विभागीय अधिकारी अप्रैल माह में आग से हुई क्षति की फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में लगे हैं। आग की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में सीमित और पुराने संसाधन ही उपलब्ध है। पिछले साल 2018 में जिले में 146 अग्निकांड की घटनाएं हुई थीं। जिनमें एक करोड़ 46 लाख 69 हजार की संपत्ति का नुकसान हुआ। विभाग का दावा है कि 2018 में हुए आग की घटनाओं में तीन करोड़ 97 लाख 11 हजार 500 रुपये के संपत्ति बचाई गई।
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जिले में आग बुझाने के संसाधन और स्टाफ
फायर स्टेशन पर जिले में आग बुझाने के लिए दो बड़ी गाड़ी (वाटर टेंडर), दो छोटी गाड़ी (मिनी वाटर मिस्ट), एक पंप है। इनमें एक बड़ी गाड़ी 33 साल पुरानी तो दूसरी 23 साल पुरानी है, जबकि एक छोटी गाड़ी 13 साल पुरानी है। जनपद शामली एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण तीनों गाड़ी मानक के अनुसार नहीं चलाई जा सकती, लेकिन नई गाड़ी न मिलने के कारण विभाग इन गाड़ियों को चलाने को मजबूर है। विभागीय जानकारी के मुताबिक एसपी और डीएम द्वारा 12 से अधिक बार डीजी फायर लखनऊ को पत्र भेजे जा चुुके हैं। स्टाफ में एक सीएफओ, एक एफएसएसओ, छह हेडकांस्टेबल, छह चालक, 21 फायरमैन। इनमें ऊन में एक हेडकांस्टेबल, एक चालक और दो फायर मैन, एक छोटी गाड़ी, कैराना में एक बड़ी गाड़ी, एक चालक, एक हेडकांस्टेबल और चार फायरमैन, नई मंडी ईवीएम की सुरक्षा में एक छोटी गाड़ी, एक चालक, एक हेडकांस्टेबल, तीन फायरमैन, ब्लाक रोड पर फायर स्टेशन की भूमि पर सरकारी सामान की सुरक्षा में दो फायरमैन और सीएफओ के हमराह में एक चालक, एक हेडकांस्टेबल और एक कांस्टेबल की ड्यूटी लगी है। शामली फायर स्टेशन पर एक बड़ी गाड़ी, दो हेड कांस्टेबल, एक चालक, 10 फायरमैन की तैनाती है।
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आग लगने पर ये करें
- आग लगने पर पानी और रेत का तत्काल इस्तेमाल करें।
- फायरब्रिगेड के नंबर पर तुरंत सूचना दें।
- आग लगने पर अधिक से अधिक सामान को मौके से हटाकर जलने से बचाएं।
- फैक्टरी में मानक के अनुसार फायर हाइडेंट सिस्टम व अन्य संसाधन लगाए लगाए जाए।
- उपले और चूल्हे पर काम करने के बाद पानी डालकर आग को पूरी तह बुझा दें।
- ऑयल डिपो या ज्वलनशील पदार्थों के आसपास माचिस, बीडी या सिगरेट आदि न जलाएं।
अप्रैल माह में हुईं आग लगने की घटनाएं
8 अप्रैल : शामली के खैरादियान में घर में गैस सिलिंडर में लगी आग।
10 अप्रैल : गांव ढिंढाली में सड़क किनारे घास में लगी आग।
12 अप्रैल : गांव खंद्रावली के निकट हाईवे पर कोल्हू में लगी आग।
15 अप्रैल : शामली शुगर मिल के कार्यालय में लगी आग, कस्बा ऊन में पुलिस चौकी के निकट कूड़े के ढेर में लगी आग। भमेड़ी शाहपुर में कोल्हू के छप्पर और खोई में लगी आग।
16 अप्रैल : कैराना रोड पर औद्योगिक क्षेत्र के निकट पेड़ में लगी आग।
18 अप्रैल : शामली में नई मंडी के निकट विद्युत पोल में लगी आग।
21 अप्रैल : शामली में किसान इंटर कालेज के निकट ट्रांसफार्मर में लगी आग।
22 अप्रैल : थानाभवन में बाल विकास परियोजना कार्यालय में पुराल में लगी आग।
24 अप्रैल : कस्बा कांधला के खैल मोहल्ले में पुराल से लदी ट्राली में लगी आग, घसौली रोड पर पुराल में लगी आग, कैराना के जहांनपुरा में कूड़े के ढेर में लगी आग।
26 अप्रैल : सिक्का में मारुति पेपर मिल में लगी आग।
28 अप्रैल : सहपत और डूंडुखेड़ा में गेहूं की फसल जली।
29 अप्रैल : कैराना के नंगलाराई और मोहम्मदपुर राई में कटे हुए गेहूं के ढेर में लगी आग, कैराना में पुराल से लदी ट्रैक्टर-ट्राली में लगी आग।
आग लगने की सूचना मिलते ही जिले में उपलब्ध संसाधनों के साथ तत्काल कर्मचारी मौके पर पहुंचते है और जल्द से जल्द आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती है ताकि आग से होने वाली क्षति को रोका जा सके। - अजीज खान, प्रभारी फायर स्टेशन।