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फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने को शिक्षकों की उमड़ी भीड़, पैसे लेने का भी लगाया आरोप
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:34 PM IST
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शामली। जिला अस्पताल में दूसरे दिन भी नवनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भीड़ उमड़ी रही। कई शिक्षकों और साथ पहुंचे परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप भी लगाया।
शुक्रवार को बेसिक शिक्षा कार्यालय से नवनियुक्त 124 शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद से वह फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने में जुटे हैं। जिसके चलते सीएचसी पर शनिवार को भी फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भीड़ रही। कुछ शिक्षक और परिजनों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक लिए है। जबकि उन्होंने सभी जांच बाहर प्राइवेट लैब पर पैसे खर्च कराई है। जिसके बाद भी उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। कई शिक्षकों ने बताया कि जब उन्होंने विरोध किया तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे 100 रुपये लेकर केवल 68 रुपये की रसीद काटकर दी है। आरोप है कि कर्मचारी जानने वाले और सुविधा शुल्क देने वाले लोगों का फिटनेस सर्टिफिकेट जल्दी बना रहे हैं।
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शुक्रवार को बेसिक शिक्षा कार्यालय से नवनियुक्त 124 शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद से वह फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने में जुटे हैं। जिसके चलते सीएचसी पर शनिवार को भी फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भीड़ रही। कुछ शिक्षक और परिजनों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक लिए है। जबकि उन्होंने सभी जांच बाहर प्राइवेट लैब पर पैसे खर्च कराई है। जिसके बाद भी उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। कई शिक्षकों ने बताया कि जब उन्होंने विरोध किया तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे 100 रुपये लेकर केवल 68 रुपये की रसीद काटकर दी है। आरोप है कि कर्मचारी जानने वाले और सुविधा शुल्क देने वाले लोगों का फिटनेस सर्टिफिकेट जल्दी बना रहे हैं।
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