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शराब की दुकान का टेंडर लेने को मची होड़

Sat, 17 Feb 2018 11:52 PM IST
Updated Sat, 17 Feb 2018 11:52 PM IST
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शराब की दुकान का टेंडर लेने को मची होड़
शराब की दुकान लेने के लिए मची होड़
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शामली। शासन ने इस बार शराब की दुकानों की नीलामी ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते 20 से 28 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन होने हैं। शराब की दुकान लेने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है, जिसके चलते लोग पात्रता की शर्तें पूरी कराने में जुटे हुए हैं।
शामली जिले में देशी शराब की 81, अंग्रेजी शराब की 31, बीयर की 30 और चार मॉडल शॉप संचालित हैं। पूर्व में शामली सहित आसपास के जिलों में शराब की दुकानों का संचालन मैसर्स बेवरेज कंपनी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन इस बार शासन ने शराब की दुकानों की खुली नीलामी कराने का फैसला किया। इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर शराब की दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया गया। इसी के चलते लोगों ने शराब की दुकान लेने के लिए अपने कागजात पूरे कराने प्रारंभ कर दिए हैं। दुकान आवंटन के लिए हैसियत प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, जिसके चलते कलक्ट्रेट में हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोग भी रोजाना पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 150 हैसियत प्रमाण पत्रजारी भी हो चुके हैं, जबकि जिले में शराब की 146 दुकानों का आवंटन होगा
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जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि शराब की दुकान के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाना है। 20 से 28 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन होंगे, जिसके बाद पांच फरवरी को ऑनलाइन नीलामी की जाएगी। उसके लिए कलक्ट्रेट में एनआईसी के सहयोग से ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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प्रोसेसिंग फीस नहीं होगी वापस
शराब की दुकान के आवंटन के लिए फीस भी निर्धारित की गई है। देशी शराब की दुकान के लिए 15 हजार रुपये तथा जीएसटी और मॉडल शॉप के लिए 20 हजार रुपये और जीएसटी के रूप में प्रोसेसिंग फीस जमा करानी होगी। इसके अलावा दुकान के लाइसेंस फीस की 10 प्रतिशत धरोहर राशि भी जमा करानी होगी। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि नीलामी में जिनके नाम दुकान का आवंटन नहीं होगा, उन्हें धरोहर राशि तो वापस मिल जाएगी, लेकिन प्रोसेसिंग फीस वापस नहीं होगी।
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