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भगत आदमी था म्हारा बाबूजी
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:21 AM IST
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शामली।
जब मैं 18 साल का था और बाबू हुकुम सिंह कैप्टन थे, तब से मेरा तो यही घर है, यहीं खाना है यहीं रहना है। म्हारा बाबूजी तो भगत आदमी था, म्हारे सिर से तो साया ही उठ गया। यह बात करीब 45 साल से सांसद हुकुम सिंह के मायापुर फार्म हाउस पर काम करने वाले लच्छी सैनी उर्फ मिर्ची ने कही। सांसद के निधन से उस पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है ।
गांव जहानपुरा निवासी लच्छी सैनी ने बताया कि बाबू हुकुम सिंह ने उसके परिवार पर बहुत उपकार किए। बेटे अरविंद की सहकारी बैंक में नौकरी लगवाई और भाई ओमपाल को सरकारी अस्पताल में लगवाया। लच्छी ने कहा कि हमारे बाबूजी एकदम भगत थे, कभी किसी से बुरा नहीं बोलते थे और दूसरों को भी अच्छा व्यवहार करने के लिए कहते थे। लच्छी की आंख में उस बात को याद करके आंसू भर आए, जब 18 साल पूर्व लच्छी की पत्नी का निधन हो गया था, तब प्रदेश सरकार में हुकुम सिंह मंत्री होने के बावजूद वह जहानपुरा गांव में लच्छी के घर पहुंचे थे और कंधे पर हाथ रखकर कहा था कि लच्छी घबरा मत, मैं तेरे साथ हूं।
गौरतलब है कि सांसद हुकुम सिंह के मायापुर फार्म हाउस पर बाग और खेतों की रखवाली की पूरी जिम्मेदारी लच्छी सैनी संभालता है। खेतों में कब फसल बोनी है और कौन सी फसल लगानी है, पूरा हिसाब रखता था। बाबू हुकुम सिंह भी लच्छी सैनी की वफादारी से इतने प्रसन्न रहते थे कि खेत और बाग की कोई चिंता नहीं रहती थी।
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केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी पहुंचे
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री एवं हरियाणा से सांसद कृष्णपाल गुर्जर भी रविवार शाम करीब छह बजे कैराना के मायापुर फार्म हाउस पर पहुंचे और बाबू हुकुम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। परिवार के सदस्यों को ढाढस बंधाया और काफी देर तक उनके साथ बैठकर वार्ता की।
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जब मैं 18 साल का था और बाबू हुकुम सिंह कैप्टन थे, तब से मेरा तो यही घर है, यहीं खाना है यहीं रहना है। म्हारा बाबूजी तो भगत आदमी था, म्हारे सिर से तो साया ही उठ गया। यह बात करीब 45 साल से सांसद हुकुम सिंह के मायापुर फार्म हाउस पर काम करने वाले लच्छी सैनी उर्फ मिर्ची ने कही। सांसद के निधन से उस पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है ।
गांव जहानपुरा निवासी लच्छी सैनी ने बताया कि बाबू हुकुम सिंह ने उसके परिवार पर बहुत उपकार किए। बेटे अरविंद की सहकारी बैंक में नौकरी लगवाई और भाई ओमपाल को सरकारी अस्पताल में लगवाया। लच्छी ने कहा कि हमारे बाबूजी एकदम भगत थे, कभी किसी से बुरा नहीं बोलते थे और दूसरों को भी अच्छा व्यवहार करने के लिए कहते थे। लच्छी की आंख में उस बात को याद करके आंसू भर आए, जब 18 साल पूर्व लच्छी की पत्नी का निधन हो गया था, तब प्रदेश सरकार में हुकुम सिंह मंत्री होने के बावजूद वह जहानपुरा गांव में लच्छी के घर पहुंचे थे और कंधे पर हाथ रखकर कहा था कि लच्छी घबरा मत, मैं तेरे साथ हूं।
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गौरतलब है कि सांसद हुकुम सिंह के मायापुर फार्म हाउस पर बाग और खेतों की रखवाली की पूरी जिम्मेदारी लच्छी सैनी संभालता है। खेतों में कब फसल बोनी है और कौन सी फसल लगानी है, पूरा हिसाब रखता था। बाबू हुकुम सिंह भी लच्छी सैनी की वफादारी से इतने प्रसन्न रहते थे कि खेत और बाग की कोई चिंता नहीं रहती थी।
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केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी पहुंचे
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री एवं हरियाणा से सांसद कृष्णपाल गुर्जर भी रविवार शाम करीब छह बजे कैराना के मायापुर फार्म हाउस पर पहुंचे और बाबू हुकुम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। परिवार के सदस्यों को ढाढस बंधाया और काफी देर तक उनके साथ बैठकर वार्ता की।