{"_id":"5a76156c4f1c1b410b8b6d08","slug":"121517688172-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुकुम सिंह को पशुओं से था अगाध प्रेम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुकुम सिंह को पशुओं से था अगाध प्रेम
Updated Sun, 04 Feb 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हुकुम सिंह को पशुओं से था अगाध प्रेम
शामली।
सांसद हुकुम सिंह को पशुओं से भी बेहद प्रेम था, जबकि डॉक्टरों ने उन्हें पशुओं से दूर रहने की हिदायत दे रखी थी। क्योंकि उनको फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया था, लेकिन वह पशुओं से खुद को दूर नहीं कर पा रहे थे।
सांसद हुकुम सिंह ने कैराना स्थित मायापुर फार्म हाउस पर ही गायों का पालन भी कराया था। फार्म हाउस परिसर में ही बड़े अहाते में गाय पालते थे। सुबह और शाम को वहां पहुंचकर गायों को चारा खिलाते थे तथा वहां कार्य करने वालों को नसीहत देते थे कि गायों की सेवा सच्चे मन से करना। इतना ही नहीं, मायापुर फार्म हाउस में उनके आवास पर बिल्ली भी पलती थी, जिन्हें कई बार लोगों ने सांसद हुकुम सिंह की गोद में बैठे भी देखा था।
वहीं, सांसद हुकुम सिंह को घुड़सवारी से भी लगाव था। 2014 के लोकसभा चुनाव तक वह रोजाना सुबह घुड़सवारी करने निकलते थे। मायापुर फार्म से शामली के पूर्वी यमुना नहर तक वह घोड़े से घूमने आते थे। इसके अलावा वह योग और प्राणायाम भी नित प्रतिदिन करते थे। 79 वर्ष के होने के बावजूद वह हमेशा हंसमुख रहे। इसके पीछे उनका सादा जीवन भी बड़ा महत्वपूर्ण था। सुबह जल्दी उठना और फार्म हाउस परिसर में ही खेतों में उगाई गई जैविक सब्जियों का ही सेवन करते थे। फार्म हाउस पर उनके बाग में आम, अमरूद, लीची, नासपाती आदि फलों के अलावा एलोविरा, फूल आदि सहित औषधीय पौधे भी लगाए हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली।
सांसद हुकुम सिंह को पशुओं से भी बेहद प्रेम था, जबकि डॉक्टरों ने उन्हें पशुओं से दूर रहने की हिदायत दे रखी थी। क्योंकि उनको फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया था, लेकिन वह पशुओं से खुद को दूर नहीं कर पा रहे थे।
सांसद हुकुम सिंह ने कैराना स्थित मायापुर फार्म हाउस पर ही गायों का पालन भी कराया था। फार्म हाउस परिसर में ही बड़े अहाते में गाय पालते थे। सुबह और शाम को वहां पहुंचकर गायों को चारा खिलाते थे तथा वहां कार्य करने वालों को नसीहत देते थे कि गायों की सेवा सच्चे मन से करना। इतना ही नहीं, मायापुर फार्म हाउस में उनके आवास पर बिल्ली भी पलती थी, जिन्हें कई बार लोगों ने सांसद हुकुम सिंह की गोद में बैठे भी देखा था।
विज्ञापन
वहीं, सांसद हुकुम सिंह को घुड़सवारी से भी लगाव था। 2014 के लोकसभा चुनाव तक वह रोजाना सुबह घुड़सवारी करने निकलते थे। मायापुर फार्म से शामली के पूर्वी यमुना नहर तक वह घोड़े से घूमने आते थे। इसके अलावा वह योग और प्राणायाम भी नित प्रतिदिन करते थे। 79 वर्ष के होने के बावजूद वह हमेशा हंसमुख रहे। इसके पीछे उनका सादा जीवन भी बड़ा महत्वपूर्ण था। सुबह जल्दी उठना और फार्म हाउस परिसर में ही खेतों में उगाई गई जैविक सब्जियों का ही सेवन करते थे। फार्म हाउस पर उनके बाग में आम, अमरूद, लीची, नासपाती आदि फलों के अलावा एलोविरा, फूल आदि सहित औषधीय पौधे भी लगाए हुए थे।
विज्ञापन