{"_id":"5a5901fe4f1c1bab3f8b474a","slug":"121515782654-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नसबंदी के बाद भी महिला हो गई गर्भवती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नसबंदी के बाद भी महिला हो गई गर्भवती
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली।
चार महीने पूर्व नसबंदी कराने के बावजूद एक महिला गर्भवती हो गई। शनिवार को सीएमओ ऑफिस पहुंची महिला ने मामले में शिकायत की है।
जिला मुजफ्फरनगर के गांव साहटू निवासी रेशमा ने सीएचसी में 28 अगस्त को नसबंदी कैंप में नसबंदी कराई थी। करीब एक माह पूर्व महिला को महसूस हुआ कि वह गर्भवती है, लेकिन उसने इस ओर ध्यान दिया। कुछ दिन पूर्व महिला ने आशा सपना को इस बारे में जानकारी दी। जिसके बाद आशा ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया तो स्थिति साफ हो गई। जिसके बाद शनिवार को महिला आशा के साथ सीएमओ ऑफिस में पहुंची और शिकायत की। मगर सीएमओ के निरीक्षण में जाने की वजह से उनकी मुलाकात सीएमओ से नहीं हो सकी। उधर सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि उनके संज्ञान में अभी मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराकर महिला को क्लेम दिलवाया जाएगा।
पिछले साल तीन महिलाओं की नसबंदी हुई थी फेल
नसबंदी फेल होना कोई नई बात नहीं है। शामली जिले में पिछले साल तीन महिलाओं की भी नसबंदी फेल होने की बात सामने आई थी। महिलाओं ने क्लेम की मांग सीएमओ ऑफिस में की थी। जिसके बाद उनकी फाइलें तैयार कर लखनऊ भेजी गई थी। डाक्टरों का कहना है कि तीन महीने के अंदर यदि महिला गर्भवती होती है तो उसकी सूचना विभाग को देनी पड़ती है। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
चार महीने पूर्व नसबंदी कराने के बावजूद एक महिला गर्भवती हो गई। शनिवार को सीएमओ ऑफिस पहुंची महिला ने मामले में शिकायत की है।
जिला मुजफ्फरनगर के गांव साहटू निवासी रेशमा ने सीएचसी में 28 अगस्त को नसबंदी कैंप में नसबंदी कराई थी। करीब एक माह पूर्व महिला को महसूस हुआ कि वह गर्भवती है, लेकिन उसने इस ओर ध्यान दिया। कुछ दिन पूर्व महिला ने आशा सपना को इस बारे में जानकारी दी। जिसके बाद आशा ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया तो स्थिति साफ हो गई। जिसके बाद शनिवार को महिला आशा के साथ सीएमओ ऑफिस में पहुंची और शिकायत की। मगर सीएमओ के निरीक्षण में जाने की वजह से उनकी मुलाकात सीएमओ से नहीं हो सकी। उधर सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि उनके संज्ञान में अभी मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराकर महिला को क्लेम दिलवाया जाएगा।
पिछले साल तीन महिलाओं की नसबंदी हुई थी फेल
नसबंदी फेल होना कोई नई बात नहीं है। शामली जिले में पिछले साल तीन महिलाओं की भी नसबंदी फेल होने की बात सामने आई थी। महिलाओं ने क्लेम की मांग सीएमओ ऑफिस में की थी। जिसके बाद उनकी फाइलें तैयार कर लखनऊ भेजी गई थी। डाक्टरों का कहना है कि तीन महीने के अंदर यदि महिला गर्भवती होती है तो उसकी सूचना विभाग को देनी पड़ती है। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन