{"_id":"5a3e9f404f1c1b502b8b6421","slug":"121514053440-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मामौर झील पुर्नजीवित करने में करेंगे मदद - माथुरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मामौर झील पुर्नजीवित करने में करेंगे मदद - माथुरिया
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मामौर झील पुनर्जीवित करने में करेंगे मदद - माथुरिया
शामली।
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के कार्यकारी निदेशक डीपी माथुरिया ने शनिवार को मामौर झील का भ्रमण किया। साथ ही कृष्णा नदी और हिंडन नदी को प्रदूषित करने वाले नालों के पानी की गुणवत्ता की जांच के आदेश भी दिए।
शनिवार को शामली गंगा विचार मंच के जिला समन्वयक डॉक्टर उमर सैफ के बुलावे पर नमामि गंगे जल एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक डीपी माथुरिया ने मामौर झील में चल रहे झील पुनर्जीवन व जैव विविधता संरक्षण अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि शामली के लोगों द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं और इन प्रयासों को पूरे गंगा बेसिन में दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैराना कस्बे के प्रदूषित जल के जमा होने से बनी मामौर झील भविष्य में जनसहभागिता से किए जाने वाले कार्यों की मिसाल बनेगी। गंगा विचार मंच को लोगों को भरोसा दिया कि मामौर झील को पुर्नजीवित करने के लिए केन्द्रीय मंत्रालय के स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञ फैज खान, प्रधान नूरदीन, ग्राम विकास अधिकारी सतपाल, सोनू कुमार, मधुरम यादव, ओम कुमार कश्यप, अमित कश्यप, मुस्तकीम, प्रदीप कुमार, कमल, लुकमान अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शामली।
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के कार्यकारी निदेशक डीपी माथुरिया ने शनिवार को मामौर झील का भ्रमण किया। साथ ही कृष्णा नदी और हिंडन नदी को प्रदूषित करने वाले नालों के पानी की गुणवत्ता की जांच के आदेश भी दिए।
शनिवार को शामली गंगा विचार मंच के जिला समन्वयक डॉक्टर उमर सैफ के बुलावे पर नमामि गंगे जल एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक डीपी माथुरिया ने मामौर झील में चल रहे झील पुनर्जीवन व जैव विविधता संरक्षण अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि शामली के लोगों द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं और इन प्रयासों को पूरे गंगा बेसिन में दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैराना कस्बे के प्रदूषित जल के जमा होने से बनी मामौर झील भविष्य में जनसहभागिता से किए जाने वाले कार्यों की मिसाल बनेगी। गंगा विचार मंच को लोगों को भरोसा दिया कि मामौर झील को पुर्नजीवित करने के लिए केन्द्रीय मंत्रालय के स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञ फैज खान, प्रधान नूरदीन, ग्राम विकास अधिकारी सतपाल, सोनू कुमार, मधुरम यादव, ओम कुमार कश्यप, अमित कश्यप, मुस्तकीम, प्रदीप कुमार, कमल, लुकमान अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन