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तितरवाड़ा में बुखार से एक ओर महिला की मौत
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:28 AM IST
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कैराना।
तीतरवाड़ा में पिछले दो दिनों के अंदर बुखार के चलते जहां दो मौत हो गई थीं। शनिवार की रात गांव में बुखार से पीड़ित एक और महिला ने दम तोड़ दिया। गांव में अभी भी कई लोग मलेरिया, टाइफाइड, वायलर बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने गांव में चिकित्सा शिविर लगवाए जाने की मांग की है।
शुक्रवार को तीतरवाड़ा में हारून की पत्नी की बुखार के कारण मौत हो गई थी। शुक्रवार रात में ही होमगार्ड फैय्याज की भी बुखार के कारण मौत हो गई थी। शनिवार रात आठ बजे तीतरवाड़ा निवासी अनवर की पत्नी नसरीन (30) की भी बुखार के कारण मौत हो गई। नसरीन का शामली में एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार चल रहा था। गांव में मच्छरों के प्रकोप और मौसम के बदलने के कारण बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि सात माह पूर्व गांव में प्रधान के मकान के पास स्थित सरकारी अस्पताल को भी तीतरवाड़ा से हटा कर डुंडूखेड़ा में शिफ्ट कर दिया गया। इसके कारण गांव में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग इस ओर से आखें बंद करे बैठा है।
सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सलीम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों को सूचना भिजवा दी गई है कि वो यहां आकर मच्छर छिड़काव की दवाई ले जाएं। साथ ही तीतरवाड़ा और अन्य गांवों में कैंप लगा कर बुखार की जांच, दवाई वितरित की जाएगी।
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तीतरवाड़ा में पिछले दो दिनों के अंदर बुखार के चलते जहां दो मौत हो गई थीं। शनिवार की रात गांव में बुखार से पीड़ित एक और महिला ने दम तोड़ दिया। गांव में अभी भी कई लोग मलेरिया, टाइफाइड, वायलर बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने गांव में चिकित्सा शिविर लगवाए जाने की मांग की है।
शुक्रवार को तीतरवाड़ा में हारून की पत्नी की बुखार के कारण मौत हो गई थी। शुक्रवार रात में ही होमगार्ड फैय्याज की भी बुखार के कारण मौत हो गई थी। शनिवार रात आठ बजे तीतरवाड़ा निवासी अनवर की पत्नी नसरीन (30) की भी बुखार के कारण मौत हो गई। नसरीन का शामली में एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार चल रहा था। गांव में मच्छरों के प्रकोप और मौसम के बदलने के कारण बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि सात माह पूर्व गांव में प्रधान के मकान के पास स्थित सरकारी अस्पताल को भी तीतरवाड़ा से हटा कर डुंडूखेड़ा में शिफ्ट कर दिया गया। इसके कारण गांव में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग इस ओर से आखें बंद करे बैठा है।
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सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सलीम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों को सूचना भिजवा दी गई है कि वो यहां आकर मच्छर छिड़काव की दवाई ले जाएं। साथ ही तीतरवाड़ा और अन्य गांवों में कैंप लगा कर बुखार की जांच, दवाई वितरित की जाएगी।
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