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कैराना में इदगाह पर उमड़ा हजारों अकीदतमंदों का सैलाब
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:40 PM IST
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कैराना। ईद उल फितर कैराना में धूमधाम से मनाया गया। सैकड़ों अकीदतमंदों ने शहर की ईदगाह पर नमाज अदा की। इस दौरान सभी ने आपसी भाईचारे तथा राष्ट्र एकता की दुआ मांगी। ईद के त्योहार पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
नगर की ईदगाह में सुबह आठ बजे मौलाना ताहिर हसन ने ईद की नमाज अदा कराई। इससे पूर्व खिताब करते हुए मौलाना ताहिर ने कहा कि मुस्लिम समाज अपने सही रास्ते से भटक रहा है, जिसका कारण हमारी बदअमली है। नौजवानों ने पैगंबर मोहम्मद साहब के बताये रास्ते को छोड़ दिया है। इसके अलावा जामा मस्जिद में मौलाना मुंशाद, शिया जामा मस्जिद में मौलाना जफर अब्बास, शामली बस अड्डे वाली मस्जिद में कारी अनीस अहमद, दरबार वाली मस्जिद में मुफ्ती तालिब, मदरसा इशातुल इस्लाम में मौलाना बरकतुल्लाह अमीनी ने ईद की नमाज अदा कराई। वहीं, नगर की प्रमुख मस्जिदों के साथ-साथ क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर राई, नंगलाराई, रामडा, खुरगान, भूरा, गंदराऊ आदि में भी ईद की नमाज अदा की गई। ईद की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज के लोग, युवा तथा बच्चे नये कपड़े पहनकर नमाज स्थल पर पहुंच गए थे। नमाज के उपरांत अकीदतमंदों ने खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर विश्व शांति, राष्ट्र एकता एवं अखंड़ता, उन्नति, खुशहाली आदि की विशेष दुआ की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।
गले मिलकर भुलाए गिले-शिकवे
ईद की नमाज अदा करने के उपरांत मुस्लिम एक-दूसरे के गले मिले तथा तमाम गिले-शिकवे दूर कर एक-दूसरे को ईद-उल-फितर की मुबारकबाद पेश की। वहीं, मुस्लिमों ने हिंदू भाइयों को त्योहार की खुशियां बांटने के लिए मिठाइयां और शीर भी भेंट की। हिंदुओं ने भी मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद दी।
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प्यार और सद्भाव की मिठास
ईद-उल-फितर का त्योहार प्रेम भाईचारा, सौहार्द का प्रतीक व शांति का पैगाम देता है। इसे मीठी ईद भी कहा जाती है। इसीलिए, इस त्योहार पर मुस्लिम ज्यादातर शीर पकाते हैं तथा गैर मुस्लिमों को भी मिठाइयां ही भेंट कर सद्भाव का संदेश दिया गया।
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नगर की ईदगाह में सुबह आठ बजे मौलाना ताहिर हसन ने ईद की नमाज अदा कराई। इससे पूर्व खिताब करते हुए मौलाना ताहिर ने कहा कि मुस्लिम समाज अपने सही रास्ते से भटक रहा है, जिसका कारण हमारी बदअमली है। नौजवानों ने पैगंबर मोहम्मद साहब के बताये रास्ते को छोड़ दिया है। इसके अलावा जामा मस्जिद में मौलाना मुंशाद, शिया जामा मस्जिद में मौलाना जफर अब्बास, शामली बस अड्डे वाली मस्जिद में कारी अनीस अहमद, दरबार वाली मस्जिद में मुफ्ती तालिब, मदरसा इशातुल इस्लाम में मौलाना बरकतुल्लाह अमीनी ने ईद की नमाज अदा कराई। वहीं, नगर की प्रमुख मस्जिदों के साथ-साथ क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर राई, नंगलाराई, रामडा, खुरगान, भूरा, गंदराऊ आदि में भी ईद की नमाज अदा की गई। ईद की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज के लोग, युवा तथा बच्चे नये कपड़े पहनकर नमाज स्थल पर पहुंच गए थे। नमाज के उपरांत अकीदतमंदों ने खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर विश्व शांति, राष्ट्र एकता एवं अखंड़ता, उन्नति, खुशहाली आदि की विशेष दुआ की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।
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गले मिलकर भुलाए गिले-शिकवे
ईद की नमाज अदा करने के उपरांत मुस्लिम एक-दूसरे के गले मिले तथा तमाम गिले-शिकवे दूर कर एक-दूसरे को ईद-उल-फितर की मुबारकबाद पेश की। वहीं, मुस्लिमों ने हिंदू भाइयों को त्योहार की खुशियां बांटने के लिए मिठाइयां और शीर भी भेंट की। हिंदुओं ने भी मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद दी।
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प्यार और सद्भाव की मिठास
ईद-उल-फितर का त्योहार प्रेम भाईचारा, सौहार्द का प्रतीक व शांति का पैगाम देता है। इसे मीठी ईद भी कहा जाती है। इसीलिए, इस त्योहार पर मुस्लिम ज्यादातर शीर पकाते हैं तथा गैर मुस्लिमों को भी मिठाइयां ही भेंट कर सद्भाव का संदेश दिया गया।