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-गाइडलाइन का खुलकर हो रहा उल्लंघन

Fri, 15 Sep 2017 12:59 AM IST
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:59 AM IST
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-गाइडलाइन का खुलकर हो रहा उल्लंघन
शामली।
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गुुुरुग्राम के रेयान पब्लिक स्कूल में छात्र प्रद्युमन की हत्या के बाद स्कूल बसों के चालक, परिचालक और स्कूल स्टाफ के सत्यापन को लेकर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। अभी तक जिले में स्कूलों के स्टाफ का सत्यापन का कार्य नहीं हो रहा था। स्कूल के बस चालकों और परिचालकों पर नकेल करेगी
गौरतलब है कि ऐसी ही लापरवाही के कारण एक सप्ताह पूर्व ही कांधला में स्कूल बस से गिरने पर घायल हुए छात्र आदित्य की मौत हो गई थी। आदित्य शामली स्थित स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता था। उसके परिजनों ने कांधला थाना पुलिस को स्कूल प्रबंधन और चालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर भी दी थी। उधर, बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने स्कूल बसों की स्थिति जानी, तो कई लापरवाही सामने आई। कुछ बसें खस्ताहाल में मिली, तो बसों पर सुरक्षा के संकेत नहीं थे। काफी वाहनों पर तो स्कूल का नाम और फोन नंबर भी नहीं लिखा गया। फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन उपकरण भी नहीं लगाए गए हैं। बच्चों को उतारने व बैठाने के लिए कंडक्टर भी नहीं रखते हैं। खासकर छोटे वाहनों में बच्चों को मानक से ज्यादा संख्या में बैठाया जाता है। जिससे गर्मी में बच्चों की अंदर बैठे हालत खराब रहती है। इस पर स्कूल संचालक और एआरटीओ भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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--- गाइडलाइन का हो रहा उल्लंघन ---
स्कूली बसों में सीबीएसई के आदेशों का खुलकर उल्लंघन हो रहा है। बसों पर स्कूल का फोन नंबर, नाम नहीं है। चालक, कंडक्टर का फोन नंबर, स्पीड नियंत्रण संदेश, बच्चों के उतरने का संदेश नहीं है। कभी कभी बस बच्चों को धीमी गति करके उतार देते हैं। कई बसों में हेल्पर, कंडक्टर भी नहीं, जो बच्चों को स्टॉप तक छोड़े। ट्रांसपोर्ट फीस में बच्चे को घर से लाने-ले जाने की बात होती है, लेकिन बस चालक बच्चों को सड़क पर छोड़कर निकल जाते हैं।
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जल्द चलेगा चेकिंग अभियान
एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि स्कूल वाहनों की फिटनेस समय-समय पर चेक कराई जाती है। इसके बावजूद कुछ वाहन फिटनेस से रह जाते हैं। स्कूल वाहन चालक सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। बस में मेडिकल किट, अग्निशमन उपकरण, बस में इमरजेंसी नंबर समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जाएगी।
स्कूल संचालकों से बातचीत
बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने बताया कि कुछ वाहन स्कूल की तरफ से लगाए गए हैं, जबकि कुछ ट्रांसपोर्टेशन से चलाए जा रहे है। सभी ड्राईवरों व कंडक्टरों के पहचान आधार कार्ड व फोटो लेकर फाइल तैयार कर ली है। जल्द ही सत्यापन कराया जाएगा।
स्कॉटिश स्कूल की प्रधानाचार्य आशु त्यागी ने बताया कि स्कूल में छोटे बड़े 45 वाहन हैं। चालकों का जल्द ही पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही सरती देवी राजाराम पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य मधु शर्मा ने बताया कि स्कूल में ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों के एंट्री कार्ड बनवाए जा रहे हैं, जिसके बाद कार्ड वाले अभिभावक ही अपने बच्चे को स्कूल से ले जा सकेंगे।

आज से प्रारंभ होगा सत्यापन : एसपी
पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने सभी जनपदों के एसपी को स्कूलों से संबंधित स्टाफ का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। इसमें प्राइवेट स्कूल बस, वैन चालकों एवं कंडक्टरों का सत्यापन, स्कूल, कॉलेज परिसरों की सुुरक्षा, आगंतुक रजिस्टर का प्रयोग, सीसीटीवी, अनाधिकृत वस्तुओं पर प्रतिबंध, पहचान पत्र निर्गत कराने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वह अपने क्षेत्र में स्कूलों से वाहन चालक सहित अन्य स्टाफ का सत्यापन कराएं। शुक्रवार से सत्यापन का कार्य शुरु करा दिया जाएगा।
ऐसे चलने चाहिए स्कूल वाहन
- बस की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- रांग साइड में बस नहीं रोकी जानी चाहिए।
- वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाना चाहिए।
- बस पर स्कूल का नाम और फोन नंबर जरूर लिखा होना चाहिए।
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