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दीन की खिदमत से मिलेगी कामयाबी: उलमा
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दीन की खिदमत करने से मिलती है कामयाबी : यामीन
अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। मदरसा अहसनुल उलूम का सालाना जलसा 11 हाफिजों की दस्तारबंदी के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर उलमा ने दीन के उसूलों पर अमल कर खिदमत करने का आह्वान किया।
बुधवार की रात शामली रोड पर स्थित प्राचीन मदरसा अहसनुल उलूम में विशाल सालाना जलसे का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जलालाबाद मिफ्ताहुल उलूम के शेखुल हदीस अल्लामा यामीन ने कहा कि इस्लाम मजहब में बुराइयों से मना फरमाया गया है। आज मुसलमान यदि असल रास्ते से भटक रहा है, तो इसकी वजह यही है कि खौफ-ए-खुदा दिल से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि दीन की खिदमत करने से कामयाबी मिलती है और जिंदगी संवर जाती है। अध्यक्षीय संबोधन में जमीयत के पश्चिमी उप्र अध्यक्ष मौलाना आकिल ने कहा कि पवित्र कुरान बंदों को दी हुई आसमानी बड़ी नेअमत हैं। कुरान के हाफिज करने वाले के मां-बाप को कल कयामत के दिन ऐसा ताज पहनाया जाएगा, जो चौदहवीं के चांद से भी ज्यादा चमकदार होगा। मौलाना तहसीन ने कहा कि आज के आधुनिक युग में मुस्लिम समाज में दुनियावी तालीम हासिल करने की होड़ लगी है। बेशक, दुनियावी तालीम हासिल करो, लेकिन असल मजहबी तालीम जरूरी है। उन्होंने बच्चों को दीनी शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अनस, लुकमान, अदीब, कैफ, असजद, मुस्तफा, आमिर, मुस्तकीम को हाफिज होने पर दस्तारबंदी की गई। विशेष बात यह रही कि इन हाफिजों के अलावा हिफ्ज करने वाली तीन छात्राओं आफिया, असमा व शमा के सिरों पर भी दस्तारबंदी सजी। कार्यक्रम का समापन मौलाना आकिल की विशेष दुआ पर हुआ। अंत में मदरसा संचालक मौलाना मुनव्वर ने अतिथियों व तमाम आगंतुकों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती फरहान ने किया। इस अवसर पर मुफ्ती जावेद, मौलाना मोहम्मद उमर, मौलाना इमरान, कारी अनीसुर्रहमान, मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना नाजिम, मौलाना शराफत, मौलाना इरफान, मुफ्ती अतहर शम्सी, मुफ्ती तआरिफुश्शान, मुफ्ती मेहरबान, मुफ्ती आसिफ आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। मदरसा अहसनुल उलूम का सालाना जलसा 11 हाफिजों की दस्तारबंदी के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर उलमा ने दीन के उसूलों पर अमल कर खिदमत करने का आह्वान किया।
बुधवार की रात शामली रोड पर स्थित प्राचीन मदरसा अहसनुल उलूम में विशाल सालाना जलसे का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जलालाबाद मिफ्ताहुल उलूम के शेखुल हदीस अल्लामा यामीन ने कहा कि इस्लाम मजहब में बुराइयों से मना फरमाया गया है। आज मुसलमान यदि असल रास्ते से भटक रहा है, तो इसकी वजह यही है कि खौफ-ए-खुदा दिल से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि दीन की खिदमत करने से कामयाबी मिलती है और जिंदगी संवर जाती है। अध्यक्षीय संबोधन में जमीयत के पश्चिमी उप्र अध्यक्ष मौलाना आकिल ने कहा कि पवित्र कुरान बंदों को दी हुई आसमानी बड़ी नेअमत हैं। कुरान के हाफिज करने वाले के मां-बाप को कल कयामत के दिन ऐसा ताज पहनाया जाएगा, जो चौदहवीं के चांद से भी ज्यादा चमकदार होगा। मौलाना तहसीन ने कहा कि आज के आधुनिक युग में मुस्लिम समाज में दुनियावी तालीम हासिल करने की होड़ लगी है। बेशक, दुनियावी तालीम हासिल करो, लेकिन असल मजहबी तालीम जरूरी है। उन्होंने बच्चों को दीनी शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अनस, लुकमान, अदीब, कैफ, असजद, मुस्तफा, आमिर, मुस्तकीम को हाफिज होने पर दस्तारबंदी की गई। विशेष बात यह रही कि इन हाफिजों के अलावा हिफ्ज करने वाली तीन छात्राओं आफिया, असमा व शमा के सिरों पर भी दस्तारबंदी सजी। कार्यक्रम का समापन मौलाना आकिल की विशेष दुआ पर हुआ। अंत में मदरसा संचालक मौलाना मुनव्वर ने अतिथियों व तमाम आगंतुकों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती फरहान ने किया। इस अवसर पर मुफ्ती जावेद, मौलाना मोहम्मद उमर, मौलाना इमरान, कारी अनीसुर्रहमान, मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना नाजिम, मौलाना शराफत, मौलाना इरफान, मुफ्ती अतहर शम्सी, मुफ्ती तआरिफुश्शान, मुफ्ती मेहरबान, मुफ्ती आसिफ आदि मौजूद रहे।
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