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खुद ही घूमने चली गई थीं चारों छात्राएं
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:24 AM IST
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जलालाबाद।
लापता चार छात्राओं में से एक छात्रा 30 घंटे बाद नाटकीय ढंग से घर लौट आई। छात्रा ने पुलिस और परिजनों को बताया कि वह चारों घूमने के लिए चली गई थीं। सोमवार को पूरी रात छात्राओं ने मेरठ रेलवे स्टेशन पर बिताई। तीन छात्राएं अभी घर नहीं लौटी हैं, उन्हें तलाशने के लिए परिजन और पुलिस प्रयास में लगे हैं। उधर, पुलिस को शाम करीब सात बजे तीनों लापता छात्राओं के बारे में सूचना मिली कि वे जयपुर में हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम जयपुर रवाना कर दी गई।
कस्बा जलालाबाद निवासी चार छात्राएं सोमवार सुबह स्कूल जाने के लिए कहकर जाने के बाद घर नहीं लौटी थीं। परिजनों ने पुलिस को भी सूचना दी थी। वहीं, छात्रा मरियम पुत्री अनवर मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर लौट आई। इसकी सूचना पर अन्य तीन छात्राओं के परिजन भी अनवर के घर पहुंच गए। वहीं, सीओ थानाभवन राजेश तिवारी, थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह तथा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार भी अनवर के घर पहुंचे और छात्रा से पूछताछ की। काफी देर तक छात्रा रोती रही और कुछ नहीं बोली। बाद में परिजनों ने उसे शांत करके जानकारी ली। छात्रा ने बताया कि वह चारों घर से सुबह सात बजे स्कूल के लिए निकली थीं। रास्ते में ही उन्हें स्कूल की छुट्टी की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने घूमने का प्लान बनाया और बस से सहारनपुर चली गई। वहां से ट्रेन से चंडीगढ़ चली गई। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पुलिस वालों ने उनसे पूछताछ की और घर लौटने को कहा। इसके बाद वह ट्रेन से वापस सहारनपुर और फिर रात को ही मेरठ पहुंच गई थीं। पूरी रात उन्होंने मेरठ रेलवे स्टेशन पर बिताई। मंगलवार सुबह मरियम रोने लगी, तो अन्य तीनों छात्राओं ने उसको शामली की बस में बैठा दिया और कहा कि तू घर चली जा हम नहीं जाएंगे। उधर, सीओ राजेश तिवारी ने चार टीमें बनाकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ भेजा है। सीओ राजेश तिवारी ने बताया कि छात्रा मरियम के सकुशल लौटने से कई तरह की आशंकाएं दूर हो गई हैं। अब उनकी प्राथमिकता तीनों छात्राओं को सकुशल घर लाने की है। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
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लापता चार छात्राओं में से एक छात्रा 30 घंटे बाद नाटकीय ढंग से घर लौट आई। छात्रा ने पुलिस और परिजनों को बताया कि वह चारों घूमने के लिए चली गई थीं। सोमवार को पूरी रात छात्राओं ने मेरठ रेलवे स्टेशन पर बिताई। तीन छात्राएं अभी घर नहीं लौटी हैं, उन्हें तलाशने के लिए परिजन और पुलिस प्रयास में लगे हैं। उधर, पुलिस को शाम करीब सात बजे तीनों लापता छात्राओं के बारे में सूचना मिली कि वे जयपुर में हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम जयपुर रवाना कर दी गई।
कस्बा जलालाबाद निवासी चार छात्राएं सोमवार सुबह स्कूल जाने के लिए कहकर जाने के बाद घर नहीं लौटी थीं। परिजनों ने पुलिस को भी सूचना दी थी। वहीं, छात्रा मरियम पुत्री अनवर मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर लौट आई। इसकी सूचना पर अन्य तीन छात्राओं के परिजन भी अनवर के घर पहुंच गए। वहीं, सीओ थानाभवन राजेश तिवारी, थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह तथा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार भी अनवर के घर पहुंचे और छात्रा से पूछताछ की। काफी देर तक छात्रा रोती रही और कुछ नहीं बोली। बाद में परिजनों ने उसे शांत करके जानकारी ली। छात्रा ने बताया कि वह चारों घर से सुबह सात बजे स्कूल के लिए निकली थीं। रास्ते में ही उन्हें स्कूल की छुट्टी की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने घूमने का प्लान बनाया और बस से सहारनपुर चली गई। वहां से ट्रेन से चंडीगढ़ चली गई। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पुलिस वालों ने उनसे पूछताछ की और घर लौटने को कहा। इसके बाद वह ट्रेन से वापस सहारनपुर और फिर रात को ही मेरठ पहुंच गई थीं। पूरी रात उन्होंने मेरठ रेलवे स्टेशन पर बिताई। मंगलवार सुबह मरियम रोने लगी, तो अन्य तीनों छात्राओं ने उसको शामली की बस में बैठा दिया और कहा कि तू घर चली जा हम नहीं जाएंगे। उधर, सीओ राजेश तिवारी ने चार टीमें बनाकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ भेजा है। सीओ राजेश तिवारी ने बताया कि छात्रा मरियम के सकुशल लौटने से कई तरह की आशंकाएं दूर हो गई हैं। अब उनकी प्राथमिकता तीनों छात्राओं को सकुशल घर लाने की है। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
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