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Shamli News: जिले में 110 स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर खोजेगी क्षय रोगी
Wed, 22 Nov 2023 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:36 AM IST
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शामली। जिले में 23 नवंबर से घर-घर सक्रिय क्षय रोगी खोज विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान पांच दिसंबर तक दस कार्य दिवस में चलाया जाएगा। जिले में 110 टीमें बनाई गई है। तीन सदस्यीय टीम को एक दिन में 50 घरों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया है।
जिले में क्षय रोगी के केस लगातार सामने आ रहे हैं। इस साल में स्वास्थ्य विभाग को 3633 क्षय रोगियों की खोज करने का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक तीन हजार से ज्यादा क्षय रोगी सामने आ चुके हैं, जिनमें लगभग 1985 सक्रिय क्षय रोगी वर्तमान में चल रहे हैं, जिनका उपचार चल रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. अनिल कुमार ने बताया सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 110 टीमें गठित की गई है। यह अभियान जनपद की कुल 20 प्रतिशत जनसंख्या पर चलाया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर क्षय रोगी की खोज करेंगी। अभियान के दौरान जो क्षय रोगी पाया जाएगा, उसका उपचार कराया जाएगा।
फेफड़ों पर ज्यादा असर डालता है क्षय रोग
जिला कार्यक्रम समन्वयक राहुल त्यागी व पीपीएम शबी आजम ने बताया क्षय रोग एक ऐसी बीमारी है, जो माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से होती है। इसका ज्यादातर असर फेफड़ों पर होता है। इससे फेफड़ों की टीबी बन जाती है। ऐसे मरीजों की खोज के लिए 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर क्षय रोगियों को खोजा जाएगा। जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी और डॉट सेंटरों पर मरीजों को निशुल्क दवा दी जाती है।
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इन क्षेत्रों में चलेगा अभियान
स्वास्थ्य टीमें भीड-भाड़ वाले क्षेत्र, मलिन बस्ती या जहां पर पहले से क्षय रोगी मिले हैं। इसके अलावा ईंट भट्ठा, सब्जी मंडी, वृद्ध आश्रम, मदरसा, साप्ताहिक बाजार, कुष्ट आश्रम आदि क्षेत्रों में टीमें संभावित क्षय रोगियों को खोजने का काम करेगी।
इस तरह होगी स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण की जानकारी प्राप्त करेगी। अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक की खांसी या खांसी के साथ बलगम का आना या बलगम में खून का आना, बार-बार बुखार आना आदि जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उनका बलगम नमूना एकत्र कर नजदीकी लैंब पर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में क्षय रोग की पुष्टि होती है तो उसको निशुल्क उपचार के साथ रोगी को उसके बैंक खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह अच्छे खान-पान के लिए दिए जाएंगे।
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जिले में क्षय रोगी के केस लगातार सामने आ रहे हैं। इस साल में स्वास्थ्य विभाग को 3633 क्षय रोगियों की खोज करने का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक तीन हजार से ज्यादा क्षय रोगी सामने आ चुके हैं, जिनमें लगभग 1985 सक्रिय क्षय रोगी वर्तमान में चल रहे हैं, जिनका उपचार चल रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. अनिल कुमार ने बताया सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 110 टीमें गठित की गई है। यह अभियान जनपद की कुल 20 प्रतिशत जनसंख्या पर चलाया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर क्षय रोगी की खोज करेंगी। अभियान के दौरान जो क्षय रोगी पाया जाएगा, उसका उपचार कराया जाएगा।
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फेफड़ों पर ज्यादा असर डालता है क्षय रोग
जिला कार्यक्रम समन्वयक राहुल त्यागी व पीपीएम शबी आजम ने बताया क्षय रोग एक ऐसी बीमारी है, जो माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से होती है। इसका ज्यादातर असर फेफड़ों पर होता है। इससे फेफड़ों की टीबी बन जाती है। ऐसे मरीजों की खोज के लिए 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर क्षय रोगियों को खोजा जाएगा। जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी और डॉट सेंटरों पर मरीजों को निशुल्क दवा दी जाती है।
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इन क्षेत्रों में चलेगा अभियान
स्वास्थ्य टीमें भीड-भाड़ वाले क्षेत्र, मलिन बस्ती या जहां पर पहले से क्षय रोगी मिले हैं। इसके अलावा ईंट भट्ठा, सब्जी मंडी, वृद्ध आश्रम, मदरसा, साप्ताहिक बाजार, कुष्ट आश्रम आदि क्षेत्रों में टीमें संभावित क्षय रोगियों को खोजने का काम करेगी।
इस तरह होगी स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण की जानकारी प्राप्त करेगी। अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक की खांसी या खांसी के साथ बलगम का आना या बलगम में खून का आना, बार-बार बुखार आना आदि जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उनका बलगम नमूना एकत्र कर नजदीकी लैंब पर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में क्षय रोग की पुष्टि होती है तो उसको निशुल्क उपचार के साथ रोगी को उसके बैंक खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह अच्छे खान-पान के लिए दिए जाएंगे।