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गोशाला में पांच गायों की मौत
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जलालाबाद। क्षमता से ज्यादा गोवंश आ जाने से गोशाला में व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। इसकी वजह से पांच गायों की मौत हो गई है। गोशाला संचाकों ने मृत गायों को गड्ढा खोदकर दबा दिया है।
लुहारी रोड स्थित केशव गोशाला के प्रबंधक संजय कुमार शर्मा ने बताया कि गोशाला में 100 गोवंश रखने की क्षमता है। पहले से 150 से अधिक गोवंश मौजूद थे। पिछले 15 दिन में प्रशासन के आदेश के बाद ब्लाक थानाभवन के कई गांवों और कस्बों में लावारिस घूम रहे गोवंश को पकड़कर यहां लाया जा रहा है। इससे यहां गोवंश की संख्या 280 हो गई है। इससे व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। बृहस्पतिवार को दो बछड़ों सहित पांच गायों की मौत हो गई। हैरत इस बात की है कि मौत का कारण जाने बगैर गोशाला प्रबंधक ने गड्ढा खोदकर मृत गोवंश को दबवा दिया।
उधर, जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार सैनी ने बताया कि थानाभवन पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर पंकज कुमार इसे संबंध में जानकारी ली गई है। गोवंश की मौत का कारण ठंड लगना बताया गया है। 24 घंटो में एक गाय व दो बछड़ों की मौत हुई है। आठ दिन में यह संख्या पांच हुई है।
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खुले में बंधे है गोवंश
गोशपाल प्रबंधक के मुताबिक क्षमता से अधिक गोवंश होने के बावजूद उनकी देखभाल के लिए प्रयास किए जा रहे है। गोशालाओं में ग्राम प्रधान के माध्यम से अस्थाई छप्पर का भी निर्माण कराया गया है। मगर, मंगलवार की रात तेज बारिश के साथ आए तूफान से अस्थाई छप्पर भी धराशायी हो गए। गोशाला में गोवंश खुले में बंधे है।
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लुहारी रोड स्थित केशव गोशाला के प्रबंधक संजय कुमार शर्मा ने बताया कि गोशाला में 100 गोवंश रखने की क्षमता है। पहले से 150 से अधिक गोवंश मौजूद थे। पिछले 15 दिन में प्रशासन के आदेश के बाद ब्लाक थानाभवन के कई गांवों और कस्बों में लावारिस घूम रहे गोवंश को पकड़कर यहां लाया जा रहा है। इससे यहां गोवंश की संख्या 280 हो गई है। इससे व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। बृहस्पतिवार को दो बछड़ों सहित पांच गायों की मौत हो गई। हैरत इस बात की है कि मौत का कारण जाने बगैर गोशाला प्रबंधक ने गड्ढा खोदकर मृत गोवंश को दबवा दिया।
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उधर, जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार सैनी ने बताया कि थानाभवन पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर पंकज कुमार इसे संबंध में जानकारी ली गई है। गोवंश की मौत का कारण ठंड लगना बताया गया है। 24 घंटो में एक गाय व दो बछड़ों की मौत हुई है। आठ दिन में यह संख्या पांच हुई है।
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खुले में बंधे है गोवंश
गोशपाल प्रबंधक के मुताबिक क्षमता से अधिक गोवंश होने के बावजूद उनकी देखभाल के लिए प्रयास किए जा रहे है। गोशालाओं में ग्राम प्रधान के माध्यम से अस्थाई छप्पर का भी निर्माण कराया गया है। मगर, मंगलवार की रात तेज बारिश के साथ आए तूफान से अस्थाई छप्पर भी धराशायी हो गए। गोशाला में गोवंश खुले में बंधे है।