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दुकानों पर पुरानी व्यवस्था बरकरार, गुटखा, तंबाकू पर मचा रखी लूट
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:19 AM IST
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शामली।
जीएसटी लागू होने के दो दिन बाद भी पुराने दामों पर ही दुकानदार सामान बेच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पुराना स्टाक खत्म होने के बाद ही जीएसटी के आधार पर सामानों की बिक्री की जाएगी। हालांकि जीएसटी लागू होने से एक सप्ताह पहले से ही शहर में थोक विक्रेताओं ने गुटखा, पान मसालों व बीड़ी और सिगरेट के दामों में वृद्धि कर दी।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद सभी व्यापारियों को उसके अनुसार ही कार्य करना था, लेकिन अभी शहर में पुरानी व्यवस्था पर ही सामान बेचा जा रहा है। वहीं, जीएसटी लागू होने से कई दिन पहले ही शहर के गुटखा, पान मसालों, बीड़ी और सिगरेट के थोक विक्रेता अपनी मनमानी चलाते हुए पहले के अनुसार कीमत से भी ज्यादा दामों पर सामान बेच रहे हैं। दुकानदार और खोखे वाले भी पान मसालों और सिगरेट को एक से दो रुपये अधिक लेकर ग्राहकों को बेच रहे हैं। रविवार को भी शहर में परचून के थोक विक्रेता पुरानी व्यवस्था के अनुसार कच्चे बिल पर ही सामान बेचते नजर आए। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी सामान खरीदने वाले दुकानदार जीएसटी के अनुसार बिल बनवाने को तैयार नहीं है। जब पूरे बाजार में व्यवस्था शुरू हो जाएगी, तो हम व्यवस्था के अनुसार कार्य करना प्रारंभ कर देंगे।
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जीएसटी लागू होने के दो दिन बाद भी पुराने दामों पर ही दुकानदार सामान बेच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पुराना स्टाक खत्म होने के बाद ही जीएसटी के आधार पर सामानों की बिक्री की जाएगी। हालांकि जीएसटी लागू होने से एक सप्ताह पहले से ही शहर में थोक विक्रेताओं ने गुटखा, पान मसालों व बीड़ी और सिगरेट के दामों में वृद्धि कर दी।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद सभी व्यापारियों को उसके अनुसार ही कार्य करना था, लेकिन अभी शहर में पुरानी व्यवस्था पर ही सामान बेचा जा रहा है। वहीं, जीएसटी लागू होने से कई दिन पहले ही शहर के गुटखा, पान मसालों, बीड़ी और सिगरेट के थोक विक्रेता अपनी मनमानी चलाते हुए पहले के अनुसार कीमत से भी ज्यादा दामों पर सामान बेच रहे हैं। दुकानदार और खोखे वाले भी पान मसालों और सिगरेट को एक से दो रुपये अधिक लेकर ग्राहकों को बेच रहे हैं। रविवार को भी शहर में परचून के थोक विक्रेता पुरानी व्यवस्था के अनुसार कच्चे बिल पर ही सामान बेचते नजर आए। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी सामान खरीदने वाले दुकानदार जीएसटी के अनुसार बिल बनवाने को तैयार नहीं है। जब पूरे बाजार में व्यवस्था शुरू हो जाएगी, तो हम व्यवस्था के अनुसार कार्य करना प्रारंभ कर देंगे।
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