देश की 81 प्रतिशत संपत्ति 10 प्रतिशत लोगों के पास
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उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या आर्थिक असमानता है। देश में 111 लोग ऐसे हैं, जिनके पास पांच-पांच हजार करोड़ रुपये की संपत्ति है। 81 प्रतिशत संपत्ति पर सिर्फ 10 प्रतिशत लोग काबिज हैं, जबकि 10 प्रतिशत संपत्ति 90 प्रतिशत लोगों के हिस्से आती है। ग्रामीण क्षेत्र के 75 प्रतिशत लोग पांच हजार प्रतिमाह से भी कम कमाते हैं।
बात की जाती है मध्यम वर्ग यानी काम करने वाले लोग देश में बढ़े हैं, जबकि सच्चाई यह है कि काम करने वाले 48 करोड़ लोगों में से 55 प्रतिशत वर्किंग पुअर यानी 120 रुपये प्रतिदिन से भी कम कमाने वाले हैं। वहीं, कृषि की हालत भी लगातार खराब हो रही है। 30 वर्षों के भीतर 23 प्रतिशत लोगों ने खेती त्याग दी।
लातूर, बस्तर और बुंदेलखंड की स्थिति सर्वाधिक खराब है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में बताया कि देश में अस्पतालों की स्थिति देखें, तो प्रति व्यक्ति पर एक बिस्तर भी नहीं है। कहा जाता है कि 17 प्रतिशत लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा है, मगर उनमें 60 प्रतिशत लोग सरकारी कर्मचारी हैं।
शिक्षा के बारे में कहा कि कक्षा पांच में पढ़ने वाले 47 प्रतिशत बच्चे कक्षा एक की पढ़ाई करने लायक नहीं। आईआईटी की बात करें, तो 2014 में 33 प्रतिशत बच्चों को नौकरी नहीं मिली। अमेरिका के सेंटफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक साल के भीतर 730 रिसर्च होते हैं, जबकि पूरे भारत में सिर्फ 307 रिसर्च हुए। हम शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश नहीं कर रहे। देश में शिक्षा पर 2.8 प्रतिशत खर्चा होता है, जबकि जापान में 11 और अमेरिका में 18 प्रतिशत खर्च किया जाता है।