फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Will have to wait for good treatment...many projects stuck

Shahjahanpur News: अच्छे इलाज के लिए अभी करना होगा इंतजार... कई परियोजनाएं अटकी

Fri, 16 Feb 2024 03:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Feb 2024 03:49 AM IST
विज्ञापन
Will have to wait for good treatment...many projects stuck
शाहजहांपुर के राजकीय मे​डिकल कॉलेज का निर्माणाधीन भवन। संवाद
शाहजहांपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को बेहतर बनाने वाली कई परियोजनाएं अटक गई हैं। बजट व अन्य पेंच फंसने के चलते निर्माण कार्य रुके हुए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में 100 बेड के अस्पताल का निर्माण करने के लिए छह माह बाद भी ठेकेदार नहीं मिल सका है। इसी तरह होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज को अपनी जमीन पर चहारदीवारी तक के लिए बजट नहीं मिला है।
विज्ञापन

वर्ष 2016 में राजकीय मेडिकल कॉलेज और 100 बेड के अस्पताल के लिए 193 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। कॉलेज बनकर तैयार हो गया, लेकिन 2018 में सुपुर्दगी में मिलने वाला 100 बेड अस्पताल का भवन अभी तक नहीं बन पाया है। अगस्त माह से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया था। इस बीच कार्यदायी संस्था ने ठेकेदार अनिल कुमार एंड संस का अनुबंध निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन

छह माह के बाद भी निर्माण कार्य के लिए दूसरा ठेकेदार नहीं मिल सका है। कार्य कराने को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने 12 फरवरी को निविदा निकाली थी लेकिन वर्ष 2014 का रेट मिलने की वजह से किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला है। अस्पताल का भवन छह मंजिल बनना है। अभी तक लगभग तीन मंजिल ही बन सकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
होम्योपैथिक कॉलेज की जमीन पर कब्जा होने का डर
-100 बेड अस्पताल की तरह जलालनगर चुंगी के पास प्रस्तावित होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव भी अधर में लटका है। इस बजट में भी कॉलेज का नाम नहीं लिया गया। वर्ष 2020 में ग्राम समाज की 19 बीघा जमीन आवंटित होने के बाद सिर्फ बोर्ड लगाकर छोड़ दिया गया। कॉलेज में हाॅस्टल, कक्षाएं बनने का भी प्रस्ताव है। जमीन के आसपास प्लाॅटिंग होने के चलते कब्जा होने का डर बना है। जमीन की चहारदीवारी कराने को लेकर बजट के लिए पत्राचार किया, लेकिन तीन साल के बाद भी कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
-----------
नर्सिंग कॉलेज के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू
-राजकीय मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज के लिए निविदा की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। निविदा होने के बाद ठेकेदार को कार्य आवंटित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल के निर्माण की प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है। उसे लेकर जिला स्तर पर अभी कोई सुगबुगाहट नहीं हो रही है।
-----------
अस्पताल बने तो मरीजों को मिले राहत
-330 बेड के अस्पताल में बीमारी का सीजन होने के दौरान बेड को लेकर मारामारी रहती है। अस्पताल के पास पर्याप्त स्थान नहीं होने के चलते एक बेड पर दो से तीन मरीज लिटाकर उपचार किया जाता है। गंभीर रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में 100 बेड के अस्पताल का निर्माण होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
----------
-सौ बेड के अस्पताल के लिए 12 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया की समय-सीमा थी। इसमें किसी ठेकेदार ने प्रतिभाग नहीं किया है। दोबारा से फिर से टेंडर निकाला जाएगा। - एनसी लोहानी, प्राेजेक्ट मैनेजर, राजकीय निर्माण निगम, बरेली

---------
-होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के बजट के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दोबारा से रिमाइंडर भेजा जाएगा। कोशिश है कि जमीन पर बाड़ लगाकर चहारदीवारी कर ली जाए। - डॉ. शबीना नाज, जिला होम्योपैथिक अधिकारी

शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माणाधीन भवन। संवाद

शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माणाधीन भवन। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed