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यूपी में चर्चा का बाजार गरम: जितिन के सांसद बनने के बाद किसको मिल सकता है मंत्री पद, रेस में तीन नेता
Fri, 07 Jun 2024 04:29 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 07 Jun 2024 04:29 PM IST
सार
भाजपा नेता जितिन प्रसाद पीलीभीत लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। अब यूपी सरकार में पद और विधानसभा सीट दोनों ही खाली हो जाएंगी। ऐसे में चर्चाएं शुरू हो चुकी है कि आखिर किसको आगे किया जाएगा।
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जितिन प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के पीलीभीत लोकसभा सीट से जीतने के बाद यह तय है कि वह केंद्र सरकार की राजनीति में जाएंगे। ऐसे में यह कयासबाजी शुरू हो गई है कि क्या उनके स्थान पर जिले के किसी नेता को मंत्री पद से नवाजा जाएगा? समर्थकों ने अपने नेता के पक्ष में सोशल मीडिया पर लामबंदी भी शुरू कर दी है।
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जितिन प्रसाद 2021 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा सरकार ने उन्हें एमएलसी बनाने के साथ ही कैबिनेट मंत्री भी बनाया था। 2022 के विस चुनाव के बाद से वह लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें पीलीभीत संसदीय सीट से लड़ाया। बड़ी जीत हासिल करने के बाद उनके केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने को लेकर भी अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
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नगर विधायक और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सहकारिता मंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर भी शाहजहांपुर से आते हैं। तीन-तीन मंत्री होने के कारण शाहजहांपुर पूरे प्रदेश की राजनीति में अपनी धाक रखता है। जितिन के केंद्र में जाने के बाद शाहजहांपुर से किसी नेता को मंत्री बनाया जाएगा, इसको लेकर कयास लग रहे हैं।
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चेतराम सबसे वरिष्ठ विधायक, प्रिंस सबसे युवा
सुरेश कुमार खन्ना नौ बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। उनके बाद पुवायां से चेतराम छह बार विधायक रह चुके हैं। सुरेश खन्ना के बाद वह सबसे वरिष्ठ विधायक हैं। अनुसूचित जाति से आने और लोकसभा चुनाव में पुवायां से भाजपा को बड़ी जीत दिलाने के कारण भी उनका नाम चर्चा में है। कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने लगातार दो बार जीत हासिल की है। वह जिले में पार्टी के युवा चेहरे हैं। सलोना कुशवाहा एकमात्र महिला विधायक हैं। पिछड़ा वर्ग से आने के कारण उनका दावा मजबूत माना जा सकता है। 2022 के चुनाव में जलालाबाद सीट पर पहली बार भाजपा को जिताने वाले हरिप्रकाश वर्मा भी पिछड़े वर्ग से आते हैं। उनका नाम भी चर्चा में है।
ब्राह्मण चेहरा आगे करने की अटकल
जिले में ब्राह्मण समाज से कोई विधायक नहीं है। केवल जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा भाजपा में बड़े पद पर हैं। निकाय अध्यक्ष भी ब्राह्मण समाज से नहीं है। जितिन प्रसाद ब्राह्मण चेहरा हैं। उनके मंत्री पद से हटने के बाद किसी ब्राह्मण चेहरे को आगे किए जाने की अटकल भी लगाई जा रही है।