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बारिश से उमस में आई कमी, चार डिग्री गिरा पारा
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शाहजहांपुर। दो सप्ताह के लंबे अंतराल के बाद शनिवार को तड़के हुई बारिश ने गर्मी से बेहाल जनजीवन को उमस से थोड़ी राहत दी। करीब एक घंटे के दौरान छह मिमी बारिश से वातावरण में नमी बढ़ने के साथ दिन में ठंडी हवा चली तो अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस हो गया।
शाम को हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से बादलों ने आसमान ढक लिया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार वायुदाब में कोई परिवर्तन नहीं होने की दशा में रविवार को दिन भर बादल छाए रहेंगे और इस दौरान तेज बारिश की संभावना बढ़ गई है।
तीन जुलाई की शाम से रात तक 34 मिमी पानी बरसा था। तब से वायुदाब में स्थिरता नहीं होने और उसमें लगातार उतार-चढ़ाव बना रहने से मानसूनी घटाएं एक जगह टिक नहीं रहीं थीं। बारिश नहीं होने से आर्द्रता में कमी आने के साथ मौसम शुष्क हो चला था और इसी वजह से गर्मी के साथ उमस का प्रकोप भी बढ़ता गया।
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शुक्रवार शाम वायुदाब सामान्य से 12 अंक कम होने के साथ ही बादलों ने फिर से आसमान की घेराबंदी करनी शुरू कर दी। आधी रात के बाद तड़के तीन बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई तो रात में न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री घटकर 27.2 डिग्री सेल्सियस हो गया।
हालांकि, सुबह लोग जब तक सोकर उठे, घरों के आंगन से लेकर सड़कें तक सूख चुकीं थीं। इसलिए तमाम लोगों को पता ही नहीं चल सका कि रात में पानी बरसा था, लेकिन ठंडी हवा मौसम में आए बदलाव की गवाही देती रही। दिन में दस बजे के बाद सूरज ने बादलों की ओट से झांकने की कोशिश की। दोपहर तक कई बार हल्की धूप निकली तो उमस महसूस होने लगी।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार तड़के हुई छह मिमी बारिश से आर्द्रता का स्तर 43 से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया है। चूंकि, हवा में नमी ज्यादा घुली है और वायुदाब भी कम बना हुआ है। इसलिए रविवार को सुबह से दोपहर तक झमाझम बरसात हो सकती है। संवाद
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शाम को हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से बादलों ने आसमान ढक लिया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार वायुदाब में कोई परिवर्तन नहीं होने की दशा में रविवार को दिन भर बादल छाए रहेंगे और इस दौरान तेज बारिश की संभावना बढ़ गई है।
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तीन जुलाई की शाम से रात तक 34 मिमी पानी बरसा था। तब से वायुदाब में स्थिरता नहीं होने और उसमें लगातार उतार-चढ़ाव बना रहने से मानसूनी घटाएं एक जगह टिक नहीं रहीं थीं। बारिश नहीं होने से आर्द्रता में कमी आने के साथ मौसम शुष्क हो चला था और इसी वजह से गर्मी के साथ उमस का प्रकोप भी बढ़ता गया।
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शुक्रवार शाम वायुदाब सामान्य से 12 अंक कम होने के साथ ही बादलों ने फिर से आसमान की घेराबंदी करनी शुरू कर दी। आधी रात के बाद तड़के तीन बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई तो रात में न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री घटकर 27.2 डिग्री सेल्सियस हो गया।
हालांकि, सुबह लोग जब तक सोकर उठे, घरों के आंगन से लेकर सड़कें तक सूख चुकीं थीं। इसलिए तमाम लोगों को पता ही नहीं चल सका कि रात में पानी बरसा था, लेकिन ठंडी हवा मौसम में आए बदलाव की गवाही देती रही। दिन में दस बजे के बाद सूरज ने बादलों की ओट से झांकने की कोशिश की। दोपहर तक कई बार हल्की धूप निकली तो उमस महसूस होने लगी।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार तड़के हुई छह मिमी बारिश से आर्द्रता का स्तर 43 से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया है। चूंकि, हवा में नमी ज्यादा घुली है और वायुदाब भी कम बना हुआ है। इसलिए रविवार को सुबह से दोपहर तक झमाझम बरसात हो सकती है। संवाद