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बूंदाबांदी के साथ मौसम ने फिर दिखाए तेवर
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शाहजहांपुर। होली से दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पहाड़ियों पर हुई बारिश और बर्फबारी के साथ पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मंगलवार को रंग खेलने के दौरान मौसम के तेवर बिगड़ने के संकेत मिलने लगे थे। बुधवार सुबह बादल छाने के साथ कुछ देर बूंदाबांदी होने से मौसम असामान्य बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ने से साथ अगले 48 घंटे तक बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
सोमवार को दिन में 11 बजे तक पछुआ हवा 12-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही, लेकिन दोपहर में बैरोमीटर सूचकांक एकाएक 36 अंक लुढ़कने से हवा की गति घट गई। बैरोमीटर की रीडिंग में हो रहा भारी उतार-चढ़ाव तभी से मौसम खराब होने का संकेत दे रहा था। गन्ना शोध परिषद के मौसम अनुभाग ने सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि मौसम के बिगड़ैल तेवर त्योहार के उल्लास में खलल डाल सकते हैं। हालांकि, मौसम का यह पूर्वानुमान पूरी तरह सच साबित नहीं हुआ। मंगलवार को सुबह से दोपहर बाद तक कड़ाके की धूप खिली रही और लोगों ने जमकर रंग खेला।
मगर मंगलवार शाम करीब पांच बजे से हवा की चाल में परिवर्तन होने के साथ बादल छाने लगे और सूर्यास्त तक हवा मेें नमी के साथ ठंडक बढ़ी तो लोगों ने रात नौ बजे तक घरों की राह पकड़नी शुरू कर दी। बुधवार को सुबह तक आसमान बादलों से ढका होने के कारण धूप नहीं निकली और सुबह नौ बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी होने लगी। करीब दस मिनट बाद बूंदाबांदी थम गई और दोपहर बाद हल्की धूप भी निकली, लेकिन शाम तक मौसम अनिश्चित बना रहा। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार 48 घंटे के अंतराल पर बैरोमीटर रीडिंग में 36 अंक की गिरावट के बाद एकाएक 25 अंक का उछाल तेज हवा के साथ बादल घने होने का संकेत है। उन्होंने कहा कि मौसम के लिहाज से अगले 48 घंटे संवेदनशील रहेंगे और शुक्रवार को बारिश होने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम साफ होने पर सर्दी पूरी तरह विदा हो जाएगी।
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सोमवार को दिन में 11 बजे तक पछुआ हवा 12-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही, लेकिन दोपहर में बैरोमीटर सूचकांक एकाएक 36 अंक लुढ़कने से हवा की गति घट गई। बैरोमीटर की रीडिंग में हो रहा भारी उतार-चढ़ाव तभी से मौसम खराब होने का संकेत दे रहा था। गन्ना शोध परिषद के मौसम अनुभाग ने सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि मौसम के बिगड़ैल तेवर त्योहार के उल्लास में खलल डाल सकते हैं। हालांकि, मौसम का यह पूर्वानुमान पूरी तरह सच साबित नहीं हुआ। मंगलवार को सुबह से दोपहर बाद तक कड़ाके की धूप खिली रही और लोगों ने जमकर रंग खेला।
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मगर मंगलवार शाम करीब पांच बजे से हवा की चाल में परिवर्तन होने के साथ बादल छाने लगे और सूर्यास्त तक हवा मेें नमी के साथ ठंडक बढ़ी तो लोगों ने रात नौ बजे तक घरों की राह पकड़नी शुरू कर दी। बुधवार को सुबह तक आसमान बादलों से ढका होने के कारण धूप नहीं निकली और सुबह नौ बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी होने लगी। करीब दस मिनट बाद बूंदाबांदी थम गई और दोपहर बाद हल्की धूप भी निकली, लेकिन शाम तक मौसम अनिश्चित बना रहा। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार 48 घंटे के अंतराल पर बैरोमीटर रीडिंग में 36 अंक की गिरावट के बाद एकाएक 25 अंक का उछाल तेज हवा के साथ बादल घने होने का संकेत है। उन्होंने कहा कि मौसम के लिहाज से अगले 48 घंटे संवेदनशील रहेंगे और शुक्रवार को बारिश होने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम साफ होने पर सर्दी पूरी तरह विदा हो जाएगी।
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