{"_id":"677c273c2459a372f3020b27","slug":"we-will-unite-300-farmers-unions-and-get-sugarcane-payment-done-harnam-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-135029-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"300 किसान यूनियन को एकजुट कर कराएंगे गन्ना भुगतान : हरनाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
300 किसान यूनियन को एकजुट कर कराएंगे गन्ना भुगतान : हरनाम
Tue, 07 Jan 2025 12:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
पुवायां में पत्रकारों से बात करते गुरनाम सिंह चढ़ूनी। संवाद
- फोटो : संवाद
पुवायां । भाकियू चढ़ूनी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तीन सौ किसान यूनियनों को एकजुट किया जाएगा। इनके साथ मिलकर गन्ना किसानों के भुगतान की लड़ाई लड़ी जाएगी।
वे सोमवार को डाक बंगला परिसर में किसानों की पंचायत को संबोधित करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मेरठ में आयोजित बैठक में यूपी की सभी किसान यूनियनों को मिलाकर संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा का गठन किया गया है। किसान संगठन अलग-अलग मुद्दों पर संघर्ष करते हैं, जिस कारण वे कमजोर रह जाते हैं और सरकार इसका फायदा उठाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
कहा कि 14 दिन में गन्ना भुगतान न करने पर मिल को ब्याज सहित भुगतान करने की नीति है, लेकिन प्रदेश की तमाम चीनी मिलें एक-एक वर्ष बाद गन्ने का भुगतान बिना ब्याज के करती हैं। मिल मालिक करीब 700 करोड़ ब्याज ही बचा लेते हैं, जबकि किसान को घरेलू और खेती के खर्च के लिए इतनी ही राशि साहूकार से ब्याज पर लेनी पड़ती है।
विज्ञापन
गुरनाम सिंह ने कहा कि जिन चीनी मिलों पर बकाया है, वहां पंचायत कर भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। बात नहीं बनने पर 30 जनवरी को बुलंदशहर में संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इससे पूर्व बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने गुरनाम सिंह चढ़ूनी, राष्ट्रीय महासचिव मनोज नागर, पश्चिमी यूपी के प्रदेश प्रभारी सूबे सिंह डागर, तराई क्षेत्र के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव सिंह खिंडा, प्रदेश सचिव भूपेंद्र सिंह गिल आदि का स्वागत किया और जुलूस के रूप में डाक बंगला ले गए। इस मौके पर शिशुपाल सिंह यादव, केशव प्रसाद सोलंकी, रंजीत सिंह काहलो, बलकार सिंह, सुनील सिंह यादव, भारत सिंह, संजय मिश्रा, सौदान सिंह यादव सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
वे सोमवार को डाक बंगला परिसर में किसानों की पंचायत को संबोधित करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मेरठ में आयोजित बैठक में यूपी की सभी किसान यूनियनों को मिलाकर संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा का गठन किया गया है। किसान संगठन अलग-अलग मुद्दों पर संघर्ष करते हैं, जिस कारण वे कमजोर रह जाते हैं और सरकार इसका फायदा उठाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
विज्ञापन
कहा कि 14 दिन में गन्ना भुगतान न करने पर मिल को ब्याज सहित भुगतान करने की नीति है, लेकिन प्रदेश की तमाम चीनी मिलें एक-एक वर्ष बाद गन्ने का भुगतान बिना ब्याज के करती हैं। मिल मालिक करीब 700 करोड़ ब्याज ही बचा लेते हैं, जबकि किसान को घरेलू और खेती के खर्च के लिए इतनी ही राशि साहूकार से ब्याज पर लेनी पड़ती है।
विज्ञापन
गुरनाम सिंह ने कहा कि जिन चीनी मिलों पर बकाया है, वहां पंचायत कर भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। बात नहीं बनने पर 30 जनवरी को बुलंदशहर में संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इससे पूर्व बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने गुरनाम सिंह चढ़ूनी, राष्ट्रीय महासचिव मनोज नागर, पश्चिमी यूपी के प्रदेश प्रभारी सूबे सिंह डागर, तराई क्षेत्र के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव सिंह खिंडा, प्रदेश सचिव भूपेंद्र सिंह गिल आदि का स्वागत किया और जुलूस के रूप में डाक बंगला ले गए। इस मौके पर शिशुपाल सिंह यादव, केशव प्रसाद सोलंकी, रंजीत सिंह काहलो, बलकार सिंह, सुनील सिंह यादव, भारत सिंह, संजय मिश्रा, सौदान सिंह यादव सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।