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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Water-water in the city from Jhajjam rain

झमाझम बरसात से शहर में पानी-पानी

Mon, 03 Jul 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर Updated Mon, 03 Jul 2017 12:20 AM IST
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शनिवार रात से रविवार सुबह तक रुक-रुककर हुई बरसात से शहर पूरी तरह सराबोर हो गया। इस दौरान नाले-नालियां उफनाने से शहर में सार्वजनिक महत्व के कई निचले स्थानों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि, बारिश थमने पर सड़कों पानी निकल गया, लेकिन पहले से जमा गंदगी के ढेर बिखरने से फिसलन पैदा हो गई। बारिश से तापमान में भी कमी आ गई, लेकिन बाद में धूप निकलने से पैदा हुई भीषण उमस ने परेशान कर दिया। कृषि कार्य के लिहाज से अपर्याप्त वर्षा होने के बावजूद धान की रोपाई में भी तेजी आ गई। 
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जुलाई के पहले दिन की शुरुआत रिमझिम फुहारों से हुई। शनिवार को दिन में शहरी क्षेत्र में बूंदाबांदी का दौर सीमित रहा, लेकिन दिन ढलने के बाद आसमान पर काली घटाएं गहराने लगीं और देर रात से बादल बरसने लगे। आधी रात के बाद से सुबह छह बजे तक मेघ बरसते रहे। इस दौरान गन्ना शोध परिषद के मौसम अनुभाग ने 27 मिमी बारिश रिकार्ड की और थर्मामीटर का पारा करीब चार डिग्री लुढ़क गया।
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गर्मी से राहत, लेकिन जलभराव की मिली आफत
तापमान में कमी आने से भीषण गर्मी सें बेहाल जनजीवन को तात्कालिक तौर पर काफी राहत मिल गई, लेकिन शहर में कई निचले स्थानों पर पानी भर गया। रोडवेज स्टेशन के सामने जर्जर रोड पर पानी भरने से बसों के इंतजार में यात्रियों को खड़े होने का ठौर नहीं बचा। यही नहीं, सड़क से गुजरते वाहनों से गंदे पानी की बौछारें लोगों के कपड़े खराब करती रहीं। पुराने एसपी कार्यालय कैंपस, बचत कार्यालय, डीएसओ दफ्तर के आसपास घंटों पानी ठहरा रहा। गनीमत रही कि संडे की छुट्टी के चलते उधर किसी का जाना नहीं हुआ। टाउनहाल, लोधीपुर में खन्नौत नदी के तटवर्ती इलाकों, ऐमनजई जलालनगर की तराई बस्ती, अजीजगंज, ताहवरगंज आदि के निचले इलाकों में देर तक जल भराव बना रहा। 
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जून में सामान्य से कम हुई बरसात
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार जिले में जून माह में 119.7 मिमी सामान्य वर्षा होनी चाहिए। इसके विपरीत गत माह केवल 69.0 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। सात जून को 7.4 मिमी, 20 को 55.2, 29 को 2.4 और 30 जून को 4.0 मिमी बारिश हुई। जुलाई में जिले का सामान्य वर्षा मानक 300.0 मिमी है, जिसके विपरीत दो दिन में 42.0 मिमी बारिश हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कम दबाव का क्षेत्र बना होने से मानसूनी बारिश में गत माह आई कमी की जुलाई बीतने तक भरपाई होने की उम्मीद है। 

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पुवायां में धान की 70 प्रतिशत हो चुकी रोपाई
इस बार जिले में 2.06 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल को धान से आच्छादित करने का लक्ष्य है। धान का कटोरा कही जाने वाली पुवायां तहसील की बात करें तो वहां रोपाई का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकांश बड़े फार्मरों ने निजी बोरिंग से खेतों मेें पानी भराकर 15 दिन पीछे धान लगा दिए। दूसरे दौर की मानसूनी बरसात ने सिंचाई के निजी संसाधनों से वंचित लघु-सीमांत किसानों के लिए रोपाई का रास्ता साफ कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी के अनुसार कलान, जलालाबाद तहसीलों में नर्सरी देर से डाले जाने से रोपाई भी बाद में होती है। उन्हाेंने कहा कि जो किसान धान की खेती नहीं कररना चाहते, उनके लिए ज्वार, बाजरा, उड़द आदि फसलें लेने को मौसम अनुकूल है।
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