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Shahjahanpur News: जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर फिर बढ़ा पानी
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जलालाबाद–शमशाबाद स्टेट हाईवे पर बाढ़ के पानी में फंसी एंबुलेंस। संवाद
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। गंगा नदी में उफान से एक बार फिर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बनने लगे हैं। जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर करीब एक फुट पानी आ जाने से आवागमन का संकट गहराने लगा है। तटवर्ती गांव आजादनगर में गंगा का पानी घुसने लगा है। इस कारण आसपास के कई संपर्क मार्ग डूब जाने से ग्रामीण, विशेषकर किसान खासे परेशान हैं क्योंकि उनकी फसलें नदी के दूब क्षेत्र में आने लगी हैं।
स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास पानी तेजी से बह रहा है। इसके बावजूद वहां से लोग वाहन निकाल रहे हैं। बाढ़ में डूबे हाईवे पर सोमवार को एक एंबुलेंस पानी के तेज बहाव में फंस गई। हालांकि, बाद में चालक ने सूझबूझ से उसे निकाल लिया, लेकिन हाईवे पर पानी थोड़ा भी बढ़ने की दशा में वाहनों का आवागमन कभी भी बंद हो सकता है।
इसी हाईवे पर नगला बसोला गांव के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो गई है। हाईवे पर इन दोनों गांवों के बीच के हिस्से में तेजी से पानी एक ओर से दूसरी ओर निकल रहा है। पानी में घुसकर निकल रहे लोगों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा, जबकि हाईवे के इसी हिस्से में पिछले दिनों बाढ़ में बहने से मां-बेटी समेत कई लोगों की जान जा चुकी है।
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गंगा के किनारे बसे गांवों की ओर बढ़ते पानी ने वहां के किसानों को बेचैन कर दिया है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की बाढ़ से बची फसलें डूबने लगी हैं। किसानों का कहना है कि इस बार की बाढ़ ने फसलों का काफी नुकसान पहुंचाकर उनकी कमर तोड़ दी है।
आजादनगर गांव समेत आसपास के खेतों में पानी भर रहा है। गांव के लईक, ईशाक, नाजिम, साबिर आदि ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी घुस आया है और रास्ते जलमग्न हो जाने से बाहर आना-जाना बेहद कठिन हो गया है। दो बार बाढ़ चढ़ने-उतरने के बाद तीसरी बार पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों इस्लामनगर, कमथरी, चितार आदि के संपर्क मार्ग भी डूब गए हैं। इस कारण स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
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स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास पानी तेजी से बह रहा है। इसके बावजूद वहां से लोग वाहन निकाल रहे हैं। बाढ़ में डूबे हाईवे पर सोमवार को एक एंबुलेंस पानी के तेज बहाव में फंस गई। हालांकि, बाद में चालक ने सूझबूझ से उसे निकाल लिया, लेकिन हाईवे पर पानी थोड़ा भी बढ़ने की दशा में वाहनों का आवागमन कभी भी बंद हो सकता है।
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इसी हाईवे पर नगला बसोला गांव के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो गई है। हाईवे पर इन दोनों गांवों के बीच के हिस्से में तेजी से पानी एक ओर से दूसरी ओर निकल रहा है। पानी में घुसकर निकल रहे लोगों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा, जबकि हाईवे के इसी हिस्से में पिछले दिनों बाढ़ में बहने से मां-बेटी समेत कई लोगों की जान जा चुकी है।
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गंगा के किनारे बसे गांवों की ओर बढ़ते पानी ने वहां के किसानों को बेचैन कर दिया है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की बाढ़ से बची फसलें डूबने लगी हैं। किसानों का कहना है कि इस बार की बाढ़ ने फसलों का काफी नुकसान पहुंचाकर उनकी कमर तोड़ दी है।
आजादनगर गांव समेत आसपास के खेतों में पानी भर रहा है। गांव के लईक, ईशाक, नाजिम, साबिर आदि ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी घुस आया है और रास्ते जलमग्न हो जाने से बाहर आना-जाना बेहद कठिन हो गया है। दो बार बाढ़ चढ़ने-उतरने के बाद तीसरी बार पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों इस्लामनगर, कमथरी, चितार आदि के संपर्क मार्ग भी डूब गए हैं। इस कारण स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।