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गंगा, रामगंगा का जलस्तर घटा, कई गांव फिर भी बाढ़ से घिरे
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शाहजहांपुर/मिर्जापुर। कलान तहसील में गंगा, रामगंगा के जल स्तर में छह दिन बाद बृहस्पतिवार को थोड़ी कमी आई लेकिन इससे बाढ़ का कहर नहीं थमा। हालांकि, गंगा के तटवर्ती गांवों के अंदर घुसा पानी निकलने लगा है लेकिन ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरा आजादनगर, इस्लामनगर अभी तक बाढ़ से चौतरफा घिरे हैं। उधर, रामगंगा में पानी कम होने से परौर क्षेत्र के गांवों में भूमि कटान होने लगा है लेकिन बृहस्पतिवार को विभिन्न बैराजों से भारी मात्रा में पानी रिलीज होने के कारण शुक्रवार को रामगंगा का जल स्तर फिर बढ़ने की आशंका है। इधर, महानगर में गर्रा 20 सेमी घटकर 147.10 मीटर पर आ गई है लेकिन खन्नौत का जलस्तर 20 सेमी बढ़कर 144.90 मीटर हो गया है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुबह मिली रिपोर्ट के अनुसार भैंसार बांध पर गंगा दो सेमी घटकर 143.50 मीटर पर आ गई है लेकिन बृहस्पतिवार को नरौरा बैराज से 125733 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी में फिर उफान बढ़ सकता है। उधर, अन्य बैराजों से रिलीज पानी की मात्रा 18453 क्यूसेक से बढ़कर 62223 क्यूसेक हो जाने से शुक्रवार को रामगंगा का जलस्तर उछलना तय माना जा रहा है। खन्नौत में पानी बढ़ने से गहरे पेटे वाली यह नदी अब फैलाव लेने की ओर बढ़ रही है। नदी में बाढ़ का पानी शहर की इंदिरानगर कालोनी के किनारे बने मकानों की पिछली दीवारों को ठोकर मार रहा है। बारिश होने पर पानी कालोनी के अंदर जाने की आशंका पैदा हो गई है।
कई गांवों के लोगों को नहीं मिली राहत सामग्री
मिर्जापुर। कई दिन से गंगा के बढ़ रहे जलस्तर में कमी आने से बीते कई दिन से गंगा के खादर में बसे ग्राम आजाद नगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पैलानी उत्तरी और फर्रुखाबाद जिले के ग्राम चितार, कमथरी, चौंरा, समैचीपुर आदि के दर्जनों परिवारों को बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। करीब आठ दिन से बाढ़ग़्रस्त गांवों को जाने वाले पक्के मार्गों पर भरा पानी कम होने लगा है। प्रशासन ने बुधवार देर सायं आजादनगर के 108 परिवारों को राहत सामग्री देकर उनके आंसू पोंछने की कोशिश की लेकिन इस्लामनगर, मस्जिद नगला और पैलानी उत्तर के बाढ़ पीड़ितों को कोई राहत नहीं दी गई है। प्रधान फारुख अली ने बताया कि बुधवार को लेखपाल ने आजादनगर के अलावा ग्राम इस्लामनगर के दक्षिणी भाग, मस्जिद नगला और पैलानी उत्तरी में बाढ़ पीड़ितों का सर्वे कर सूची बनाई लेकिन इन गांवों के किसी बाढ़ पीड़ित के घरों को रोशन करने के लिए केरोसिन नहीं मिला। ढाईगांव निवासी सपा के जिला सचिव रिजवान अहमद ने प्रशासन से सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देने की मांग की है।
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आजादनगर से नावों पर निकलीं दो बारातें
बृहस्पतिवार को गंगा की बाढ़ से घिरे आजादनगर के सलीम पुत्र सैदू और रिंकू पुत्र मन्ना की बारातें गांव से नाव पर बैठकर निकलीं। दूल्हों की नाव के पीछे शहनाई बजती हुई आई दूसरी नाव लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई। नाव से रोड पर पहुंची बारातें बोलेरो से बदायूं जिले के कादरचौक के लिए रवाना हो गईं।
परौर के गांवों में रामगंगा से हो रहा भूमि कटान
परौर। क्षेत्र के गांवों में रामगंगा से भूमि कटान कई दिन से हो रहा है लेकिन नदी उतार पर आने से जमीन तेजी से कटने लगी है। मोहनपुर, बिचपुरी, नारायण नगर पश्चिमी कटान से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं लेकिन अभी कृषि भूमि और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीमें सक्रिय नहीं हुई हैं। कुछ किसान नुकसान का जायजा लेने के लिए रामगंगा पार अपने खेतों की ओर जाना चाहते हैं लेकिन उनके लिए नाव की व्यवस्था नहीं की गई। गांव के उदयवीर सिंह, राजीव सिंह चौहान, धनपाल सिंह कश्यप, अर्पित कुशवाहा, मदन पाल सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने प्रशासन से तत्काल नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सूचीबद्ध कराने का काम कराया जा रहा है। लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर सभी जरूरतमंद परिवारों को केरोसिन और राहत सामग्री किट का वितरण कराया जाएगा। जिन ग्रामीणों की जमीनें गंगा, रामगंगा मेें कट चुकी हैं या फिर कटान के कगार पर हैं, उनके फसली नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है।
- रमेश बाबू, एसडीएम कलान
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुबह मिली रिपोर्ट के अनुसार भैंसार बांध पर गंगा दो सेमी घटकर 143.50 मीटर पर आ गई है लेकिन बृहस्पतिवार को नरौरा बैराज से 125733 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी में फिर उफान बढ़ सकता है। उधर, अन्य बैराजों से रिलीज पानी की मात्रा 18453 क्यूसेक से बढ़कर 62223 क्यूसेक हो जाने से शुक्रवार को रामगंगा का जलस्तर उछलना तय माना जा रहा है। खन्नौत में पानी बढ़ने से गहरे पेटे वाली यह नदी अब फैलाव लेने की ओर बढ़ रही है। नदी में बाढ़ का पानी शहर की इंदिरानगर कालोनी के किनारे बने मकानों की पिछली दीवारों को ठोकर मार रहा है। बारिश होने पर पानी कालोनी के अंदर जाने की आशंका पैदा हो गई है।
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कई गांवों के लोगों को नहीं मिली राहत सामग्री
मिर्जापुर। कई दिन से गंगा के बढ़ रहे जलस्तर में कमी आने से बीते कई दिन से गंगा के खादर में बसे ग्राम आजाद नगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पैलानी उत्तरी और फर्रुखाबाद जिले के ग्राम चितार, कमथरी, चौंरा, समैचीपुर आदि के दर्जनों परिवारों को बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। करीब आठ दिन से बाढ़ग़्रस्त गांवों को जाने वाले पक्के मार्गों पर भरा पानी कम होने लगा है। प्रशासन ने बुधवार देर सायं आजादनगर के 108 परिवारों को राहत सामग्री देकर उनके आंसू पोंछने की कोशिश की लेकिन इस्लामनगर, मस्जिद नगला और पैलानी उत्तर के बाढ़ पीड़ितों को कोई राहत नहीं दी गई है। प्रधान फारुख अली ने बताया कि बुधवार को लेखपाल ने आजादनगर के अलावा ग्राम इस्लामनगर के दक्षिणी भाग, मस्जिद नगला और पैलानी उत्तरी में बाढ़ पीड़ितों का सर्वे कर सूची बनाई लेकिन इन गांवों के किसी बाढ़ पीड़ित के घरों को रोशन करने के लिए केरोसिन नहीं मिला। ढाईगांव निवासी सपा के जिला सचिव रिजवान अहमद ने प्रशासन से सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देने की मांग की है।
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आजादनगर से नावों पर निकलीं दो बारातें
बृहस्पतिवार को गंगा की बाढ़ से घिरे आजादनगर के सलीम पुत्र सैदू और रिंकू पुत्र मन्ना की बारातें गांव से नाव पर बैठकर निकलीं। दूल्हों की नाव के पीछे शहनाई बजती हुई आई दूसरी नाव लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई। नाव से रोड पर पहुंची बारातें बोलेरो से बदायूं जिले के कादरचौक के लिए रवाना हो गईं।
परौर के गांवों में रामगंगा से हो रहा भूमि कटान
परौर। क्षेत्र के गांवों में रामगंगा से भूमि कटान कई दिन से हो रहा है लेकिन नदी उतार पर आने से जमीन तेजी से कटने लगी है। मोहनपुर, बिचपुरी, नारायण नगर पश्चिमी कटान से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं लेकिन अभी कृषि भूमि और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीमें सक्रिय नहीं हुई हैं। कुछ किसान नुकसान का जायजा लेने के लिए रामगंगा पार अपने खेतों की ओर जाना चाहते हैं लेकिन उनके लिए नाव की व्यवस्था नहीं की गई। गांव के उदयवीर सिंह, राजीव सिंह चौहान, धनपाल सिंह कश्यप, अर्पित कुशवाहा, मदन पाल सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने प्रशासन से तत्काल नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सूचीबद्ध कराने का काम कराया जा रहा है। लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर सभी जरूरतमंद परिवारों को केरोसिन और राहत सामग्री किट का वितरण कराया जाएगा। जिन ग्रामीणों की जमीनें गंगा, रामगंगा मेें कट चुकी हैं या फिर कटान के कगार पर हैं, उनके फसली नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है।
- रमेश बाबू, एसडीएम कलान