{"_id":"661f084d68556a485b0bcf65","slug":"villager-commits-suicide-by-hanging-himself-before-his-daughters-marriage-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-116943-2024-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: बेटी की शादी से पहले ग्रामीण ने फंदे से लटककर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: बेटी की शादी से पहले ग्रामीण ने फंदे से लटककर दी जान
Wed, 17 Apr 2024 04:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 17 Apr 2024 04:52 AM IST
विज्ञापन
मृतक रामआसरे का फाइल फोटो। स्रोत परिजन
कांट। गांव कमलनैनपुर निवासी रामआसरे (56) ने गांव के बाहर आम के पेड़ में फंदे से लटककर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, मई में होने वाली बेटी की शादी के लिए धन की व्यवस्था न होने से वह मानसिक रूप से परेशान थे। उन पर बैंक का कर्ज भी था।
रामआसरे के पास पांच बीघा जमीन थी। वह खेती करने के साथ ही ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। सोमवार शाम को परिवार के लोग खेत पर चले गए, तब वह घर से निकल गए। रातभर घर नहीं लौटे। सुबह करीब सात बजे उनका शव गांव के बाहर आम के पेड़ में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। सूचना पर सीओ सदर अमित चौरसिया व थाना प्रभारी दयाशंकर ने मौका-मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
परिजनों के अनुसार, रामआसरे ने अपनी बेटी की शादी जलालाबाद में तय की थी। मई में शादी होनी थी। विवाह के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। दूसरी ओर बैंक से लिए एक लाख 40 हजार रुपये के फसली ऋण की किस्त अदा नहीं करने के चलते नोटिस भी आ चुका था। इसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे। रामआसरे अपने पीछे बेटी मोना, महिमा, संजना और काव्या व एक बेटा शिवांशु को छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
सामूहिक विवाह योजना में नहीं आया था नाम
-परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था। उसमें नाम नहीं आ सका था। हालांकि, नाम न आने का कारण उन्हें नहीं पता। बेटी की शादी को लेकर रामआसरे काफी परेशान थे।
-- -- -- -- -- --
-रामआसरे के ऊपर बैंक का कर्ज होने की बात पूछताछ में सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है।
अमित चौरसिया, सीओ सदर
विज्ञापन
रामआसरे के पास पांच बीघा जमीन थी। वह खेती करने के साथ ही ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। सोमवार शाम को परिवार के लोग खेत पर चले गए, तब वह घर से निकल गए। रातभर घर नहीं लौटे। सुबह करीब सात बजे उनका शव गांव के बाहर आम के पेड़ में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। सूचना पर सीओ सदर अमित चौरसिया व थाना प्रभारी दयाशंकर ने मौका-मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार, रामआसरे ने अपनी बेटी की शादी जलालाबाद में तय की थी। मई में शादी होनी थी। विवाह के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। दूसरी ओर बैंक से लिए एक लाख 40 हजार रुपये के फसली ऋण की किस्त अदा नहीं करने के चलते नोटिस भी आ चुका था। इसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे। रामआसरे अपने पीछे बेटी मोना, महिमा, संजना और काव्या व एक बेटा शिवांशु को छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
सामूहिक विवाह योजना में नहीं आया था नाम
-परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था। उसमें नाम नहीं आ सका था। हालांकि, नाम न आने का कारण उन्हें नहीं पता। बेटी की शादी को लेकर रामआसरे काफी परेशान थे।
-रामआसरे के ऊपर बैंक का कर्ज होने की बात पूछताछ में सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है।
अमित चौरसिया, सीओ सदर