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ग्राम प्रधानों ने प्रदर्शन करके डीएम को सौंपे त्यागपत्र
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 24 Aug 2015 09:18 PM IST
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ग्राम निधि मद में लंबे समय से राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत धनराशि की मांग कर रहे भावलखेड़ा ब्लॉक के ग्राम प्रधानों ने इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं होने पर सोमवार को विकास भवन कैंपस में प्रदर्शन करके अपना गुस्सा उड़ेला। बाद में डीएम शुभ्रा सक्सेना से भेंट की और उन्हें अपने सामूहिक त्यागपत्र सौंप दिए। हालांकि, डीएम ने ग्राम प्रधानों के त्यागपत्र इस आश्वासन के साथ अस्वीकार कर दिए कि ग्राम निधि की धनराशि संबंधित खातों में भेजने की कार्यवाही जल्द अमल में लाई जाएगी।
चुनावी माहौल अपने पक्ष में करने की ललक
दरअसल, पंचायत चुनाव नजदीक आ जाने से मौजूदा ग्राम प्रधान ग्राम पंचायतों के अवशेष विकास कार्य जल्द पूरे कराकर चुनावी माहौल अपने पक्ष में बनाना चाह रहे हैं। बावजूद इसके ग्राम निधि के खाते खाली पड़े हैं, क्योंकि गत मार्च के बाद से उन्हें राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत धनराशि नहीं मिल पाई है। इस मुद्दे को लेकर पहले भी विभिन्न ब्लॉकों के ग्राम प्रधान तत्कालीन सीडीओ राम मनोहर मिश्रा को विरोध स्वरूप अपने सामूहिक इस्तीफे दे चुके हैं।
इसलिए भड़क उठा ग्राम प्रधानों का रोष
उस वक्त भी सीडीओ ने ग्राम निधि के खातों में धनराशि जल्दी भिजवाने का आश्वासन देकर उन्हें मना लिया था, लेकिन बाद में उनका तबादला होने पर लंबे समय तक सीडीओ पद रिक्त रहने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उनके बाद आए वर्तमान सीडीओ पुलकित खरे ने भी प्रधानों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। नतीजे में भावलखेड़ा ब्लॉक के प्रधानों का गुस्सा भड़क उठा। विरोध की रणनीति के तहत उन्होंने सामूहिक त्यागपत्र तैयार किए और सोमवार को विकास भवन जाकर शासन-प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
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डीएम को बताई त्याग पत्र देने की वजह
प्रदर्शन में शामिल ग्राम प्रधानों ने डीएम को 38 ग्राम प्रधानों की सामूहिक इस्तीफे वाली सूची सौंपते हुए कहा कि ग्राम निधि में राज्य वित्त का पैसा नहीं भेजे जाने से मानदेय भुगतान, हैंड पंपों की मरम्मत और बरसात के पानी के निकास की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस संबंध में कई बार सूचनाएं और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं जिस कारण उन सभी प्रधान गणों की छवि धूमिल हो रही है।
प्रदर्शन में यह सभी ग्राम प्रधान रहे शामिल
प्रदर्शन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान सर्वेंद्र सिंह, जयराम, कलावती, अंजू यादव, राधेश्याम, रामचरण, अशोक कुमार, राबिया, रामनरेश, नानक चंद्र, फूल सिंह यादव, सुखलाल, पिंकी देवी, शांति देवी, ईश्वर चंद्र पांडेय, सुरेंद्र कुमार, इलियास खां, खुरशीदा बेगम, छंगा लाल, सावित्री, नरेश चंद्र, गुड्डी देवी, काले उर्फ बहादुर, राजकुमार आदि शामिल रहे। इन सभी को डीएम ने आश्वस्त किया कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
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चुनावी माहौल अपने पक्ष में करने की ललक
दरअसल, पंचायत चुनाव नजदीक आ जाने से मौजूदा ग्राम प्रधान ग्राम पंचायतों के अवशेष विकास कार्य जल्द पूरे कराकर चुनावी माहौल अपने पक्ष में बनाना चाह रहे हैं। बावजूद इसके ग्राम निधि के खाते खाली पड़े हैं, क्योंकि गत मार्च के बाद से उन्हें राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत धनराशि नहीं मिल पाई है। इस मुद्दे को लेकर पहले भी विभिन्न ब्लॉकों के ग्राम प्रधान तत्कालीन सीडीओ राम मनोहर मिश्रा को विरोध स्वरूप अपने सामूहिक इस्तीफे दे चुके हैं।
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इसलिए भड़क उठा ग्राम प्रधानों का रोष
उस वक्त भी सीडीओ ने ग्राम निधि के खातों में धनराशि जल्दी भिजवाने का आश्वासन देकर उन्हें मना लिया था, लेकिन बाद में उनका तबादला होने पर लंबे समय तक सीडीओ पद रिक्त रहने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उनके बाद आए वर्तमान सीडीओ पुलकित खरे ने भी प्रधानों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। नतीजे में भावलखेड़ा ब्लॉक के प्रधानों का गुस्सा भड़क उठा। विरोध की रणनीति के तहत उन्होंने सामूहिक त्यागपत्र तैयार किए और सोमवार को विकास भवन जाकर शासन-प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
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डीएम को बताई त्याग पत्र देने की वजह
प्रदर्शन में शामिल ग्राम प्रधानों ने डीएम को 38 ग्राम प्रधानों की सामूहिक इस्तीफे वाली सूची सौंपते हुए कहा कि ग्राम निधि में राज्य वित्त का पैसा नहीं भेजे जाने से मानदेय भुगतान, हैंड पंपों की मरम्मत और बरसात के पानी के निकास की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस संबंध में कई बार सूचनाएं और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित हो रहे हैं जिस कारण उन सभी प्रधान गणों की छवि धूमिल हो रही है।
प्रदर्शन में यह सभी ग्राम प्रधान रहे शामिल
प्रदर्शन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान सर्वेंद्र सिंह, जयराम, कलावती, अंजू यादव, राधेश्याम, रामचरण, अशोक कुमार, राबिया, रामनरेश, नानक चंद्र, फूल सिंह यादव, सुखलाल, पिंकी देवी, शांति देवी, ईश्वर चंद्र पांडेय, सुरेंद्र कुमार, इलियास खां, खुरशीदा बेगम, छंगा लाल, सावित्री, नरेश चंद्र, गुड्डी देवी, काले उर्फ बहादुर, राजकुमार आदि शामिल रहे। इन सभी को डीएम ने आश्वस्त किया कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।