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सूदखोर के चंगुल में फिर एक परिवार, डीएम से लगाई गुहार
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शाहजहांपुर। सूदखोरों के मकड़जाल में एक और परिवार फंस गया है। एक महिला ने छह लाख रुपये एक सूदखोर से पांच प्रतिशत ब्याज पर लिए थे। इसके बाद सूदखोर ने महिला का मकान भी अपने नाम करा लिया। सूदखोर महिला के घर से जबरन कार भी ले आया। सूदखोर से तंग पीड़िता ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
सात जून कच्चे कटरा में रहने वाले दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने पत्नी और दो बच्चों समेत सूदखोर से तंग आकर फंदे सेलटककर जान दे दी थी। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला लौका अहमदपुर निवासी बबली वाजपेयी ने बुधवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह को प्रार्थना देकर बताया कि उसके पति मोहन वाजपेयी ने कारोबार करने के लिए थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला दिलाजाक के रहने वाले एक सूदखोर से कुछ समय पहले छह लाख रुपये पांच प्रतिशत ब्याज दर पर लिए थे। आरोप है कि तब सूदखोर ने उसका मकान का बैनामा अपने नाम करा लिया था।
पीड़ित ने 14 अक्तूबर को पुश्तैनी मकान बेचकर सूदखोर के सारे रुपये वापस कर दिये थे। पीड़ित ने सूदखोर से मकान वापस मांगा तो उसने इनकार कर दिया। बेघर होने से डरे पीड़ित ने करीब तीन माह पहले थाना सदर बाजार तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की तो थाने पर सूदखोर को बुलाकर पुलिस के सामने समझौता कराने की कोशिश की गई। सूदखोर ने समझौता मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद सूदखोर पीड़ित की कार और स्कूटी उसके घर से जबरन उठा लाया। 19 सितंबर को बबली अपने पति के साथ थाने से वापस घर जा रही थीं।
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आरोप है कि सूदखोर ने अपने साथियों के साथ बिस्मिल चौराहे के पास रोक लिया और जान से मारने की धमकी देकर मकान खाली करने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने बताया कि सूदखोर से इतना तंग आ चुके हैं कि वह परिवार समेत कई बार आत्महत्या करने का प्रयास कर चुुुका है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दवा व्यापारी ने परिवार सहित की थी खुदकुशी
दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता निवासी मोहल्ला कच्चा कटरा थाना चौक कोतवाली ने सूदखोर से तंग आकर सात जून 2021 को अपनी पत्नी रेशू गुप्ता, बेटे आर्यन उर्फ शिवांग गुप्ता बेटी अर्जिता गुप्ता के साथ फंदे से लटककर जान दे दी थी। मामले में अविनाश वाजपेयी निवासी मोहल्ला मरहइया थाना कांट के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप था कि अविनाश ब्याज पर अखिलेश को रुपये देने बाद उसका मकान अपने नाम लिखा लिया था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर अखिलेश ने परिवार सहित आत्महत्या कर ली थी।
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सात जून कच्चे कटरा में रहने वाले दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने पत्नी और दो बच्चों समेत सूदखोर से तंग आकर फंदे सेलटककर जान दे दी थी। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला लौका अहमदपुर निवासी बबली वाजपेयी ने बुधवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह को प्रार्थना देकर बताया कि उसके पति मोहन वाजपेयी ने कारोबार करने के लिए थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला दिलाजाक के रहने वाले एक सूदखोर से कुछ समय पहले छह लाख रुपये पांच प्रतिशत ब्याज दर पर लिए थे। आरोप है कि तब सूदखोर ने उसका मकान का बैनामा अपने नाम करा लिया था।
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पीड़ित ने 14 अक्तूबर को पुश्तैनी मकान बेचकर सूदखोर के सारे रुपये वापस कर दिये थे। पीड़ित ने सूदखोर से मकान वापस मांगा तो उसने इनकार कर दिया। बेघर होने से डरे पीड़ित ने करीब तीन माह पहले थाना सदर बाजार तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की तो थाने पर सूदखोर को बुलाकर पुलिस के सामने समझौता कराने की कोशिश की गई। सूदखोर ने समझौता मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद सूदखोर पीड़ित की कार और स्कूटी उसके घर से जबरन उठा लाया। 19 सितंबर को बबली अपने पति के साथ थाने से वापस घर जा रही थीं।
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आरोप है कि सूदखोर ने अपने साथियों के साथ बिस्मिल चौराहे के पास रोक लिया और जान से मारने की धमकी देकर मकान खाली करने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने बताया कि सूदखोर से इतना तंग आ चुके हैं कि वह परिवार समेत कई बार आत्महत्या करने का प्रयास कर चुुुका है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दवा व्यापारी ने परिवार सहित की थी खुदकुशी
दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता निवासी मोहल्ला कच्चा कटरा थाना चौक कोतवाली ने सूदखोर से तंग आकर सात जून 2021 को अपनी पत्नी रेशू गुप्ता, बेटे आर्यन उर्फ शिवांग गुप्ता बेटी अर्जिता गुप्ता के साथ फंदे से लटककर जान दे दी थी। मामले में अविनाश वाजपेयी निवासी मोहल्ला मरहइया थाना कांट के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप था कि अविनाश ब्याज पर अखिलेश को रुपये देने बाद उसका मकान अपने नाम लिखा लिया था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर अखिलेश ने परिवार सहित आत्महत्या कर ली थी।