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फंदे पर लटके मिले दो विवाहिताओं के शव
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सुख रानी का फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर/रौसरकोठी। थाना तिलहर और रामचंद्र मिशन क्षेत्र में दो विवाहिताएं फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं। तिलहर के गांव जोगीपुर में कोटेदार योगेंद्र सिंह की पत्नी सुखरानी (45) ने फंदे से लटककर जान दे दी। बेटे ने चाचा और चाची के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव रौसर कोठी में रोजा पावर प्लांट के कर्मचारी आलोक दीक्षित की पत्नी रजनी (45) का शव घर की छत पर रस्सी के फंदे से लटका मिला।
कोटेदार योगेंद्र सिंह तीन भाई हैं। पुलिस के मुताबिक पिछले सप्ताह परिवार की महिलाओं में बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ था। बताते हैं कि योगेंद्र रात में ट्यूबवेल से पानी लगाकर देर से घर लौटे और छत पर जाकर सो गए। उनकी पत्नी सुखरानी नीचे कमरे में थीं। शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे बड़ा पुत्र अनुज वर्मा घर पर आया। उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर मकान में कुंडी लगी हुई थी। वह किसी तरह घर के अंदर घुसा। कमरा खोला तब देखा कि उसकी मां सुखरानी फांसी के फंदे पर लटकी हुईं थीं।
सूचना पुलिस को दी गई। पुत्र अनुज वर्मा ने अपने चाचा प्रभु दयाल और चाची प्रेमा देवी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है। आरोप है कि परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसको लेकर उसके चाचा प्रभु दयाल और चाची प्रेमा देवी ने उसकी मां को अपशब्द कहते हुए घर से निकल जाने और जान देने की बात कही थी। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव रौसर कोठी निवासी आलोक दीक्षित रोजा पावर प्लांट में ठेकेदार के अधीन कार्य करते हैं। वह शुक्रवार रात करीब आठ बजे ड्यूटी चले गए थे। अचानक काम से रात 10 बजे घर पर आए तो काफी देर खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। फिर वह किसी तरह घर के भीतर आए। छत पर जाकर देखा तो उनकी पत्नी रजनी टिन शेड में रस्सी के फंदे से लटकी हुई मिली।
सूचना पर प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ आ गए। उन्होंने शव नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जानकारी पाकर मृतका के पिता कृष्ण कुमार निवासी हरिहरपुर थाना कांट भी आ गए। रजनी का विवाह वर्ष 2007 में आलोक के साथ हुआ था। उनका 11 साल का एक बेटा है। फिलहाल तहरीर नहीं दी गई है।
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कोटेदार योगेंद्र सिंह तीन भाई हैं। पुलिस के मुताबिक पिछले सप्ताह परिवार की महिलाओं में बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ था। बताते हैं कि योगेंद्र रात में ट्यूबवेल से पानी लगाकर देर से घर लौटे और छत पर जाकर सो गए। उनकी पत्नी सुखरानी नीचे कमरे में थीं। शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे बड़ा पुत्र अनुज वर्मा घर पर आया। उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर मकान में कुंडी लगी हुई थी। वह किसी तरह घर के अंदर घुसा। कमरा खोला तब देखा कि उसकी मां सुखरानी फांसी के फंदे पर लटकी हुईं थीं।
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सूचना पुलिस को दी गई। पुत्र अनुज वर्मा ने अपने चाचा प्रभु दयाल और चाची प्रेमा देवी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है। आरोप है कि परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसको लेकर उसके चाचा प्रभु दयाल और चाची प्रेमा देवी ने उसकी मां को अपशब्द कहते हुए घर से निकल जाने और जान देने की बात कही थी। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव रौसर कोठी निवासी आलोक दीक्षित रोजा पावर प्लांट में ठेकेदार के अधीन कार्य करते हैं। वह शुक्रवार रात करीब आठ बजे ड्यूटी चले गए थे। अचानक काम से रात 10 बजे घर पर आए तो काफी देर खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। फिर वह किसी तरह घर के भीतर आए। छत पर जाकर देखा तो उनकी पत्नी रजनी टिन शेड में रस्सी के फंदे से लटकी हुई मिली।
सूचना पर प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ आ गए। उन्होंने शव नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जानकारी पाकर मृतका के पिता कृष्ण कुमार निवासी हरिहरपुर थाना कांट भी आ गए। रजनी का विवाह वर्ष 2007 में आलोक के साथ हुआ था। उनका 11 साल का एक बेटा है। फिलहाल तहरीर नहीं दी गई है।